पवित्र चिंगम महीने की पूजा-अर्चना के लिए सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। भक्त 21 अगस्त तक भगवान अयप्पा के दर्शन कर सकेंगे, जिसके बाद मंदिर को कुछ समय के लिए बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद ओणम के भव्य अनुष्ठानों के लिए मंदिर के कपाट 24 अगस्त को दोबारा खुलेंगे। त्योहार के दौरान होने वाली भारी भीड़ को देखते हुए भक्तों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से ही बना लें।
मंदिर का गर्भगृह सुबह की पूजा और प्रार्थना के लिए रोज तड़के 5 बजे खुलता है। वहीं, रात 10 बजे पारंपरिक 'हरिवरासनम' पाठ और रात की पूजा संपन्न होने के बाद कपाट बंद कर दिए जाते हैं। दोपहर में सन्निधानम में श्रद्धालुओं की कतार लंबी हो जाती है, इसलिए तड़के दर्शन करना ज्यादा आसान रहता है। हर शाम यहाँ 'नेय्याभिषेकम' और 'पडि पूजा' जैसे विशेष अनुष्ठानों में हिस्सा लेने के लिए हजारों भक्त पहुँच रहे हैं।
सबरीमाला चिंगम-ओणम पूजा: वर्चुअल कतार बुकिंग है अनिवार्य
सबरीमाला आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए आधिकारिक पोर्टल के जरिए वर्चुअल कतार (Virtual Queue) बुकिंग करना अनिवार्य है। भक्त आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी सुविधानुसार समय चुन सकते हैं। ध्यान रखें कि निलक्कल में चेकिंग के दौरान आपके पास एक वैध फोटो पहचान पत्र (Photo ID) होना जरूरी है। समय रहते पास बुक कर लेने से पंबा तक के पारंपरिक पैदल मार्ग पर यात्रा बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाती है।
श्रद्धालुओं के सफर को सुगम बनाने के लिए केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) विशेष बस सेवाएं चला रहा है। निलक्कल पार्किंग हब से पंबा बेस कैंप के बीच लगातार चेन बसें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा चेंगन्नूर और कोट्टायम जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों से भी सीधी बसें उपलब्ध हैं। इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए निजी वाहनों को निलक्कल पार्किंग में ही खड़ा करने की हिदायत दी गई है।
ओणम सप्ताह: श्रद्धालुओं के लिए जरूरी ट्रैवल टिप्स और रणनीति
ओणम के पांच दिवसीय विशेष उत्सव के लिए मंदिर 24 अगस्त को फिर से खुलेगा। मुख्य पर्व 'थिरुवोनम' 26 अगस्त को है, जब इस पूरे सीजन की सबसे ज्यादा भीड़ जुटने की संभावना है। पहाड़ी रास्तों पर हल्की बारिश ट्रैकिंग को प्रभावित कर सकती है, इसलिए श्रद्धालु स्थानीय मौसम के अपडेट पर जरूर नज़र रखें। यात्रा के दौरान आराम के लिए पथानामथिट्टा के आसपास रुकने की व्यवस्था पहले से कर लेना समझदारी होगी।
ओणम के व्यस्त दिनों के मुकाबले चिंगम महीने की इस शुरुआती अवधि में दर्शन करना काफी आसान और सुकूनभरा रहता है। तड़के के समय दर्शन और बसों की एडवांस बुकिंग आपकी आध्यात्मिक यात्रा को बेहद सहज बना सकती है। भगवान अयप्पा के दर्शन के लिए आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। समय रहते टिकट और ट्रैवल प्लान तैयार करके आप एक शांतिपूर्ण और सुखद तीर्थयात्रा का आनंद ले सकते हैं।