वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 30 जुलाई को वोटिंग हुई. 3 अगस्त यानी आज वोटों की गिनती हुई. बीजेपी का गढ़ मानी जाने वाली मांजलपुर विधानसभा सीट पर एक बार फिर बीजेपी ने जीत हासिल कर ली है.
आज सुबह करीब 7:30 बजे मैं वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा के उपचुनाव की मतगणना के लिए मकरपुरा स्थित मतगणना केंद्र भवन्स स्कूल पहुंचा. मैंने देखा कि सुबह से ही पुलिस ने मतगणना केंद्र की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी. आधिकारिक प्रमाणपत्र की जांच के बाद ही मतगणना केंद्र की तरफ जा रही सड़कों पर लोगों की आवाजाही संभव थी. सुबह 8 बजने से पहले ही बीजेपी के उम्मीदवार सतेंद्र पटेल और कांग्रेस के उम्मीदवार भीखाभाई रबारी अपने समर्थकों के साथ मतगणना केंद्र में पहुंच चुके थे.
सुबह 8 बजने के साथ ही वोटों की गिनती आधिकारिक तौर पर शुरू हुई. पहले राउंड का परिणाम बीजेपी के पक्ष में रहा. पहले राउंड में बीजेपी के सतेंद्र पटेल को 3,178 वोट, जबकि कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 1,538 वोट मिले. वहीं, 144 वोट NOTA में पड़े थे. इस राउंड के बाद अगले तीन राउंड तक लगातार बीजेपी के उम्मीदवार सतेंद्र पटेल कांग्रेस के खिलाफ बढ़त बनाते गए. कांग्रेस हर राउंड में बीजेपी से पिछड़ती रही. कुछ देर बाद करीब 9 बजे मैं मतगणना केंद्र के बाहर निकला.
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केंद्र के आसपास केवल पुलिसकर्मियों
सुबह 9 बजे मैंने देखा कि मतगणना केंद्र के आसपास केवल पुलिसकर्मियों की मौजूदगी दिखाई पड़ रही थी. हालांकि, मतगणना केंद्र के मुख्य दरवाजे से कुछ ही दूरी पर एक टेंट बना था, जहां बीजेपी समर्थक स्क्रीन लगाकर बैठे थे. आसपास कोई खास भीड़ नहीं थी, लेकिन 9:30 बजने के साथ ही एक के बाद एक बीजेपी कार्यकर्ताओं की संख्या मतगणना केंद्र पर बढ़नी शुरू हुई. वडोदरा शहर बीजेपी के अध्यक्ष समेत नेताओं की मौजूदगी सुबह 10 बजे तक मतगणना केंद्र के पास बने टेंट में दिखाई देने लगी.

सुबह 10 बजे मैंने देखा कि मतगणना केंद्र के बाहर बीजेपी समर्थकों में जीत की उम्मीद साफ दिखने लगी थी. वहीं, 10:30 बजे तक मतगणना केंद्र के बाहर लगभग एक भी कांग्रेसी समर्थक दिखाई नहीं दे रहा था. न ही कांग्रेसी समर्थकों के लिए कोई व्यवस्था तक की गई थी. मतगणना का आठवां राउंड पूरा होते ही बीजेपी के सतेंद्र पटेल कांग्रेस के भीखाभाई रबारी से 13,509 वोटों से आगे निकल चुके थे. अब लगभग बीजेपी की जीत निश्चित लगने लगी थी. बीजेपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी. 11:30 बजे से वडोदरा में मौजूद बीजेपी के पूर्व सांसद और विधायक भी मतगणना केंद्र पहुंचने शुरू हो चुके थे.
नौवें राउंड की गिनती का परिणाम
वहीं, दोपहर 12 बजे के आसपास जब मैं मतगणना केंद्र के बाहर मौजूद था, तब नौवें राउंड की गिनती का परिणाम सामने आया. अब तक हर राउंड में बीजेपी के सतेंद्र पटेल अच्छे मार्जिन की बढ़त के साथ लीड बना रहे थे, लेकिन नौवें राउंड में बीजेपी के सतेंद्र पटेल को 1,986 और कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 1,904 वोट मिले. यानी वोटों का फासला इस राउंड में मात्र 82 वोट का था. इसके साथ ही मेरे आसपास मौजूद कुछ बीजेपी समर्थक कहने लगे कि अब कांग्रेस के उम्मीदवार को बढ़त मिलेगी, क्योंकि कांग्रेस के क्षेत्र के वोटों की गिनती अब शुरू होगी. लेकिन अगले ही यानी दसवें राउंड की गिनती में खुद बीजेपी समर्थक भी गलत साबित हुए, क्योंकि सतेंद्र पटेल की लीड कांग्रेस के भीखाभाई रबारी पर लगातार बढ़ती ही रही. बीजेपी के समर्थकों ने गरबा खेलना शुरू कर दिया था.
