August 16, 2026

रवि शंकर प्रसाद ने पी. चिदंबरम पर बोला हमला: कहा- ‘दिमागी रूप से नक्सली’, उन जगहों पर अब शांति जहां माओवाद का था प्रभाव - Patna News

रवि शंकर प्रसाद ने पी. चिदंबरम पर बोला हमला:कहा- ‘दिमागी रूप से नक्सली’, उन जगहों पर अब शांति जहां माओवाद का था प्रभाव

पटना5 घंटे पहले

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पटना में रविवार को बीजेपी ऑफिस में रवि शंकर प्रसाद ने पीसी की। उन्होंने कहा कि पी. चिदंबरम के ‘दिमागी रूप से नक्सली’ वाले बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि चिदंबरम को समझ नहीं आ रहा कि वे क्या और क्यों बोल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चिदंबरम ने अपने कार्यकाल में ऐसे कई लोगों से मुलाकात की थी, जिनसे बातचीत के लिए तैयार होने की बात कही गई थी, जबकि माओवादी हिंसा में BSF और CRPF के 72 जवान मारे गए थे।

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऐतिहासिक संबोधन में 2047 तक विकसित भारत का ब्लूप्रिंट रखा और माओवाद तथा नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने जब कुछ लोगों को ‘दिमागी रूप से नक्सली’ बताया, तो पी. चिदंबरम ने खुद को भी ‘दिमागी रूप से नक्सली’ बताया। बीजेपी नेता ने सवाल किया कि चिदंबरम अपने इस बयान का मतलब स्पष्ट करें।

नक्सली हिंसा और अत्याचार वाले इलाकों का किया जिक्र

उन्होंने कहा कि आज बस्तर में तिरंगा लहरा रहा है। जिन इलाकों में कभी तिरंगा फहराना और वहां जाना भी मुश्किल था, वहां आज शांति और खुशहाली है। उन्होंने जहानाबाद समेत उन इलाकों का जिक्र किया जहां कभी नक्सली हिंसा और अत्याचार का दौर था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान का मतलब ऐसे लोगों से है, जो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में बैठकर नक्सलवाद को वैचारिक और आर्थिक रूप से समर्थन देते हैं तथा नक्सलियों के पक्ष में टीवी पर बयान देते हैं।

उन्होंने कहा कि माओवादी विचारधारा कभी यह मानती थी कि सत्ता बंदूक की नली से निकलती है, लेकिन आज देश के उन इलाकों में शांति है जहां कभी माओवाद का प्रभाव था। उन्होंने चिदंबरम के बयान को शर्मनाक और गैरजिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि जब देश के पूर्व गृह मंत्री इस तरह का बयान देते हैं तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार किस तरह चलती थी।

कांग्रेस पर लगाए कई आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का एक पूरा इकोसिस्टम माओवादी और नक्सली विचारधारा से सहयोग लेता रहा है और चिदंबरम भी उसी विचार का समर्थन करते थे। उन्होंने कहा कि कश्मीर के मामले में भी कांग्रेस का यही रवैया रहा, जबकि बीजेपी सरकार ने अनुच्छेद 370 को खत्म कर अलग नीति अपनाई।

उन्होंने कहा कि ‘अर्बन नक्सल’ भी ‘दिमागी नक्सल’ की विचारधारा का एक हिस्सा है। ऐसे लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में कुछ भी बोलने को तैयार रहते हैं और नक्सलवाद के खिलाफ देश की लड़ाई को कमजोर करने का काम करते हैं।

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