August 21, 2026

तानाशाह किम जोंग से मुलाकात की चाहत पर ट्रंप को झटका, उत्तर कोरिया ने बैठक के लिए रखीं सख्त शर्तें

तानाशाह किम जोंग से मुलाकात की चाहत पर ट्रंप को झटका, उत्तर कोरिया ने बैठक के लिए रखीं सख्त शर्तें

Trump Kim Jong Un meeting: राष्ट्रपति ट्रंप के संकेत के बाद साल के अंत तक उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग से मुलाकात की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि यह इतना आसान नहीं होगा. मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया ने अपनी शर्तें रख दी हैं.

Trump Kim Jong Un meeting: राष्ट्रपति ट्रंप के संकेत के बाद साल के अंत तक उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग से मुलाकात की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि यह इतना आसान नहीं होगा. मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया ने अपनी शर्तें रख दी हैं.

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Trump Kim Jong Un meeting

Trump Kim Jong Un meeting (रॉयटर्स)

Trump Kim Jong Un meeting: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग की मुलाकात की चर्चा तेज हो गई है. राष्ट्रपति ट्रंप के संकेत के बाद साल के अंत तक दोनों की मुलाकात की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि यह इतना आसान नहीं होगा. मुलाकात के लिए उत्तर कोरिया ने अपनी शर्तें रख दी हैं. 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस साल के अंत में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से फिर मुलाकात करना चाहते हैं. हालांकि, उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग की शुरुआती प्रतिक्रिया से लगता है कि वह इतनी जल्दी बातचीत के लिए तैयार नहीं है. उत्तर कोरिया ने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों को अच्छा बताया है, लेकिन अमेरिका के साथ बातचीत के लिए अपनी शर्तें भी रखी हैं.

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ट्रंप ने मुलाकात की दिखाई थी दिलचस्पी

बता दें कि इस सप्ताह ट्रंप ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले संयुक्त अमेरिकी सैन्य अभ्यासों में कटौती की. उन्होंने इन अभ्यासों को उत्तर कोरिया के लिए "शत्रुतापूर्ण" बताया. इसके बाद बुधवार को ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस साल के अंत में किम से उनकी मुलाकात हो सकती है. अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, ट्रंप उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर शुरू करना चाहते हैं. इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल करने का मौका भी मिल सकता है.

ईरान संघर्ष के दौरान मुलाकात की चर्चा

ट्रंप की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान के साथ करीब छह महीने से जारी संघर्ष खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं. दूसरी ओर, उत्तर कोरिया रूस के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है और यूक्रेन युद्ध में मॉस्को की मदद के लिए सैनिकों और सैन्य सामान की आपूर्ति कर रहा है. 

ट्रंप-किम की कब हो सकती है मुलाकात का बन सकता है मौका

सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप इस साल के अंत में चीन के शेनझेन में होने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए जा सकते हैं. ऐसे में अगर उत्तर कोरिया बातचीत के लिए तैयार होता है तो दोनों नेताओं की मुलाकात का रास्ता बन सकता है. 

अमेरिका बिना शर्त बातचीत को तैयार

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिका बिना किसी शर्त के उत्तर कोरिया से बातचीत के लिए तैयार है, उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर ट्रंप और किम फिर मुलाकात करेंगे. दक्षिण कोरिया ने भी ट्रंप के बयान का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे उत्तर कोरिया के साथ सार्थक बातचीत शुरू हो सकती है.

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किम की बहन ने अमेरिका को दिया संदेश

किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास में कटौती को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि अभ्यास जारी रहना अभी भी आक्रामक कदम है और उत्तर कोरिया के प्रति अमेरिका की नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है. उन्होंने ट्रंप और किम के बीच हाल में किसी संपर्क से भी इनकार किया। हालांकि, उन्होंने दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों को "उत्कृष्ट" बताया.

दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक, गुरुवार को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तट से करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास के विरोध में किया गया कदम हो सकता है.

परमाणु मुद्दा सबसे बड़ी अड़चन

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ट्रंप और किम के बीच नई बैठक होती है तो परमाणु हथियार सबसे बड़ा मुद्दा रह सकता है. वॉशिंगटन स्थित स्टिमसन सेंटर की वरिष्ठ फेलो जेनी टाउन ने कहा कि उत्तर कोरिया चाहता है कि अमेरिका अपनी नीति में बड़ा बदलाव करे. इसमें उत्तर कोरिया के खिलाफ शत्रुतापूर्ण माने जाने वाले कदमों को हटाना और उसकी परमाणु स्थिति को स्वीकार करना शामिल हो सकता है. हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ किया है कि अमेरिका उत्तर कोरिया के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्य से पीछे नहीं हटा है.