August 5, 2026

सीहोर: आष्टा के शंकर विहार में बिना अनुमति अवैध कॉलोनी काटने की आशंका; तहसीलदार ने दिए सख्त जांच के निर्देश| Navbharat Live

सीहोर: आष्टा के शंकर विहार में बिना अनुमति अवैध कॉलोनी काटने की आशंका; तहसीलदार ने दिए सख्त जांच के निर्देश

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सार

Sehore News: आष्टा की शंकर विहार कॉलोनी में प्लाटिंग पर खड़ा हुआ बड़ा सवाल, बिना टीएनसीपी और रेरा अनुमति के कॉलोनी विकसित करने के आरोपों के बाद जागा प्रशासन।

Authorities in Sehore have initiated an inquiry after allegations surfaced that an unauthorized residential colony was being developed in Shankar Vihar, Ashta, without the required approvals

आष्टा की शंकर विहार कॉलोनी में खड़ा हुआ बड़ा विवाद (सोर्स- नवभारत लाइव)

विस्तार

Sehore Illegal Colony Dispute: आष्टा के डाबरी रोड स्थित शंकर विहार कॉलोनी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां बड़े पैमाने पर जमीन की प्लाटिंग कर नई कॉलोनी विकसित की जा रही है। शहर के तेजी से विस्तार वाले इस क्षेत्र में प्लॉटों की खरीद-फरोख्त भी तेज हो गई है, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट की वैधता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

चर्चा है कि कॉलोनी का विकास सभी आवश्यक शासकीय अनुमतियों के साथ किया जा रहा है या फिर बिना नियमों का पालन किए प्लाटिंग की जा रही है। मामले को लेकर प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है।

कॉलोनी की वैधता पर उठ रहे सवाल

मध्य प्रदेश शासन के नियमों के अनुसार किसी भी कृषि या निजी भूमि पर कॉलोनी विकसित करने से पहले कई कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करना अनिवार्य होता है। इसमें टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से ले-आउट की स्वीकृति, रेरा में पंजीयन, कृषि भूमि का डायवर्जन कर उसे अकृषि घोषित कराना और स्थानीय निकाय से विकास की अंतिम अनुमति लेना जरूरी है। क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या शंकर विहार कॉलोनी के पास ये सभी वैधानिक दस्तावेज मौजूद हैं या नहीं। यदि बिना अनुमतियों के प्लाट बेचे जा रहे हैं तो भविष्य में खरीदारों को नामांतरण, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशानी उठानी पड़ सकती है।

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मीडिया में मामला आने के बाद प्रशासन सक्रिय

मामले की जानकारी मीडिया और स्थानीय सूत्रों के माध्यम से सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। आष्टा तहसीलदार रामलाल पगारे ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित हल्का पटवारी को कॉलोनी से जुड़े भूमि के खसरे, डायवर्जन और अन्य आवश्यक दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार ने कहा कि सभी दस्तावेजों की जांच के बाद वह स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण करेंगे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

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दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच के दौरान कॉलोनी निर्माण में नियमों का उल्लंघन, बिना स्वीकृत ले-आउट प्लाटिंग या अन्य दस्तावेजों में अनियमितता सामने आती है तो संबंधित भू-स्वामी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भू-राजस्व संहिता तथा अवैध कॉलोनी निर्माण से जुड़े प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन की जांच पर सभी की नजरें टिकी हैं और स्थानीय नागरिक भी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।

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