पुणे में पानी कटौती पर अगले हफ्ते होगा अंतिम फैसला; डैम क्षेत्रों में भारी बारिश लेकिन पूर्वी हिस्सा अब भी सूख
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Written By:
रूपम सिंह
Updated On: Jul 12, 2026 | 04:13 PM IST
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सार
Pune Dam Storage: पुणे में पालकी यात्रा के लिए पानी कटौती से मिली अस्थायी राहत खत्म। खडकवासला और मुलशी डैम में भारी बारिश के बावजूद पिछले साल से कम जलभंडारण; अगले हफ्ते बैठक।

खडकवासला डैम (सोर्स: सोशल मीडिया)
विस्तार
Pune Khadakwasla Dam Storage: जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई मूसलाधार बारिश ने पुणे जिले में मॉनसून की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। 11 जुलाई तक के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले के पश्चिमी छोर पर स्थित डैम क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों में औसत से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई है। कई प्रमुख स्थानों पर पिछले साल की तुलना में इस बार बारिश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिससे जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
हालांकि, जिले का पूर्वी हिस्सा अभी भी एक अच्छी और संतोषजनक बारिश का इंतजार कर रहा है, वहां पश्चिमी इलाकों जैसी भारी वर्षा नहीं हुई है। इसी बीच, पुणे में जारी पानी कटौती को लेकर अगले सप्ताह अहम फैसला होने की उम्मीद है।
पालकी यात्रा के लिए नागरिकों को दी गई अस्थाई राहत की अवधि आज समाप्त हो रही है। पुणे शहर को पानी की मुख्य आपूर्ति करने वाले खडकवासला डैम परिसर में इस साल अब तक 411 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले साल इसी अवधि में हुई 390 मिलीमीटर बारिश से लगभग पांच प्रतिशत अधिक है।
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मुलशी डैम परिसर क्षेत्र मैं भी हुई भारी बरसात
इसके अलावा, टेमघर डैम क्षेत्र में 1,225 मिलीमीटर, वरसगांव में 1,555 मिलीमीटर और पानशेत में 985 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इन तीनों डैम क्षेत्रों में पिछले साल की तुलना में बारिश का आंकड़ा थोड़ा कम जरूर रहा है, लेकिन वर्तमान जलस्तर को देखते हुए इसे संतोषजनक माना जा रहा है।
दूसरी ओर, मुलशी डैम क्षेत्र में इस सीजन की सबसे जबरदस्त 2,696 मिलीमीटर बारिश देखने को मिली है, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह, पवना डैम क्षेत्र में भी 1,485 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी हिस्से में हुई इस भारी बारिश की वजह से प्रमुख डैमों के जलभंडारण में 13 टीएमसी की बढ़ोतरी हुई है, जिससे जल संकट से बड़ी राहत मिलेगी।
पूर्वी भाग की स्थिति ज्यादा चिंताजनक
- इसके विपरीत, पुणे जिले के पूर्वी भाग की स्थिति काफी अलग और चिंताजनक बनी हुई है।
- शिरूर, दौंड, बारामती, इंदापूर, पुरंदर और हवेली जैसे तहसीलों में पानी की कुल मात्रा अब भी जरूरत से काफी कम है।
- आंकड़ों के मुताबिक, इस सीजन में अब तक शिरूर में केवल 215 मिलीमीटर, दौंड में 169 मिलीमीटर और इंदापूर में मात्र 104 मिलीमीटर बारिश ही हो सकी है।
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पानी कटौती पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा
- पुणे महापौर मंजुषा नागपुरे ने बाताया की पालकी यात्रा के दौरान जलापूर्ति सुचारू रखने के लिए पानी कटौती का निर्णय पांच दिनों के लिए वापस लिया गया था। पुणे को पानी देने वाली डैम श्रृंखला में फिलहाल 50 प्रतिशत जलभंडार उपलब्ध है, जबकि पिछले साल इसी समय यह 70 प्रतिशत तक था। अगले हफ्ते सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद पानी कटौती पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
- आपूर्ति विभाग नंदकिशोर जगताप ने बाताया की पालकी यात्रा के मद्देनजर नियमित जलापूर्ति शुरू की गई थी, जिसकी समीक्षा अब अगले सप्ताह की जाएगी।
पालकी यात्रा के लिए कटौती पर लगी रोक
पुणे शहर में लागू की गई पानी की कटौती को आगे जारी रखना है या नहीं, इस पर पुणे मनपा अगले हफ्ते फैसला करेगी। आषाढ़ी वारी के उपलक्ष्य में जब पालकी यात्रा पुणे शहर में दाखिल हुई थी, तब नागरिकों और वारकरियों की सुविधा के लिए 7 से 12 जुलाई तक पानी की कटौती को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। यह अवधि आज समाप्त हो रही है, लेकिन रविवार होने के कारण प्रशासन ने अभी कोई नया आदेश जारी नहीं किया है।
