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यतींद्र शर्मा को अहम जिम्मेदारी
UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठन और मीडिया मोर्चे पर अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में करीब दो दशक तक राजनीतिक पत्रकारिता में सक्रिय रहे वरिष्ठ पत्रकार यतेन्द्र शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रदेश मंत्री बनाए जाने के साथ-साथ प्रदेश मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी भी दी गई है। यूपी की सियासत में चुनावी मुकाबला जैसे-जैसे तेज होने की ओर बढ़ रहा है, भाजपा के मीडिया विभाग में यतेन्द्र शर्मा की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक पत्रकारिता में लंबा अनुभव रखने वाले यतेन्द्र शर्मा अब पत्रकार के तौर पर राजनीतिक घटनाक्रमों को कवर करने के बजाय भाजपा के संगठनात्मक और राजनीतिक नैरेटिव को जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
पत्रकारिता से राजनीति के मैदान तक लंबा सफर
हाथरस के सासनी से निकलकर राष्ट्रीय मीडिया में पहचान बनाने वाले यतेन्द्र शर्मा ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में करीब दो दशक का सफर तय किया है। देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों में भी रिपोर्टिंग कर चुके शर्मा की पहचान खासतौर पर राजनीतिक खबरों, सत्ता के गलियारों की अंदरूनी हलचल और चुनावी समीकरणों की पड़ताल करने वाले पत्रकार के तौर पर रही है। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान उनके चुनावी विश्लेषण और राजनीतिक आकलन चर्चा में रहे। राजनीतिक दलों के संगठन से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं तक उनकी पहुंच को उनकी पत्रकारिता की प्रमुख ताकत माना जाता रहा है।
अब पत्रकारिता के अनुभव का इस्तेमाल BJP के चुनावी नैरेटिव में
यतेन्द्र शर्मा की नई भूमिका ऐसे समय में सामने आई है जब भाजपा उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियों को गति देने में जुटी है। चुनावी राजनीति में मीडिया और सोशल मीडिया का महत्व लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भाजपा के सामने सरकार के कामकाज, संगठन की गतिविधियों और पार्टी के चुनावी संदेश को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने की चुनौती भी रहेगी।
प्रदेश मीडिया प्रभारी के तौर पर यतेन्द्र शर्मा की भूमिका सिर्फ प्रेस ब्रीफिंग और मीडिया मैनेजमेंट तक सीमित नहीं रहने वाली है। पार्टी के राजनीतिक संदेश को किस मुद्दे के साथ, किस मंच पर और किस तरीके से जनता तक पहुंचाया जाए, चुनावी माहौल में यह रणनीति भी अहम होगी।
विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने की चुनौती
उत्तर प्रदेश में चुनावी मुकाबले के दौरान विपक्ष की ओर से सरकार की नीतियों और कामकाज को लेकर उठाए जाने वाले सवालों का जवाब देना भी भाजपा के मीडिया विभाग की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा। ऐसे में पत्रकारिता के दौरान राजनीतिक दलों के नैरेटिव, चुनावी रणनीति और सत्ता-विपक्ष के बीच चलने वाली राजनीतिक लड़ाई को करीब से समझने का यतेन्द्र शर्मा का अनुभव भाजपा के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रियता
पत्रकारिता के साथ यतेन्द्र शर्मा अपने गृह क्षेत्र में सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं। सरकारी सहायता के बिना सरकारी स्कूलों के कायाकल्प, ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और शिक्षा व सामाजिक भागीदारी से जुड़े प्रयासों में उनकी सक्रियता रही है। यही वजह है कि उनकी राजनीतिक यात्रा को केवल मीडिया से संगठन में बदलाव के तौर पर नहीं, बल्कि लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रियता के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।
विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव रहा
यतेन्द्र शर्मा की राजनीतिक यात्रा की शुरुआत सासनी में विद्यार्थी परिषद से जुड़ाव के साथ हुई थी। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। अब करीब दो दशक की पत्रकारिता के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा है। यूपी विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश मंत्री और मीडिया प्रभारी की दोहरी जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने भाजपा के चुनावी संदेश को प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती होगी। यानी जिन राजनीतिक गलियारों की खबरें यतेन्द्र शर्मा वर्षों तक पत्रकार के तौर पर बाहर लाते रहे, अब उन्हीं गलियारों में भाजपा की चुनावी रणनीति और राजनीतिक नैरेटिव को मजबूत करने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
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हिमांशु तिवारीauthor
हिमांशु तिवारी एक पत्रकार हैं जिन्हें प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स तक का 16 साल का अनुभव है। मैंने अपना करियर क्राइम रिपोर्टर के रूप में शुरू किया था लेकिन बाद में पॉलिटिकल रिपोर्टिंग में शिफ्ट हो गया। पिछले 12 से अधिक वर्षों से बीजेपी, आरएसएस को कवर कर रहे हैं, कुछ आम चुनावों और कई विधानसभा चुनावों की सटीक रिपोर्टिंग भी की है। "सारी दुनिया एक मंच है" और इसलिए रंगमंच और नाटक लिखने में गहरी रुचि है।
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