दतिया हार पर बीजेपी का मंथन: आज सीएम हाउस में समीक्षा बैठक, भितरघातियों पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई
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सार
CM Mohan Yadav Meeting : दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा की आज सीएम हाउस में समीक्षा बैठक होगी। भितरघात के आरोपों की जांच, पार्षदों पर कार्रवाई और जिला संगठन की रिपोर्ट दिल्ली भेजने की तैयारी है।

भाजपा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
विस्तार
Datia Bypoll BJP Review Meeting: दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 6,016 वोटों से मिली हार के बाद संगठन ने कारणों की समीक्षा शुरू कर दी है। सत्ता में रहते हुए मिली इस हार को भाजपा गंभीरता से ले रही है। मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री आवास पर उपचुनाव को लेकर अहम समीक्षा बैठक बुलाई गई है, जिसमें हार के कारणों पर विस्तार से चर्चा होगी और भितरघात के आरोपों की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह शामिल होंगे। इसके अलावा दतिया उपचुनाव से जुड़े चुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, राकेश शुक्ला सहित करीब दो दर्जन नेताओं को भी बुलाया गया है।
12 से ज्यादा पार्षदों पर भितरघात का आरोप
सूत्रों के अनुसार, पार्टी की अंदरूनी रिपोर्ट में दतिया नगर पालिका के एक दर्जन से अधिक पार्षदों पर भितरघात के आरोप सामने आए हैं। भाजपा को उम्मीद थी कि शहरी क्षेत्र में उसे बढ़त मिलेगी, लेकिन इसके उलट कांग्रेस को यहां निर्णायक बढ़त मिली। दतिया शहर में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी 11 हजार से अधिक वोटों से पीछे रहे, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा को करीब पांच हजार वोटों की बढ़त मिली।
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हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई
बताया जा रहा है कि समीक्षा बैठक के बाद भितरघात के आरोपों में शामिल नेताओं और पार्षदों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर कुशवाह सहित जिला संगठन के पदाधिकारियों के प्रदर्शन की रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेजने की तैयारी भी की जा रही है।
नरोत्तम के समर्थकों को नहीं मना पाई पार्टी
उपचुनाव के दौरान पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में लगातार प्रचार किया, लेकिन टिकट वितरण को लेकर नाराज समर्थकों का पूरा समर्थन पार्टी को नहीं मिल सका। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अंदरूनी असंतोष भी चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाला एक बड़ा कारण रहा।
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भ्रामक पोस्ट करने वालों पर भी नजर
इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया पर वायरल हुए भ्रामक पोस्ट और फर्जी दस्तावेजों के पीछे सक्रिय लोगों के राजनीतिक संबंधों की भी जांच कराई जाएगी। पार्टी ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
