August 15, 2026

पानी के छींटे पड़ने पर विवाद, रास्ता भटके कांवड़ियों की गाड़ी को भीड़ ने घेरा, पथराव व मारपीट

Jamtara News: देवघर और बासुकिनाथ धाम से जल चढ़ाकर छत्तीसगढ़ लौट रहे आठ कांवड़ियों को शुक्रवार रात जामताड़ा थाना क्षेत्र के चैंगायडीह गांव के पास भीड़ ने घेर लिया. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और करीब 200 लोगों की भीड़ ने श्रद्धालुओं की गाड़ी पर ईंट-पत्थर और चप्पलों से हमला कर दिया. मामले की जानकारी मिलने पर वहां पहुंची पुलिस की तत्परता से सभी कांवड़ियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका.

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ग्रामीणों के पथराव से श्रद्धालुओं का कार क्षतिग्रस्त हो गया.

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी थाना क्षेत्र निवासी कांवड़िया योगेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि वे लोग दो वाहनों से वापस लौट रहे थे. इनमें गाड़ी संख्या सीजी 10 सीएफ 2564 भी शामिल थी. बताया जा रहा है कि श्रद्धालु गूगल मैप के जरिए धनबाद की ओर जाने का रास्ता तलाश रहे थे. इसी दौरान वे रास्ता भटक गए और चैंगायडीह गांव की ओर पहुंच गए.

पानी के छींटे पड़ने के बाद बढ़ा विवाद

बताया जाता है कि चैंगायडीह गांव के पास सड़क से गुजरने के दौरान वाहन से किसी व्यक्ति पर पानी के छींटे पड़ गए. इसके बाद विवाद शुरू हो गया. कुछ ही देर में करीब 200 लोगों की भीड़ जमा हो गई और आरोप है कि भीड़ ने कांवड़ियों की गाड़ी को घेरकर ईंट-पत्थर और चप्पलों से हमला शुरू कर दिया.

गाड़ी क्षतिग्रस्त, एक श्रद्धालु से मारपीट

हमले में स्विफ्ट डिजायर गाड़ी के आगे और पीछे के शीशे टूट गए. इस दौरान रवींद्र सोनी नामक एक कांवड़िया के साथ मारपीट की गई. जान बचाने के लिए सभी श्रद्धालु वाहन छोड़कर पास के एक घर में जाकर छिप गए.

पुलिस ने बचाया

घर में छिपे कांवड़ियों ने इंटरनेट के माध्यम से पुलिस का संपर्क नंबर तलाश कर सूचना दी. सूचना मिलते ही जामताड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालकर थाना ले आई.

घटना की जानकारी मिलते ही एसडीओ अनंत कुमार और जामताड़ा एसडीपीओ वसीम रजा भी थाना पहुंचे. अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी ली और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। तनाव को देखते हुए पुलिस क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है.

वार्ता के बाद मामला शांत

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई. इसके बाद मामला शांत कराया गया. फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से थाने में लिखित शिकायत नहीं दी गई है. प्रशासन की पहल के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य हो गई वहीं इस घटना के बाद जामताड़ा जिले के विभिन्न हिंदू संगठन के लोग मौके पर मौजूद हो गए और स्थिति को सामान्य किया.