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अब मंत्री सिलावट का दर्द छलका अब मंत्री तुलसी सिलावट का दर्द उनकी जुबां पर आया है। उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे कहते नजर आ रहे हैं- ‘हम तो लूप लाइन में हैं।’
यह वीडियो दतिया उपचुनाव के नतीजे आने से पहले का बताया जा रहा है। वे ग्वालियर में मीडियाकर्मियों से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, किसी भी मुद्दे पर मीडिया से अपनी बात साझा करने से इनकार कर देते हैं।
मंत्री जी कहते हैं- ‘खबर हमको देना ही नहीं... हम तो लूप लाइन में हैं।’ इतना कहने के बाद वे हंसने लगते हैं।
अब उनके इस वीडियो पर लोग चुटकी ले रहे हैं। कह रहे हैं कि मंत्री जी ने भले ही हंसी में बात टाल दी हो, लेकिन दर्द यूं ही जुबां पर नहीं आता। आखिर कहीं तो कुछ गड़बड़ है।

मंत्री तुलसी सिलावट का वीडियो सामने आया है। जिसमें वे कह रहे हैं कि हम लूप लाइन में हैं।
सरकारी वाहन में फ्रंट सीट बैठा कुत्ता एमपी वाकई अजब है, गजब है। इसकी एक और बानगी छतरपुर में देखने को मिली। यहां एक सरकारी वाहन की फ्रंट सीट पर अधिकारी की जगह कुत्ता बैठा नजर आया।
छतरपुर में बीच बाजार खड़े इस वाहन को देखकर हर कोई ठहर गया। वाहन पर DDSJ सामाजिक न्याय विभाग लिखा हुआ था। गाड़ी में ड्राइवर बैठा था, जबकि आगे की सीट पर एक कुत्ता विराजमान था। खास बात यह थी कि कुत्ते के बैठने के लिए सीट पर बाकायदा अलग से गद्दी भी लगी हुई थी।
जब ड्राइवर से सरकारी वाहन में कुत्ते को आगे बैठाने के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि कुत्ता उसका है और वह उसे हमेशा अपने साथ लेकर चलता है। ड्राइवर के मुताबिक, विभाग के साहब भी उसके साथ आए हैं, लेकिन फिलहाल एक दुकान पर गए हुए हैं।
ड्राइवर के इस बयान के बाद सवाल उठना लाजिमी है कि अगर कुत्ता ड्राइवर का है तो क्या सरकारी वाहन की फ्रंट सीट भी उसके लिए तय है? और अगर अधिकारी भी साथ आए हैं तो क्या उन्हें पीछे बैठकर सफर करना पड़ता है?
फिलहाल, इस वाकये के बाद सरकारी वाहन के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, मामले में विभाग या संबंधित अधिकारी की ओर से अब तक कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

छतरपुर में एक सरकारी वाहन में अधिकारी की सीट पर एक कुत्ता बैठे हुए नजर आया।
छुट्टी के आदेश ने करा दी किरकिरी भोपाल में भारी बारिश के चलते सोमवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई, लेकिन छुट्टी के आदेश ने ही प्रशासन की किरकिरी करा दी। दरअसल, आदेश तब सामने आया, जब ज्यादातर बच्चे स्कूल पहुंच चुके थे। इसके बाद लोगों ने सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कमेंट कर प्रशासन की टाइमिंग पर सवाल उठाए।
कलेक्टर भोपाल के सोशल मीडिया अकाउंट से छुट्टी का आदेश शेयर किया गया। इसके कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने लिखा- ‘साहब अभी सोकर उठे हैं।’ वहीं, दूसरे ने लिखा- ‘इतनी भी जल्दी क्या थी? बच्चे तो स्कूल पहुंच गए। छुट्टी उनके वापस आने पर भी घोषित की जा सकती थी।’
एक यूजर ने तंज कसा- ‘स्कूल की छुट्टी के बाद ही आदेश भेज देते, इतनी जल्दी भेज दिया।’ एक ने चुटकी ली- ‘ये थोड़ा जल्दी नहीं हो गया?’ वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा- ‘बड़ी देर कर दी हुजूर आते-आते।’
कुल मिलाकर, छुट्टी के आदेश को लेकर प्रशासन सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गया। कलेक्टर साहब ने इससे सबक लिया। बारिश की स्थिति को देखते हुए मंगलवार को भी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई, लेकिन इस बार टाइमिंग का खास ध्यान रखा गया। मंगलवार की छुट्टी का आदेश सोमवार रात को जारी कर दिया गया।

भोपाल में स्कूलों में छुट्टी के देरी से जारी किए आदेश पर लोगों ने चुटकियां ली है।
और अब अंदर की बात..
ओएसडी और कमिश्नर में चल रही तनातनी मध्य प्रदेश के एक कद्दावर मंत्री के ओएसडी और एक विभाग के कमिश्नर के बीच इन दिनों जमकर तनातनी चल रही है। हालात ये हैं कि दोनों ही एक-दूसरे को हटवाने के लिए जोर लगा रहे हैं।
दरअसल, मंत्री जी के पास तीन विभागों की जिम्मेदारी है। इनमें से दो विभागों के कमिश्नर से तो ओएसडी साहब की खूब पटती है, लेकिन एक विभाग के कमिश्नर से उनकी ट्यूनिंग नहीं बैठ रही है।
अब ओएसडी साहब कमिश्नर को हटवाने के लिए रोज नए दांव चल रहे हैं। कमिश्नर को भी इसकी भनक लग चुकी है, लिहाजा उन्होंने भी ओएसडी को रवाना करने की बिसात बिछा दी है।
पहला दांव यही चला गया कि ओएसडी साहब रिटायर हो चुके हैं, फिर भी सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। हालांकि, यह दांव काम नहीं आया। वजह ये कि ओएसडी साहब की पहुंच मंत्री जी की किचन कैबिनेट तक है। तभी तो रिटायरमेंट के बाद भी पद पर जमे हुए हैं।
इनपुट सहयोग - विजय राठौर (ग्वालियर), राजेश चौरसिया (छतरपुर)
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