खान सर को मिली बड़ी राहत: पटना सिविल कोर्ट ने दी अग्रिम जमानत, बॉडीगार्ड्स को भी मिली राहत
पटना सिविल कोर्ट ने खान सर को अग्रिम जमानत दे दी है। साथ ही उनके जेल में बंद दोनों बॉडीगार्ड्स को भी जमानत मिल गई है। जानें क्या है पूरा मामला और किन धाराओं में दर्ज थी FIR।
पटना सिविल कोर्ट ने खान सर को अग्रिम जमानत दे दी है।
- Published: 13 Jul 2026, 11:34 AM IST
- Last Updated: 13 Jul 2026, 11:34 AM IST
Khan Sir bail: पटना के चर्चित शिक्षक और खान ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक 'खान सर' (फैजल खान) को बड़ी कानूनी राहत मिली है। सोमवार को पटना सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद उन्हें अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) दे दी गई है। इस फैसले के साथ ही मामले में जेल में बंद उनके दोनों बॉडीगार्ड्स को भी कोर्ट से जमानत मिल गई है।
आर्म्स एक्ट और हत्या की कोशिश की धाराओं में था केस
खान सर के खिलाफ आर्म्स एक्ट (शस्त्र अधिनियम) और हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में उनके वकील ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिस पर सोमवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
पहले ही पूरी हो चुकी थी सुनवाई
कानूनी प्रक्रिया के तहत इस मामले में सुनवाई पहले ही पूरी हो चुकी थी और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने खान सर उर्फ फैजल खान की क्रिमिनल हिस्ट्री (Criminal History) का विवरण मांगा था।
बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पुलिस की तरफ से केस फाइल पहले ही फाइनल कर दी गई थी, इस कारण केस का विस्तृत जिक्र नहीं हो पाया था। गौरतलब है कि इस मामले में पिछली सुनवाई 10 जुलाई को होनी थी, लेकिन जिला जज की अनुपस्थिति के कारण फैसला टल गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान के पास हुई एक गोलीबारी की घटना से जुड़ा है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके आधार पर कदमकुआं थाना पुलिस ने 4 जून 2026 को कांड संख्या 418/2026 दर्ज किया था।
इस प्राथमिकी (FIR) में खान सर, उनके दो सुरक्षा कर्मियों और अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की थी।
इस मामले में पुलिस ने खान सर के दोनों सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था, जिन्हें अब कोर्ट से राहत मिल गई है।