August 3, 2026

भारत-उज्बेकिस्तान: माइनिंग, व्यापार को नई उड़ान

India Uzbekistan Relations : भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में अहम पहल हुई है. चार दिवसीय भारत दौरे पर आए उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियोर सईदोव ने सोमवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, रेयर अर्थ मिनरल्स, माइनिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की. भारत ने साफ किया कि अब वह उज्बेकिस्तान के साथ साझेदारी को माइनिंग सेक्टर तक ले जाना चाहता है.

माइनिंग और रेयर अर्थ मिनरल्स पर रहेगा फोकस

बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान को अपने एक्सटेंडेड नेवरहुड (विस्तारित पड़ोस) का अहम हिस्सा मानता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लोगों, विचारों और व्यापार का संबंध सदियों पुराना है और अब यह रिश्ता नए क्षेत्रों तक पहुंच रहा है. जयशंकर ने कहा कि निर्माण, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, स्वास्थ्य और शिक्षा के बाद अब दोनों देश माइनिंग सेक्टर, खासकर रेयर अर्थ मिनरल्स के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाना चाहते हैं.

उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच मौजूदा व्यापार लगभग एक अरब डॉलर का है, लेकिन दोनों देशों की क्षमता इससे कहीं अधिक है. इसलिए व्यापार और निवेश को तेजी से बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा.

राष्ट्रपति मुर्मू ने बताई अपार संभावनाएं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री से मुलाकात में कहा कि दोनों देशों के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स, कृषि, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और माइनिंग के क्षेत्र में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने भारत-उज्बेकिस्तान बिजनेस फोरम का भी स्वागत किया और कहा कि इससे दोनों देशों के उद्योगों और निवेशकों को नई दिशा मिलेगी.

राष्ट्रपति ने बताया कि भारत के ITEC और स्कॉलरशिप कार्यक्रमों के तहत अब तक 3,000 से अधिक उज्बेक अधिकारी, पेशेवर और छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जबकि 16,000 से अधिक भारतीय छात्र फिलहाल उज्बेकिस्तान में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं.

NAM अध्यक्षता पर भारत का समर्थन, आतंकवाद पर साझा रुख

बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 2027-29 के लिए गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) की अध्यक्षता के लिए उज्बेकिस्तान को भारत का समर्थन देने की घोषणा की. साथ ही BRICS में साझेदार देश के रूप में भारत की अध्यक्षता के दौरान सहयोग के लिए उज्बेकिस्तान का आभार भी जताया.

जयशंकर ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान आतंकवाद, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर समान सोच रखते हैं. उन्होंने उज्बेकिस्तान के आतंकवाद के खिलाफ कड़े रुख की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों ने हर प्रकार के आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है.

सहयोग को नई ऊंचाई देने पर सहमति

दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि उच्चस्तरीय बैठकों और लगातार बढ़ते संवाद से भारत-उज्बेकिस्तान के रिश्ते और मजबूत होंगे. दोनों पक्षों ने विश्वास जताया कि व्यापार, निवेश, रणनीतिक सहयोग, तकनीक और मध्य एशिया में साझेदारी को लेकर भविष्य में और बड़े कदम उठाए जाएंगे.

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