August 6, 2026

कॉकरोच जनता पार्टी ने जारी की नेशनल वर्किंग कमेटी, जानें किसको मिली कौन-सी जिम्मेदारी?| Navbharat Live

कॉकरोच जनता पार्टी ने जारी की नेशनल वर्किंग कमेटी, जानें किसको मिली कौन-सी जिम्मेदारी?

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    गोरक्ष पोफली

Updated On: Aug 06, 2026 | 07:07 PM IST

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सार

CJP National Working Committee: सीजेपी ने अपनी पहली नेशनल वर्किंग कमेटी की घोषणा की। जानें अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य युवा नेताओं को कौन-सी बड़ी जिम्मेदारियां मिली हैं।

cockroach janta party announces national working committee list

अभिजीत दीपके और टीम (सोर्स: एआई फोटो)

विस्तार

Cockroach Janta Party Announces National Working Committee: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लरक और शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ उपजे आक्रोश ने अब एक संगठित रूप ले लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी दो दिवसीय राष्ट्रीय कोर कमेटी की बैठक के बाद अपनी पहली नेशनल वर्किंग कमेटी की घोषणा कर दी है।

इस नई टीम में 35 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को तरजीह दी गई है, जो इस बात का संकेत है कि CJP आने वाले समय में देश की राजनीति में एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप के रूप में उभरने वाली है।

अभिजीत दीपके के कंधों पर नेतृत्व का भार

संगठन के संस्थापक और जंतर-मंतर आंदोलन का चेहरा रहे अभिजीत दीपके को सर्वसम्मति से नेशनल कन्वीनर नियुक्त किया गया है। दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि उनकी भूमिका केवल पद तक सीमित नहीं है, बल्कि वे संगठन की संवैधानिक विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होंगे। उन्होंने जोर दिया कि CJP का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को बिजनेस के चंगुल से निकालकर एक मौलिक अधिकार बनाना है।

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सौरभ दास और आशुतोष बनें को-कन्वीनर

संगठन की धार को तेज करने के लिए दो को-कन्वीनर नियुक्त किए गए हैं। सौरभ दास जो अपनी तार्किक कार्यशैली और डेटा-आधारित शोध के लिए जाने जाते हैं, उन्हें संगठन के विस्तार और नीति निर्धारण की जिम्मेदारी दी गई है। सौरभ दास ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि CJP चुनावी राजनीति में आने के बजाय जनता की जवाबदेही तय करने वाले दबाव समूह के रूप में काम करेगी।

वहीं, आशुतोष रांका को भी को-कन्वीनर बनाया गया है। उनकी मुख्य जिम्मेदारी देशभर के छात्र संगठनों और समाज के साथ समन्वय स्थापित करना होगा, ताकि CJP के आंदोलनों को राष्ट्रव्यापी समर्थन मिल सके।

संगठन और न्याय की ढाल

संगठन की मजबूती के लिए अजिंक्य शिंदे को ऑर्गनाइजेशन इंचार्ज बनाया गया है। शिंदे पर CJP के सदस्यता अभियान और विभिन्न राज्यों में शाखाएं खोलने का दारोमदार होगा।

कानूनी मोर्चे पर सरकार को घेरने के लिए रत्ना सिंह को लीगल सेल हेड की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रत्ना सिंह का मुख्य काम छात्रों और युवाओं के अधिकारों की कानूनी रक्षा करना और शिक्षा घोटालों के खिलाफ कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखना होगा। इसके साथ ही सौरभ को भी नेशनल वर्किंग कमेटी के प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

The Cockroach Janta Party formally announces the names of it’s National Working Committee! pic.twitter.com/zMrXUNxW9U — Cockroach Janta Party – CJP (@Cockroachisback) August 6, 2026

कमेटी मेंबर्स और उनके दायित्व

राष्ट्रीय नेतृत्व

  • अभिजीत दीपके — संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक (Founder & National Convener)
  • आशुतोष रांका — सह-संयोजक (Co-Convener)
  • सौरव दास — सह-संयोजक (Co-Convener)
  • अजिंक्य शिंदे — राष्ट्रीय संगठन प्रभारी (National Organization In-Charge)
  • दीपक बलियान — संगठन सह-प्रभारी (Organisation Co In-Charge)
  • आफरीन नवाज़ — राष्ट्रीय सचिव (National Secretary)
  • विजय रेड्डी मल्लांगी — मीडिया प्रमुख (Media Lead)
  • रत्ना सिंह — विधिक मामलों की प्रमुख (Legal Affairs Lead)
  • वैष्णवी गौर — अनुसंधान एवं नीति प्रमुख (Research & Policy Lead)
  • रोहन देशपांडे — प्रौद्योगिकी प्रमुख (Technology Lead)
  • योगेश इंगले — वित्त प्रमुख (Finance Lead)

जोनल नेतृत्व

  • दीपक बलियान — उत्तर क्षेत्र प्रमुख (North Zone)
  • विजय रेड्डी मल्लांगी — दक्षिण क्षेत्र प्रमुख (South Zone)
  • अंकित भारद्वाज — पूर्व एवं उत्तर-पूर्व क्षेत्र प्रमुख (East & North East Zones)
  • योगेश इंगले — पश्चिम क्षेत्र प्रमुख (West Zone)

भावी योजना- क्या बोलती पब्लिक?

नई टीम की घोषणा के साथ ही CJP ने अपने पहले बड़े प्रोजेक्ट का भी ऐलान कर दिया है। सितंबर से पूरी नेशनल वर्किंग कमेटी देशभर के दौरे पर निकलेगी, जिसे क्या बोलती पब्लिक? अभियान नाम दिया गया है। इस अभियान के तहत ये युवा नेता अलग-अलग राज्यों में जाकर सीधे आम जनता और 35 साल से कम उम्र के युवाओं से संवाद करेंगे।

कॉकरोच जनता पार्टी की यह नई टीम किसी पारंपरिक राजनीतिक दल जैसी नहीं दिखती, बल्कि इसमें विशेषज्ञों और सक्रिय कार्यकर्ताओं का मिश्रण है। बिना किसी बाहरी फंड या चंदे के, यह टीम पूरी तरह से ‘पब्लिक प्रेशर’ के जरिए सिस्टम में सुधार लाने का दावा कर रही है। अब देखना यह होगा कि नेशनल वर्किंग कमेटी के ये युवा चेहरे देश की बदलती राजनीति में कितनी बड़ी लकीर खींच पाते हैं।

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