'सुधर जाओ वरना दुबारा आंदोलन करना पड़ेगा', आखिर बाबा रामदेव ने किसे दे डाली खुली चेतावनी?
Updated: Sunday, August 16, 2026, 10:07 [IST]
Baba Ramdev Education System: योग गुरु बाबा रामदेव ने देश की शिक्षा व्यवस्था और सरकारी भर्तियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर बिना किसी का नाम लिए सरकार और व्यवस्था को सुधारने की नसीहत दी है। हरिद्वार में उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षक, किताब, बिजली, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है।
कहीं नकल तो कहीं पेपर लीक की समस्या है। इसके बाद सरकारी नौकरी की भर्ती प्रक्रिया पर भी उन्होंने गंभीर सवाल खड़े किए। रामदेव ने कहा कि इंटरव्यू में कथित तौर पर अपने लोगों, जाति-वर्ग और संगठन से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि घपले नहीं सुधरे तो उन्हें दोबारा आंदोलन करना पड़ सकता है।
शिक्षा व्यवस्था पर क्यों भड़के बाबा रामदेव?
बाबा रामदेव ने सबसे पहले देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बच्चे शिकायत कर रहे हैं कि कई स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और कहीं बिजली, पानी व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने किताबों की कमी का भी जिक्र किया। रामदेव का कहना है कि जब शिक्षा की नींव ही कमजोर होगी तो बच्चों से बेहतर भविष्य की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
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पेपर लीक और नकल पर किसे सुधारने को कहा?
रामदेव ने परीक्षा व्यवस्था में फैली कथित गड़बड़ियों पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर नकल चरम पर है तो कहीं पेपर लीक हो जाता है। उनके मुताबिक 10वीं-12वीं पास करने के बाद भी छात्रों के लिए असली चुनौती प्रतियोगी परीक्षाएं होती हैं, क्योंकि विश्वविद्यालयों में दाखिले से लेकर आगे की राह तक मेरिट और प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाना जरूरी है।
सरकारी नौकरी के इंटरव्यू पर क्यों उठाए सवाल?
योग गुरु ने सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू प्रक्रिया को लेकर सबसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कई जगह इंटरव्यू के दौरान 90 से 99 प्रतिशत तक घोटाला होता है। रामदेव के मुताबिक विचार, संस्कार, संगठन, जाति-वर्ग और समुदाय के आधार पर अपने लोगों को नौकरी देने की कोशिश होती है, जबकि बाकी उम्मीदवारों को बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था को लोकतंत्र और न्याय, दोनों के खिलाफ बताया।
25 लाख से 1 करोड़ तक का जिक्र क्यों किया?
बाबा रामदेव ने भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार को लेकर बेहद गंभीर दावा किया। उन्होंने कहा कि जहां देश में 'सत्यमेव जयते' और 'यतो धर्मस्ततो जयः' जैसे आदर्शों की बात होती है, वहीं कुछ जगह इंटरव्यू से पहले ही उम्मीदवार तय होने और कथित तौर पर 25 लाख, 50 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये तक लिए जाने की बातें सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे घपलों को खत्म करना बेहद जरूरी है।
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आखिर किसे सुधारने की नसीहत दे रहे हैं रामदेव?
रामदेव ने किसी सरकार, नेता या संगठन का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना पूरी व्यवस्था पर दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि देश में घपले बहुत हैं और इन्हें ठीक कर लेना चाहिए, वरना ऐसा न हो कि उन्हें दोबारा आंदोलन करना पड़े। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि वह आंदोलन के नाम पर अराजकता के समर्थक नहीं हैं। उनका संदेश व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही लाने की जरूरत पर केंद्रित रहा।