August 16, 2026

वल्गर सॉन्ग्स ना गाने पर मूवी माफिया बनाते थे दबाव, मगर अपने ही उसूलों पर चले कुमार सानू, सिंगर ने किया खुलासा

बॉलीवुड इंडस्ट्री में एक से बढ़कर एक सिंगर्स रहे हैं जिन्होंने दर्शकों तक राज किया है और आज भी खूब सुने जाते हैं. ऐसे ही एक सिंगर हैं कुमार सानू. 90s के दशक में कुमार सानू जैसी पॉपुलैरिटी किसी दूसरे सिंगर की नहीं थी. वे इंडस्ट्री के मोस्ट डिमांडिंग सिंगर थे. उन्होंने इसी दौरान लगातार 5 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते थे. उनकी टक्कर का कोई भी सिंगर नहीं था. लेकिन इतने पावरफुल सिंगर होने के बाद भी उस दौरान इंडस्ट्री का माहौल ऐसा था जिसकी वजह से कुमार सानू को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

हालिया इंटरव्यू के दौरान कुमार सानू ने प्रेशर की बात की है. भले ही वे अपने दौर के सबसे ज्यादा सुने जाने वाले सिंगर थे. लेकिन इसके बाद भी सानू को प्रेशर था. उन्हें किसी से कॉम्पिटिशन का प्रेशर नहीं था बल्कि मूवी माफिया का प्रेशर था और उन्हें बार-बार वल्गर सॉन्ग्स गाने के लिए फोर्स किया जाता था.

कुमार सानू ने इंटरव्यू के दौरान कहा- मेरा हमेशा से एक उसूल था कि मैं फिल्मों में कभी भी वल्गर गाने नहीं गाता था. लेकिन एक दो मौके ऐसे थे जब मुझे अपने उसूलों के साथ समझौता करना पड़ा था. मेरे ऊपर ऐसा प्रेशर था कि मैं अगर उस दौरान वो गाने ना गाता तो चीजें मेरे पक्ष में ना होतीं. ऐसे एक-दो गाने मैंने गाए हैं जो अशिष्ट हैं. इसमें ‘राज गया तबला तबेले में’ शामिल है. इसके अलावा मैंने हमेशा से ही वल्गर गानों को नकारा है. मैं अभी तक अपने इस प्रिंसपल पर अमल हूं. इसमें एक चीज ये होती है कि पता नहीं मेरा नुकसान तो बहुत हुआ लेकिन मैंने उस ओर कभी ध्यान नहीं दिया.

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कई बड़ी फिल्मों में कुमार सानू ने गाए गीत

कुमार सानू की बात करें तो बॉलीवुड के सबसे सफल प्लेबैक सिंगर्स में से एक रहे हैं और पिछले 4 दशक से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं. उन्होंने इस दौरान बाजीगर, राजा हिंदुस्तानी, 1942 अ लव स्टोरी, कुछ कुछ होता है, साजन और सड़क जैसी फिल्मों के लिए गाने गाए हैं. हालांकि अब वे पहले के मुकाबले कम गाने गाते हैं लेकिन अब भी फैंस उन्हें उतने ही चाव से सुनना पसंद करते हैं.

पुनीत उपाध्याय

पुनीत उपाध्याय

पत्रकारिता जगत में पूरे कर चुका हूं 4 साल. सिनेमा, साहित्य पर लिखने का शौक, कभी खोजी पत्रकार, कभी मौजी पत्रकार.

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