योगी सरकार का एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स पर बड़ा एक्शन, पनीर-घी-खोया समेत सब बैन
यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश में नकली पनीर और डेयरी प्रोडक्ट (Dairy Products) की बिक्री पर सख्त एक्शन लिया है। सरकार ने प्रदेश में सभी तरह के एनालॉग डेयरी उत्पादों (Analogue Dairy Products) के निर्माण, भंडारण और उनकी खुली बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है।

लखनऊ। यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश में नकली पनीर और डेयरी प्रोडक्ट (Dairy Products) की बिक्री पर सख्त एक्शन लिया है। सरकार ने प्रदेश में सभी तरह के एनालॉग डेयरी उत्पादों (Analogue Dairy Products) के निर्माण, भंडारण और उनकी खुली बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है। इस नए और कड़े आदेश के बाद अब प्रदेश में नकली और मिलावटी डेयरी आइटम (Dairy Products) नहीं बेचे जा सकेंगे। ताकि लोगों की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो सके।
पढ़ें :- जो 1.5 हजार रुपए नहीं दे पाए वो महिलाओं को 50 हजार रुपए क्या देंगे, इनकी किसी बात पर भरोसा मत करना: अखिलेश यादवसरकार की ओर से जारी किए गए इस प्रतिबंध के दायरे में कई मुख्य और आम इस्तेमाल होने वाले डेयरी प्रोडक्ट (Dairy Products) शामिल हैं। इस रोक के बाद अब बाजारों में एनालॉग पनीर, एनालॉग क्रीम, एनालॉग घी, एनालॉग छेना और एनालॉग खोया जैसी चीजें नहीं बनाई या बेची जा सकेंगी। इन सभी नकली और मिलावटी विकल्पों पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है ताकि असली दूध और उससे जुड़े शुद्ध प्रोडक्ट ही लोगों तक पहुंच सकें।
क्यों उठाया गया यह कड़ा कदम?
दरअसल, हाल ही में कई जगहों पर नकली डेयरी प्रोडक्ट (Spurious Dairy Products) बेचे जाने के मामले सामने आए थे। यह कड़ा कदम उठाने से पहले उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खाद्य विभाग की टीमों ने दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की व्यापक जांच की थी।
इस दौरान कई जगहों पर औचक निरीक्षण कर अधिकारियों ने सैंपल इकट्ठे किए थे। जब इन सभी नमूनों की लैब में जांच की गई, तो बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। जांच में यह बात खुलकर सामने आई कि बाजारों में बिकने वाले इन उत्पादों में भारी मात्रा में खतरनाक मिलावट की जा रही थी।
जांच के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों में रिफाइंड तेल, अलग-अलग तरह के फैट और सोयाबीन या उसके उत्पादों को मिलाए जाने के कई पुख्ता मामले सामने आए। मिलावट का यह खेल इससे कहीं ज्यादा खतरनाक स्तर पर चल रहा था। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इन नकली चीजों को तैयार करने के लिए टेल्कम पाउडर, हानिकारक डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड और लिक्विड ग्लूकोज जैसी चीजें धड़ल्ले से मिलाई जा रही थीं।
पढ़ें :- हम एक ऐसा उत्तर प्रदेश बना रहे हैं, जहां समृद्ध विरासत के साथ भविष्य की तकनीक भी होगी: सीएम योगीखतरनाक केमिकल्स का हो रहा था इस्तेमाल हालिया जांच में यह भी सामने आया कि मिलावट का दायरा यहीं नहीं रुका, बल्कि इसमें कई जहरीले केमिकल्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा था। दूध और खोए को गाढ़ा या सफेद दिखाने के लिए सेफोलाइट, रानीपॉल, टीनोपॉल, हाइड्रोजन परॉक्साइड और विभिन्न प्रकार के हानिकारक न्यूट्रीलाइजर के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। इस तरह के खतरनाक केमिकल्स और घटिया सामग्री को मिलाकर तैयार किए जा रहे ये नकली उत्पाद सीधे तौर पर आम इंसान की जिंदगी और सेहत के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुके थे।
#UttarPradesh : #UPFDA conducted raids at multiple dairy establishments in Ghaziabad. 868 kg paneer & 170 kg of khoya were destroyed on the spot.
The nationwide campaign of FSSAI against food adulteration continues with strict enforcement & vigilance by state FDAs.#FSSAIAction pic.twitter.com/C09l2Gondb— FSSAI (@fssaiindia) August 14, 2026
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत देश और राज्य में बहुत स्पष्ट और कड़े नियम बनाए गए हैं। इन नियमों के मुताबिक, दूध और उससे जुड़े किसी भी प्रोडक्ट का निर्माण और उसकी बिक्री हमेशा उसकी असली और मौलिक प्रकृति में ही की जानी चाहिए। इस तरह की खतरनाक मिलावट करके तैयार किए जा रहे दूध और डेयरी उत्पाद इंसानी स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रहे थे। ऐसे जानलेवा उत्पादों पर पूरी तरह रोक लगाना खाद्य सुरक्षा आयुक्त के मुख्य दायित्वों में शामिल है। इसी बड़ी जिम्मेदारी को निभाते हुए राज्य सरकार ने यह जरूरी फैसला लिया है, ताकि प्रदेश की जनता को शुद्ध, सुरक्षित और पौष्टिक खाद्य सामग्री मिल सके और लोग किसी भी गंभीर बीमारी की चपेट में आने से बच सकें।
पढ़ें :- CM योगी ने विधानसभा में किया ध्वजारोहण, प्रदेश वासियों की दीं स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएंइन टॉपिक्स पर और पढ़ें: