August 21, 2026

इंसानी दखल से कॉरिडोर को खतरा: ओखलेश्वर-चोरल-कालाकुंड से गुजरते हैं टाइगर - Indore News

इंसानी दखल से कॉरिडोर को खतरा:ओखलेश्वर-चोरल-कालाकुंड से गुजरते हैं टाइगर

इंदौर29 मिनट पहलेलेखक: संजय रजक

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इंदौर वन मंडल के चोरल, महू और मानपुर क्षेत्र में कभी बाघ, तेंदुए, हिरण, सांभर, चीतल, नीलगाय और लकड़बग्घे जैसे वन्यजीवों की तादाद बहुत थी।

पिछले 15 सालों में इन क्षेत्रों में इंसानी दखल लगातार बढ़ा है। जंगलों में बाइक राइडिंग, कैंप फायर, ट्रैकिंग के नाम पर लोग अधिक अंदर तक पहुंच रहे हैं।

वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स के मुताबिक वर्ष 2010 में चोरल नदी में पहली बार टाइगर के पगमार्क मिले थे। टाइगर का मूवमेंट रूट उदयनगर, ओखलेश्वर, चोरल, कालाकुंड, राजपुरा, उमठ और मानपुर होते हुए खरगोन वन मंडल की ओर है। इन क्षेत्रों में इंसानी दखल बढ़ रहा है। अगर जल्द एक्शन नहीं लिया गया तो बाघों का यह कॉरिडोर प्रभावित हो सकता है।

पूर्व पीसीसीएफ पीसी दुबे के मुताबिक कालाकुंड, कजलीगढ़, कुशलगढ़, जानापाव, चोरल डेम, वाचू पॉइंट, नाचनबोर और बेका से लगे जंगली क्षेत्रों में अब वन्यजीवों की मौजूदगी बेहद कम रह गई है। लगातार इंसानी आवाजाही वाले क्षेत्रों से वन्यजीव अपेक्षाकृत शांत इलाकों की ओर चले जाते हैं।

दुबे के मुताबिक अनधिकृत रूप से जंगल में प्रवेश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिन क्षेत्रों में वन्यजीवों की मौजूदगी कम हुई है, वहां उनके प्राकृतिक आवास और भोजन की उपलब्धता को फिर मजबूत करने की जरूरत है।

चीतल, काला हिरण, सांभर जैसे शाकाहारी वन्यजीवों के संरक्षण और उनके लिए अनुकूल परिस्थितियां विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए। इससे तेंदुए और बाघ जैसे वन्यजीवों के लिए भोजन की उपलब्धता बढ़ेगी।

ऑफ रोडिंग-स्टंट की होगी जांच

जंगल में तेंदुए-बाघ की टेरिटरी और नदी में ऑफ-रोडिंग, स्टंट पर दैनिक भास्कर की खबर के बाद इंदौर वन मंडल के वनमंडलाधिकारी डॉ. लाल सुधाकर सिंह ने इसकी जांच के निर्देश दिए हैं। वनमंडलाधिकारी ने गुरुवार को जारी पत्र में निगरानी बढ़ाने को भी कहा है।

निर्देश : पुलिस की मदद से कार्रवाई करें स्टंट, ऑफ-रोडिंग और तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगेगी। {पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मदद से कार्रवाई होगी। {अनधिकृत प्रवेश और जंगल में कचरा फैलाने पर कार्रवाई होगी। {संवेदनशील स्थानों पर गश्त और निगरानी बढ़ेगी। {अधिकारियों को नियमित निगरानी और कार्रवाई की रिपोर्टिंग करनी होगी।

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