राजस्थान में प्रसूताओं की मौत से मचा हड़कंप, भीलवाड़ा-बांसवाड़ा मामले में अशोक गहलोत ने मांगी केंद्रीय जांच
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Written By:
अनन्या तिवारी
Updated On: Jul 11, 2026 | 03:21 PM IST
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सार
Rajasthan Health System Crisis: राजस्थान के भीलवाड़ा व बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौत से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। ओटी संक्रमण की जांच जारी है, वहीं अशोक गहलोत ने केंद्रीय जांच की मांग की है

प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-AI,डिजाइन फोटो)
विस्तार
Rajasthan Maternal Deaths Linked To Operation Theatre Infection: राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित महात्मा गांधी सरकारी अस्पताल में पांच दिनों के भीतर छह और बांसवाड़ा में दो प्रसूताओं की मौत ने राज्य की सरकारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में संक्रमण नियंत्रण और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
ओटी संक्रमण की जांच जारी
अस्पताल प्रशासन की ओर से ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में संक्रमण का पता चलने की पुष्टि की गई है। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इससे मौतों में कोई भूमिका रही है?
सी-सेक्शन के बाद बिगड़ी महिलाओं की हालत
शुक्रवार को हुई एक और महिला की मौत के साथ 6 जुलाई से भीलवाड़ा में जान गंवाने वाली महिलाओं की संख्या छह हो गई है। इन महिलाओं की हालत बिगड़ने से पहले उनका सी-सेक्शन (ऑपरेशन से) प्रसव हुआ था। संक्रमण की खबरों के बाद प्रभावित ऑपरेशन थिएटर में सर्जरी रोक दी गई और एहतियात के तौर पर कई मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया।
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सैंपल जांच के लिए भेजे गए
अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर, सर्जिकल उपकरणों और मशीनों के सैंपल माइक्रोबायोलॉजिकल जांच के लिए भेजे गए हैं। मौतों की जांच करने और संक्रमण नियंत्रण व अस्पताल के नियमों में किसी भी तरह की चूक का पता लगाने के लिए एक जांच समिति भी बनाई गई है।
अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खबरों के मुताबिक, अस्पताल में हर दिन 30 से 40 सिजेरियन सर्जरी होती हैं, जबकि वहां सर्जिकल सेट सिर्फ पांच ही हैं, जिससे स्टरलाइजेशन (कीटाणु-मुक्त करने की प्रक्रिया) और संक्रमण प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
जांच टीम ने जुटाए इंजेक्शन के सैंपल
इस मामले की जांच के लिए पांच सदस्यों की एक टीम बनाई गई है और उन्हें दिए गए इंजेक्शन के सैंपल भी इकट्ठा किए गए हैं।
बांसवाड़ा में भी दो प्रसूताओं की मौत
वहीं, बांसवाड़ा में भी शुक्रवार को दो प्रसूताओं की मौत हो गई। सी-सेक्शन सर्जरी के बाद प्रसूताओं ने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया था। एक महिला को एनीमिया (खून की कमी) था, जबकि दूसरी महिला को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या थी। इससे पहले कोटा, बीकानेर और जोधपुर में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
अशोक गहलोत ने उठाई केंद्रीय जांच की मांग
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इन मौतों को ‘दिल दहलाने वाला और बेहद चिंताजनक’ बताया और आरोप लगाया कि ये राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में गंभीर कमियों को दर्शाती हैं। पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए गहलोत ने कहा कि ओटी में संक्रमण की खबरों के बावजूद सिजेरियन सर्जरी जारी रखना और सिर्फ पांच सर्जिकल सेट के साथ रोजाना 30-40 सर्जरी करना ‘घोर लापरवाही और बिगड़ती स्वास्थ्य प्रणाली’ की ओर इशारा करता है।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहलोत ने उठाए सवाल
गहलोत ने कहा, “भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में प्रसव के बाद महिलाओं की मौत दिल दहलाने वाली और बहुत चिंताजनक है। मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। ऑपरेशन थिएटर में संक्रमण की खबरों के बावजूद सिजेरियन ऑपरेशन जारी रखना और केवल पांच सर्जिकल सेट से 30-40 सर्जरी करना, साफ तौर पर भारी लापरवाही और स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की बिगड़ती हालत को दिखाता है। कोटा, बीकानेर और जोधपुर के बाद, भीलवाड़ा के हालात भी उतने ही चिंताजनक हैं। क्या भाजपा सरकार ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को भगवान भरोसे छोड़ दिया है?”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से विशेषज्ञ टीम भेजने की अपील
अशोक गहलोत ने कहा, “इस तरह की घटनाओं का सिलसिला यह बताता है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को तुरंत राजस्थान भर के अस्पतालों में स्थिति का आकलन करने और गहन जांच करने के लिए एक विशेषज्ञ टीम भेजनी चाहिए ताकि प्रसव के बाद महिलाओं की जान बचाई जा सके।”
जेपी नड्डा से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
गहलोत ने अपनी अपील में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा को टैग किया और माताओं की और मौतों को रोकने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
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जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
इस बीच, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जांच चल रही है और इसके नतीजों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी संक्रमण और माताओं की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए प्रयोगशाला रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं।
-IANS ऐजेंसी इनपुट
