मधेपुरा के ग्वालपाड़ा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अरार थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह दो दोस्तों के बीच विवाद हुआ।
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इस दौरान डेफरा नहर के पास मारपीट में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना NH-106 से करीब 350 मीटर पश्चिम और अरार थाना से करीब 600 मीटर की दूरी पर हुई।
सूचना मिलते ही अरार थानाध्यक्ष धीरज कुमार और ग्वालपाड़ा थानाध्यक्ष संतोष कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में FSL टीम ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए।



किसी बात को लेकर दोस्तों के बीच कहासुनी
मृतक की पहचान सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के लालपुर सरोपट्टी वार्ड-13 निवासी मनी मंडल के बेटे अनुराग कुमार (28) के रूप में हुई है।
वहीं, घायल युवक सरोपट्टी काली चौक निवासी पुरन मंडल का बेटा प्रदीप कुमार है।
दोनों मकान में छड़ बांधने का काम करते थे। बुधवार सुबह करीब 6 बजे दोनों बाइक से कलासन काम करने के लिए निकले थे।
बताया गया कि करीब 7.30 बजे डेफरा नहर के पास किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई।
दोनों साथ में घर से निकले थे
मृतक के शरीर पर 6-7 जगहों पर चाकू से वार किया गया है। पुलिस ने घटना स्थल से खून से सना चाकू, सिगरेट और माचिस बरामद की है।
मृतक की मां रेखा देवी ने बताया कि उनका बेटा अनुराग कुमार का पड़ोस के रहने वाले प्रदीप मंडल से दोस्ती थी।
दोनों साथ में छत ढलाई से पहले सरिया बांधने का काम करता था। बुधवार सुबह में दोनों साथ में घर से निकला था।
कंधे, दाहिनी छाती, हाथ, हथेली और उंगलियों में चोटें
देखते ही देखते विवाद मारपीट में बदल गया। मारपीट के दौरान दोनों नहर के नीचे धान के खेत में गिर गए।
वहां भी दोनों के बीच मारपीट हुई। इसी दौरान अनुराग की मौत हो गई, जबकि प्रदीप गंभीर रूप से घायल हो गया।
घायल प्रदीप खुद बाइक चलाकर ग्वालपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा।
यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे JNKT मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। उसके कंधे, दाहिनी छाती, हाथ, हथेली और उंगलियों में चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलने पर अनुराग के परिजन मौके पर पहुंचे। शव देखते ही मां रेखा देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अनुराग तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थानाध्यक्ष धीरज कुमार ने बताया कि घटना के कारणों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम द्वारा जुटाए गए साक्ष्य और घायल प्रदीप के बयान के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की बात पुलिस कह रही है।