वाराणसी के मुस्लिम बहुल दालमंडी इलाके की तस्वीर पिछले नौ महीनों में काफी बदल गई है. कभी बेहद तंग और संकरी नजर आने वाली दालमंडी की गली अब करीब 60 फीट चौड़े रास्ते का रूप लेती दिखाई दे रही है. ध्वस्तीकरण शुरू होने के समय और अब सड़क निर्माण के लिए हुए भूमि पूजन के दिन ली गई ड्रोन की BEFORE और AFTER तस्वीरों में यह बदलाव साफ देखा जा सकता है.
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले वैकल्पिक मार्ग के तौर पर विकसित किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब एक साल पहले 2 अगस्त 2025 को लगभग 215 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था. योजना के तहत करीब 650 मीटर लंबी दालमंडी की तंग गली को 17.4 मीटर यानी लगभग 60 फीट चौड़ा किया जाना है.

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नवंबर 2025 में शुरू हुआ था ध्वस्तीकरण
प्रोजेक्ट के लिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई 29 नवंबर 2025 को शुरू हुई थी. सबसे पहले चौक थाने के बगल में स्थित दालमंडी के एंट्री के रास्ते से इमारतों को हटाने का काम शुरू किया गया. शुरुआती दौर में मजदूरों की मदद से मैन्युअल तरीके से ध्वस्तीकरण किया गया. इसके बाद जैसे-जैसे मशीनों के लिए जगह बनती गई, जेसीबी और भारी पोकलेन मशीनों को भी कार्रवाई में लगाया गया.
परियोजना की जद में छह मस्जिदों समेत कुल 187 भवन आए. इनमें 181 अन्य भवनों को हटाने की कार्रवाई की गई. चौड़ीकरण के दौरान कुछ मस्जिदें पूरी तरह जबकि कुछ आंशिक रूप से प्रभावित हुईं. प्रशासन के मुताबिक, मस्जिदों के जिम्मेदार लोगों के साथ बातचीत और आपसी सहमति के बाद चौड़ीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
BEFORE-AFTER तस्वीरों में दिखा कितनी बदली दालमंडी
ध्वस्तीकरण के शुरुआती दौर की ड्रोन तस्वीरों में दालमंडी बेहद संकरी गली के रूप में दिखाई देती है. दोनों तरफ घनी इमारतों के बीच रास्ता काफी कम था. वहीं करीब नौ महीने बाद सड़क निर्माण के भूमि पूजन के दौरान ली गई ड्रोन तस्वीरों में यही इलाका बिल्कुल बदला हुआ नजर आ रहा है.
दोनों तरफ की इमारतों का बड़ा हिस्सा हटाए जाने के बाद अब प्रस्तावित सड़क की चौड़ाई साफ दिखाई देने लगी है. बीते रविवार को सड़क निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया जा चुका है. इसके साथ परियोजना अब ध्वस्तीकरण से आगे बढ़कर सड़क निर्माण के चरण में पहुंच रही है.
नवंबर तक सड़क तैयार करने का दावा
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को अब लोक निर्माण विभाग (PWD) आगे बढ़ाएगा. दावा किया जा रहा है कि नवंबर 2026 के अंत तक पूरे प्रोजेक्ट का काम पूरा कर लिया जाएगा.
परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी का करीब 650 मीटर लंबा रास्ता 17.4 मीटर चौड़ा हो जाएगा. इससे काशी विश्वनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलने की उम्मीद है.
इसके साथ ही प्रशासन का मानना है कि चौड़ी सड़क बनने से दालमंडी के स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को भी फायदा होगा. बेहतर आवागमन और बढ़ी हुई कनेक्टिविटी के कारण इलाके के बाजार को नया स्वरूप मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. फिलहाल ड्रोन से सामने आई BEFORE और AFTER तस्वीरें दालमंडी में पिछले नौ महीने के दौरान हुए बड़े बदलाव को दिखा रही हैं.
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