August 9, 2026

‘पुलिस के सामने बड़ा-बड़ा पत्थर मारा गया, सिर फट जाता’ ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, बंगाल में मचा बवाल

‘पुलिस के सामने बड़ा-बड़ा पत्थर मारा गया, सिर फट जाता’ ममता बनर्जी के काफिले पर हमला, बंगाल में मचा बवाल

Time Published: Sunday, August 9, 2026, 16:56 [IST]

Mamata Banerjee vehicle was attacked: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हलिशहर में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काफिले को गुस्साई भीड़ ने रोक लिया। मामला इतना बढ़ गया कि प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। कीचड़ फेंका गया। पानी की बोतलें, जूते और चप्पलें भी बरसाई गईं।

भीड़ ने ममता बनर्जी के खिलाफ जमकर नारे लगाए और उन्हें 'चोर' और 'डकैतों की रानी' जैसे ताने दिए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और सुरक्षा घेरे में ममता बनर्जी को वहां से बाहर निकाला।

Mamata Banerjee vehicle was attacked

ममता बोलीं- खिड़की खुली होती तो सिर फट जाता

हमले के बाद ममता बनर्जी ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस के सामने ही कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। उनका कहना था कि हमला इतना गंभीर था कि अगर कार की खिड़कियां खुली होतीं तो पत्थर सीधे उनके सिर पर लग सकते थे।

ममता बनर्जी ने कहा, "मेरी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। अगर खिड़की खुली होती तो मेरा सिर फट सकता था। अंदर बैठे हम लोगों की जान भी जा सकती थी। मैंने अपनी जिंदगी में ऐसा हमला पहले कभी नहीं देखा।" उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब पुलिस मौके पर मौजूद थी, तब इस तरह की घटना कैसे हो गई।

पुलिस के सामने हमला, ममता ने उठाए कानून व्यवस्था पर सवाल

ममता बनर्जी ने घटना को सिर्फ अपने काफिले पर हमले के तौर पर नहीं देखा। उन्होंने इसे राज्य की कानून व्यवस्था से भी जोड़ दिया। उनका आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में हमला हुआ और पुलिस भाजपा को सुरक्षा देने में लगी है।

ममता ने सवाल किया कि आखिर बंगाल में यह सब क्या चल रहा है। उन्होंने राज्य के मौजूदा हालात और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए। यानी इस घटना ने एक साथ दो मोर्चे खोल दिए हैं। पहला, राजनीतिक विरोध के नाम पर हिंसक प्रदर्शन का सवाल। दूसरा, मौके पर मौजूद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल।

क्यों हलिशहर पहुंची थीं ममता बनर्जी?

दरअसल ममता बनर्जी एक स्थानीय TMC कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रही थीं। शुक्रवार को इस कार्यकर्ता की पुलिस कस्टडी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इसी परिवार से मिलने के लिए ममता हलिशहर पहुंची थीं।

लेकिन जैसे ही उनका काफिला इलाके में पहुंचा, वहां मौजूद लोगों ने रास्ता रोक दिया। विरोध पहले नारेबाजी तक रहा, लेकिन कुछ ही देर में भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के काफिले की गाड़ियों को घेर लिया और ममता की कार पर कीचड़, पानी की बोतलें, जूते और चप्पलें फेंकनी शुरू कर दीं।

कस्टडी में मौत से शुरू हुआ विवाद, अब सियासत तेज

इस पूरे विवाद की शुरुआत पुलिस कस्टडी में TMC कार्यकर्ता की मौत से हुई। परिवार से मिलने ममता बनर्जी के पहुंचने के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। भीड़ का गुस्सा सीधे ममता के काफिले पर दिखाई दिया।

पुलिस ने स्थिति बिगड़ती देख तुरंत अतिरिक्त बल तैनात किया और ममता को सुरक्षा घेरे में वहां से निकाला। इस घटना के बाद बंगाल की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामले की जांच कहां तक पहुंचती है और ममता के काफिले पर हमले को लेकर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल इतना साफ है कि हलिशहर की यह घटना बंगाल में कानून व्यवस्था और राजनीतिक टकराव, दोनों पर नई बहस छेड़ चुकी है।