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बर्फ, गंडोला और रहस्यमयी शिव मंदिर... रणवीर अल्लाहबादिया ने बताए कश्मीर के बेस्ट एक्सपीरियंस
- Authored by: प्रभात शर्माInsights by: रणवीर अल्लाहबादिया
- Updated Aug 5, 2026, 07:02 PM IST
Kashmir Travel Destinations: यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया ने कश्मीर यात्रा के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि यहां सिर्फ खूबसूरत नजारे ही नहीं, बल्कि मानसिक शांति और नए नजरिए का एहसास भी मिलता है। उन्होंने एक खास शिव मंदिर के बारे में भी दिलचस्प जानकारी दी।
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कश्मीर की खूबसूरती रणवीर अल्लाहबादिया की नजर से
Hidden Temple Kashmir: कश्मीर को यूं ही धरती का स्वर्ग नहीं कहा जाता। यहां की बर्फ से ढकी चोटियां, हरी-भरी वादियां, शांत झीलें और ठंडी हवा हर यात्री के दिल में अलग जगह बना लेती हैं। लेकिन इस खूबसूरती के बीच कुछ ऐसे अनुभव भी छिपे हैं, जो सिर्फ तस्वीरों में नहीं, बल्कि खुद महसूस करने पर समझ आते हैं। फेमस यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया (BeerBiceps) ने अपनी कश्मीर यात्रा के दौरान ऐसे ही कुछ यादगार पल साझा किए।
उन्होंने सिर्फ मशहूर टूरिस्ट स्पॉट्स की नहीं, बल्कि गंडोला राइड, एक शांत और कम चर्चित शिव मंदिर और कश्मीर की सुकून भरी वादियों का भी जिक्र किया। अगर आप भी कश्मीर ट्रिप की प्लानिंग कर रहे हैं या वहां की खूबसूरती को एक नए नजरिए से जानना चाहते हैं, तो रणवीर के ये अनुभव आपकी ट्रैवल विशलिस्ट को और भी रोमांचक बना सकते हैं।
कश्मीर की खूबसूरती के कायल हुए रणवीर
दुनिया भर में ट्रेवल करने वाले रणवीर ने बताया कि उन्होंने यूरोप के लगभग सभी देश देखे हैं, रेगिस्तान, जंगल सब घूमे हैं, लेकिन कश्मीर जैसी जगह कहीं नहीं देखी। रणवीर ने कहा, 'हम 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्टक थे, ऑक्सीजन कम और शरीर थोड़ा थक गया था, लेकिन जैसे ही सूरज की किरणें बर्फ और पहाड़ों पर पड़ीं, मुझे लगा जैसे स्वर्ग में आ गया हूं। वहां का नजारा, बादलों के बीच से दिखता हुआ सूर्य, सच में एक अविस्मरणीय अनुभव था।'
छिपी हैं भारतीय जवानों की कहानियां
रणवीर ने बताया कि कश्मीर सिर्फ नजारों के लिए ही नहीं जाना जाता है। बल्कि, यहां की शांति में भारतीय जवानों की कहानियां भी छिपी हैं। रणवीर ने कहा, 'मैंने दक्षेश सर, जो इंडियन एयरफोर्स के वेटरन हैं, उनके साथ इंडियन मिलिट्री की जिंदगी को करीब से महसूस किया। बालाकोट ऑपरेशन, उरी स्ट्राइक और अन्य मिशन्स में उनकी भूमिका को जानकर सम्मान और बढ़ गया। यहां के बेस टू और इंडियन मिलिट्री पोस्ट्स इतनी मुश्किल और ठंडी जगहों में हैं, कि वहां खड़े रहना भी आसान नहीं।'
ट्रिप का स्पेशल हिस्सा
इस ट्रिप के दौरान सबसे खास चीज जिसने रणवीर को आकर्षित की थी वह है खास मंदिर रानी टेंपल। इस खास मंदिर का जिक्र करते हुए रणवीर ने कहा, 'मैंने अपने ट्रिप के दौरान एक खास मंदिर भी देखा। रानी टेंपल में जाकर प्रेयर किया और महसूस किया कि यहां की आध्यात्मिकता, बर्फ और प्रकृति के बीच एक अलग ही शांति देती है। वहां की मासूमियत, प्यार और हॉस्पिटैलिटी देखकर एहसास हुआ कि कश्मीर में लोग कितने प्यारे और मेहनती हैं।'
बता दें कि रानी मंदिर को मोहिनेश्वर शिवालय के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव और उनकी पत्नी पार्वती को समर्पित है।
इसका निर्माण कश्मीर के पूर्व शासक महाराजा हरि सिंह की पत्नी मोहिनी बाई सिसोदिया ने 1915 में करवाया था। इसका निर्माण इस प्रकार किया गया है कि गुलमर्ग के हर कोने से इसे देखा जा सकता है।
जिंदगी भर याद रहेगा सफर
कश्मीर में यात्रा करना सिर्फ फोटो खिंचवाना या नजारे देखना नहीं होता। बल्कि यहां की संस्कृति, फौज की वीरता, और आम लोगों की जिंदगी को समझना भी आपकी यात्रा का हिस्सा है। ये जगह हर भारतीय को एक बार जरूर देखनी चाहिए। रणवीर ने कहा, 'कश्मीर, सच में, सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि एक फीलिंग है। हर कोई जब यहां आता है, तो एक नया अनुभव, नई सीख और जीवन के लिए नई प्रेरणा लेकर जाता है। मेरे लिए ये ट्रिप अब तक की सबसे खास और यादगार यात्रा रही।'
(डिस्क्लेमर: यह लेख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया के वीडियो में बताए गए अनुभव के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी संबंधित क्रिएटर के व्यक्तिगत विचार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत इन टिप्स या दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।)
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प्रभात शर्माauthor
प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।
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