August 12, 2026

उच्च शिक्षा विधेयक के विरोध में औरंगाबाद में प्रदर्शन: कहा- शैक्षणिक-प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होंगे, वेतन-पेंशन भुगतान में देरी पर भी आक्रोश - Aurangabad (Bihar) News

प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक, 2026 के विरोध में औरंगाबाद के रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों ने बिहार सरकार की ओर से प्रस्तावित विधेयक के ख

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शिक्षकों ने कहा कि राज्य सरकार मौजूदा बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 और पटना विश्वविद्यालय अधिनियम, 1976 को समाप्त कर नया उच्च शिक्षा विधेयक, 2026 लाने की तैयारी कर रही है।

आरोप है कि प्रस्तावित विधेयक के माध्यम से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। इससे विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक-प्रशासनिक कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

शिक्षकों ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को बेहतर बनाने के लिए सरकार को विश्वविद्यालयों को अधिक स्वतंत्र और संसाधनयुक्त बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उनकी स्वायत्तता कम करने की कोशिश करनी चाहिए।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मी।

प्रदर्शन में शामिल शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मी।

शिक्षक-कर्मचारियों के हितों की रक्षा की मांग

प्रदर्शन में शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक केवल विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का विषय नहीं है, बल्कि इससे शिक्षक-कर्मचारियों के हित भी प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह के बदलाव से पहले संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।

शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अकादमिक निर्णय लेने में पर्याप्त स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रस्तावित व्यवस्था विश्वविद्यालयों के अधिकारों और स्वायत्तता को सीमित कर सकती है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार को उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों-शिक्षकेतर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने और विश्वविद्यालयों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित विधेयक पर पुनर्विचार किया जाए।

वेतन-पेंशन और एरियर भुगतान में देरी पर भी जताया आक्रोश

प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों ने वेतन, पेंशन-एरियर भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा भी उठाया। शिक्षकों ने कहा कि महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति और बिहार सरकार के अपेक्षित सहयोग के बावजूद राज्य सरकार समय पर वेतन, पेंशन और एरियर का भुगतान नहीं कर रही है।

उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान में लगातार विलंब होने से शिक्षक और कर्मचारी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। समय पर वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों के सामने घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में कठिनाई उत्पन्न होती है।

विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार सिंह, सचिव डॉ. अभिषेक कुमार सिंह और शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अनुज कुमार और सचिव मो. जावेद ने किया।