August 5, 2026

यवतमाल पुलिस के हत्थे चढे साइबर ठगी के तीन मास्टरमाइंड, पुणे से लेकर राजस्थान तक है इनका साइबर रैकेट| Navbharat Live

यवतमाल पुलिस के हत्थे चढे साइबर ठगी के तीन मास्टरमाइंड, पुणे से लेकर राजस्थान तक है इनका साइबर रैकेट

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    आलोक उमाकृष्ण

Updated On: Aug 05, 2026 | 10:53 AM IST

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सार

Yavatmal Cyber Fraud: यवतमाल पुलिस ने 6.93 लाख रुपये की साइबर ठगी मामले में मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में राजस्थान तक फैले साइबर नेटवर्क का खुलासा हुआ।

Yavatmal Cyber Fraud Mastermind Arrested Bank Account Racket Pune To Rajasthan Links

साइबर ठगी के मास्टरमाइंड गिरफ्तार (सोर्स: AI)

विस्तार

Yavatmal Cyber Fraud Mastermind Arrested: साइबर ठगी के मामलों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए यवतमाल शहर पुलिस ने बैंक खाते उपलब्ध कराकर देशभर के लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों ने राष्ट्रीयकृत बैंक के खाते का इस्तेमाल कर छह लोगों से कुल 6.93 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। गिरफ्तार आरोपियों में रत्नपाल उर्फ रतन जनार्दन कांबले, राहुल गजानन खंडारे और आदित्य मधुकर लांजेवार शामिल हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र की आजाद मैदान रोड शाखा में खोले गए खाते के जरिए ठगी की रकम जमा कराई गई थी।

इस मामले में 19 जुलाई को यवतमाल शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच शुरू की गई। तकनीकी विश्लेषण और बैंक खातों की पड़ताल के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले रत्नपाल को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में राहुल की भूमिका उजागर की।

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पुलिस से भागते फिर रहे थे आरोपी

पूछताछ के दौरान पता चला कि राहुल गजानन खंडारे ने बैंक खाता खुलवाने में अहम भूमिका निभाई थी। गिरफ्तारी की भनक लगते ही वह पुणे भाग गया, जबकि गिरोह का कथित मास्टरमाइंड आदित्य लांजेवार राजस्थान फरार हो गया। पुलिस ने लगातार तकनीकी निगरानी और लोकेशन ट्रैकिंग कर आदित्य के नागपुर लौटने की जानकारी हासिल की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि संबंधित बैंक खाता राजस्थान के एक डीलर को बेच दिया गया था, जहां से साइबर ठगी के नेटवर्क का संचालन किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने 3 अगस्त को राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया।

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कहां- कहां फैला है इनका नेटवर्क?

जांच में सामने आया कि यह गिरोह राष्ट्रीयकृत बैंकों के खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन ठगी की रकम जमा कराने के लिए किया जाता था। पुलिस को राजस्थान तक फैले नेटवर्क के महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं और अब पूरे गिरोह की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कुमार चिंता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक थोरात और उपविभागीय पुलिस अधिकारी अमोल कोली के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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