August 20, 2026

New Cancer therapy : सर्जरी के बाद दोबारा कैंसर फैलने से रोका जा सकेगा, आई नई वैक्सीन थेरेपी, ऐसे करेगी काम

कैंसर की सर्जरी सफल हो जाने के बाद भी मरीज और डॉक्टरों के सामने एक बड़ा डर बना रहता है. कहीं बीमारी दोबारा वापस न आ जाए. खासकर स्किन कैंसर जिसे मेलानोमा कहते हैं उनमें कैंसर सेल्स इलाज के बाद भी शरीर में दोबारा फैल सकती हैं. अब इस चुनौती से निपटने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है. मॉडर्ना और मर्क कंपनी की एक नई थेरेपी ने कैंसर की रोकथाम में फेज-3 ट्रायल में अच्छे नतीजे दिखाए हैं. यह एक mRNA थेरेपी है, जिसकी मदद से मेलानोमा कैंसर को फिर से होने से रोका जा सकता है.

इस थेरेपी को दो कॉम्बिनेशन मिलाकर तैयार किया गया है. इसमें मॉडेर्ना की पर्सनलाइज्ड  कैंसर वैक्सीन इंटिस्मेरन और  मर्क कंपनी की दवा कीट्रुडा को साथ मिलाकर दिया गया है. वैक्सीन और स्किन कैंसर की दवा को साथ मिलाकर जो थेरेपी बनी है वह स्किन कैंसर को दोबारा लौटने से रोकने में मदद करती है. इसमे वैज्ञानिक मरीज के ट्यूमर की जांच कर उसमें मौजूद खास जेनेटिक बदलावों यानी म्यूटेशन की पहचान करते हैं. किस मरीज में कैंसर का कौन सा म्यूटेशन है उसके हिसाब से हर व्यक्ति के लिए अलग थेरेपी तैयार की जाती है. यह थेरेपी इम्यून सिस्टम को एक्टिव करके कैंसर सेल्स को पहचानते हैं और उनपर अटैक करते हैं. 

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फेज-3 ट्रायल में क्या मिला?

फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल में स्किन कैंसर के उन मरीजों को शामिल किया गया, जिनका कैंसर सर्जरी के जरिए पूरी तरह निकाल दिया गया था. इन मरीजों को यह थेरेपी दी गई है. ट्रायल में पता चला कि इससे कैंसर के दोबारा लौटने के के रिस्क को कम करने में मदद मिली है. इस ट्रायल से यह पता चला कि यह थेरेपी एक तरह से कैंसर का पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट है. 

हर मरीज के कैंसर के हिसाब से बनेगी थेरेपी

अब तक कई कैंसर दवाएं बड़ी संख्या में मरीजों के लिए एक ही तरह से तैयार की जाती रही हैं. यानी हर मरीज के लिए एक जैसी दवा भले ही उसके कैंसर में म्यू्टेशन अलग- अलग प्रकार के हों, लेकिन अब स्किन कैंसर के जिन मरीजों में बीमारी के दोबारा लौटने की आशंका है, उनके लिए शरीर के हिसाब से अलग mRNA थेरेपी तैयार की जा सकती है.

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पहले के ट्रायल में भी मिले थे उत्साहजनक नतीजे

इस फेज-3 ट्रायल से पहले फेज-2b ट्रायल में भी इस कॉम्बिनेशन के अच्छे नतीजे सामने आए थे. पांच साल के फॉलो-अप में इंटिस्मेरन और कीट्रुडाके कॉम्बिनेशन से कैंसर के दोबारा लौटने या मौत के रिस्क में 49% की कमी देखी गई थी. वहीं, कैंसर के शरीर के दूर के हिस्सों में फैलने या मौत के जोखिम में 59% की कमी दर्ज की गई थी, हालांकि फेज 3 ट्रायल के बाद कोई दवा, थेरेपी या वैक्सीन सीधे बाजार में नहीं आती है. दवा कंपनी को पहले डेटा की समीक्षा के लिए देश के स्वास्थ्य विभाग को नया आवेदन देना होता है. नियामक की मंजूरी मिलने के बाद ही दवा बाजार में बिक सकती है. 

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