August 15, 2026

जयपुर में तीज की धूम: घेवर के लिए इन दुकानों पर उमड़ी भीड़, जानें बेस्ट रेट्स और टिप्स

आज 15 अगस्त को जयपुर में हरियाली तीज की जबरदस्त धूम है। त्योहार के इस खास मौके पर ताजा घेवर खरीदने के लिए पिंक सिटी के मिठाई बाजारों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। जौहरी बाजार और बापू बाजार की मशहूर दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों का तांता लगा हुआ है। अगर आप भी बेहतरीन क्वालिटी का घेवर पाना चाहते हैं, तो स्टॉक खत्म होने से पहले सुबह-सुबह खरीदारी कर लेना ही समझदारी होगी। सावन के इस पावन पर्व पर जालीदार घेवर का स्वाद ही हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

आज शाम करीब 5 बजे सिटी पैलेस के पास से तीज की भव्य शाही सवारी निकाली जाएगी। इस दौरान त्रिपोलिया बाजार और छोटी चौपड़ वाले रास्तों पर भारी ट्रैफिक डायवर्जन रहेगा। अगर आप सवारी देखने या शहर में घूमने निकल रहे हैं, तो जयपुर मेट्रो लेकर बड़ी चौपड़ पहुँचना सबसे आसान और आरामदायक तरीका रहेगा। ऐतिहासिक चारदीवारी के बाहर गाड़ी पार्क करके पैदल गलियों से जाना ज्यादा सही है, इससे आप जाम से बचेंगे और मशहूर मिठाई दुकानों तक जल्दी पहुँच सकेंगे।

Jaipur Teej 2026: Best Shops to Buy Authentic Ghevar and Traffic Guide for Procession

जयपुर में तीज का घेवर खरीदने के लिए बेस्ट दुकानें और उनकी रेट लिस्ट

मिर्जा इस्माइल (MI) रोड और आसपास की पुरानी मिठाई दुकानों पर आज पारंपरिक घेवर की ढेरों वैरायटी मौजूद हैं। जौहरी बाजार का 'लक्ष्मी मिष्ठान भंडार' अपने लाजवाब पनीर घेवर के लिए दुनिया भर में मशहूर है। वहीं 'रावत मिष्ठान भंडार' पर मलाई और मावा घेवर की सबसे ज्यादा माँग देखी जा रही है। अगर आप किफायती दाम में बेहतरीन चाशनी वाला घेवर चाहते हैं, तो 'सोढानी स्वीट्स' एक बढ़िया विकल्प है। शुद्ध देसी घी में तैयार इन घेवरों का पारंपरिक स्वाद और कुरकुरापन मानसून के इस त्योहार का मजा दोगुना कर देता है।

दुकान का नाम खास वैरायटी कीमत (प्रति किग्रा)
लक्ष्मी मिष्ठान भंडार पनीर और मलाई घेवर ₹600 - ₹1000 प्रति किग्रा
रावत मिष्ठान भंडार मावा और मलाई घेवर ₹550 - ₹900 प्रति किग्रा
सोढानी स्वीट्स प्लेन और राबड़ी घेवर ₹400 - ₹700 प्रति किग्रा
सांभर फिणी वाला पारंपरिक मीठा घेवर ₹450 - ₹800 प्रति किग्रा

घेवर खरीदने के जरूरी टिप्स और NCR के लिए ऑनलाइन विकल्प

बारिश के इस मौसम में घेवर खरीदते समय डिब्बे की लीक-प्रूफ पैकिंग पर खास ध्यान दें। अगर आप घेवर को कहीं दूर ले जा रहे हैं, तो दुकान के स्टाफ से चाशनी अलग से पैक करने को कहें। ध्यान रखें कि मलाई या राबड़ी वाले घेवर को ज्यादा से ज्यादा 48 घंटे के भीतर खा लेना चाहिए। त्योहार की शाम को लंबी लाइनों में लगने से बचने के लिए सुबह ही प्री-ऑर्डर कर लेना बेहतर रहता है। साथ ही घेवर लेते समय उसकी ताजगी जरूर जांच लें ताकि डिब्बे के अंदर उसका जालीदार कुरकुरापन बना रहे।

अगर आपको स्थानीय दुकान में घेवर नहीं मिल पा रहा है, तो आप तेजी से काम करने वाली ऑनलाइन डिलीवरी सर्विस की मदद ले सकते हैं। राजस्थान के प्रमुख स्वीट ब्रांड्स अब नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) तक असली पारंपरिक स्वाद पहुँचा रहे हैं। एक्सप्रेस डिलीवरी सेवाओं के जरिए वैक्यूम-पैक्ड डिब्बे सुरक्षित आपके घर तक पहुँचाए जाते हैं। थोड़ा पहले से प्लानिंग करके आप इस फेस्टिव वीकेंड में राजस्थान की इस मशहूर मिठाई का पूरा आनंद उठा सकते हैं।