द फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटीज ऑफ इंडिया (FOGSI) के राष्ट्रीय आह्वान पर रविवार को पूर्णिया में 'अभया डे' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर होने वाली हिंसा के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जागरूकता
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ऑब्सटेट्रिक एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी पूर्णिया की अध्यक्ष डॉ. विभा झा और सचिव डॉ. अनुराधा सिन्हा के नेतृत्व में यह आयोजन हुआ। इसमें जिले के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया।
पूर्णिया मेडिकल कॉलेज परिसर में इस अवसर पर स्वास्थ्यकर्मी और चिकित्सकों ने लोगों को जागरूक किया। उन्होंने चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों, विशेषकर कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।

पूर्णिया में 'अभया डे' का आयोजन
मेडिकल कॉलेज की घटना को किया याद संगठन की अध्यक्ष डॉ. विभा झा ने बताया कि 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक महिला चिकित्सक के साथ हुई यौन हिंसा और निर्मम हत्या ने पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया था।
दर्दनाक हादसे ने समाज के सामने यह गंभीर प्रश्न खड़ा कर दिया कि यदि जीवन रक्षा में जुटे चिकित्सक ही अपने कार्यस्थल पर सुरक्षित नहीं हैं, तो यह संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था और समाज के लिए एक बड़ा संकट है। इसी संकल्प और स्मृति को आगे बढ़ाते हुए 9 अगस्त 2026 को पूरे देश में अभया दिवस के रूप में मनाया गया।
देश भर में मनाया जा रहा दिवस यह राष्ट्रव्यापी अभियान फॉगसी की नो टू वायलेंस अगेंस्ट वूमेन समिति के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। जिसकी अगुवाई पूर्णिया में डॉ. विभा झा और डॉ. अनुराधा सिन्हा के मार्गदर्शन में हुआ, जहां स्थानीय डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने प्रोग्राम में लिया भाग।
सुरक्षित माहौल नहीं मिला तो चरमरा जाएगी व्यवस्था संगठन के पूर्णिया इकाई की अध्यक्ष डॉ. विभा झा ने बताया कि आज के समय में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर लगातार बढ़ रही हिंसा चिंताजनक और असहनीय है। जो चिकित्सक मरीजों की जान बचाने के लिए दिन-रात एक करते हैं, यदि उन्हें ही सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाएगी।
अभया डे के माध्यम से हम समाज और प्रशासन को स्पष्ट संदेश देना चाहते हैं कि डॉक्टरों पर हमलों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन की सचिव अनुराधा सिन्हा ने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा करना और उन्हें भयमुक्त वातावरण प्रदान करना संपूर्ण समाज की नैतिक जिम्मेदारी है। फॉगसी की नो टू वायलेंस अगेंस्ट वीमेन, वायलेंस अगेंस्ट डॉक्टर्स और पब्लिक अवेयरनेस कमेटियों के संयुक्त प्रयास से आज यह जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। हम आम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे रेस्पेक्ट हेलर, प्रोटेक्ट केयरगिवर्स के संकल्प से जुड़ें।
नैतिक जिम्मेदारी उठाने की अपील कार्यक्रम के दौरान मौजूद चिकित्सकों ने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान केवल चिकित्सकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक का दायित्व है। महिलाएं समाज का आधार है और स्वास्थ्यकर्मी मानवता की सेवा में समर्पित रहते हैं।
उन्हें भयमुक्त वातावरण मिलना ही चाहिए। अभया दिवस केवल एक औपचारिक स्मरण नहीं, बल्कि न्याय, सुरक्षा, गरिमा और मानवीय मूल्यों के पक्ष में पूरे देश की एकजुट आवाज है। वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू स्थिति के लिए डॉक्टरों के प्रति सम्मान और सुरक्षा का माहौल बनाना समाज के हर वर्ग का कर्तव्य है।