दोपहर 1 बजे मैंने देखा कि मतगणना केंद्र के बाहर जहां बीजेपी का टेंट लगा था, वहां फूलों से सजी गाड़ियां आने लगीं. एक नहीं, दो डीजे आ पहुंचे. फिर तो क्या ही था. चौदहवें राउंड का परिणाम भी सामने आया, जिसमें बीजेपी के सतेंद्र पटेल को 2,968 और कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 1,961 वोट मिले. इसके साथ ही बीजेपी के सतेंद्र पटेल को कुल 40,510 वोट मिले और कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 18,001 वोट मिल चुके थे. बीजेपी के सतेंद्र पटेल चौदहवें राउंड के बाद कांग्रेस के भीखाभाई रबारी से 22,509 वोटों से आगे निकल चुके थे. डीजे पर बज रहे गानों की ताल पर बीजेपी समर्थक हाथ में बीजेपी का झंडा लिए खुशी से झूम रहे थे.

अब दोपहर 1:30 बजने को थे. बीजेपी के उम्मीदवार सतेंद्र पटेल की जीत तय हो चुकी थी. बीजेपी के साथ कांग्रेस उम्मीदवार के इंटरव्यू के लिए मैं दोबारा मतगणना केंद्र में गया. 19 राउंड के वोटों की गिनती के बाद करीब 2 बजे बीजेपी के सतेंद्र पटेल मतगणना केंद्र से बाहर निकल रहे थे. बीजेपी समर्थकों की आसपास भीड़ थी. बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री का आभार प्रकट करके वह मतगणना केंद्र के बाहर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में मौजूद बीजेपी समर्थक उनका इंतजार कर रहे थे. सतेंद्र पटेल का बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया. मुंह मीठा करवाया और बाद में समर्थकों के साथ गाड़ी में सवार होकर विजय यात्रा शुरू हुई.
अब तक वोटों की गिनती पूरी हो चुकी थी. बीजेपी के सतेंद्र पटेल को कुल 55,084 वोट मिले तो कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 24,585 वोट हासिल हुए थे. वहीं, 2,223 वोट NOTA में पड़े थे. इसके साथ ही बीजेपी के सतेंद्र पटेल ने कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 30,499 वोटों से पराजित कर दिया था.
जनता का आक्रोश बीजेपी के प्रति
दूसरी तरफ कांग्रेस के उम्मीदवार भीखाभाई रबारी के इंटरव्यू और कांग्रेस की हार की वजह जानने के लिए मैं करीब 3 बजे तक मतगणना केंद्र में रुका रहा. किन्हीं कारणों से वह खुद 3 बजे तक बाहर नहीं निकले, लेकिन वडोदरा शहर कांग्रेस के अध्यक्ष ऋत्विज जोशी ने कहा, 'हमने ये चुनाव मात्र बीजेपी के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी मशीनरी के खिलाफ भी लड़ा है. चुनाव के दिन बीजेपी ने ढोल-नगाड़ों के साथ प्रचार किया था. हमने इस बात की शिकायत चुनाव आयोग से की, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया. हमारा वोट शेयर इस बार बढ़ा है. बीजेपी के प्रति लोगों का आक्रोश था, जिसकी वजह से बीजेपी के मतदाता मतदान करने के लिए नहीं निकले और सिर्फ 37.5 प्रतिशत वोटिंग हुई. ये बीजेपी की जीत नहीं है, बल्कि जनता का आक्रोश बीजेपी के प्रति साफ देखने को मिल रहा है.'
दूसरी तरफ बीजेपी के सतेंद्र पटेल अपनी जीत का जश्न कार्यकर्ताओं के साथ मना रहे थे. विजय यात्रा के दौरान सड़कों पर लोग उनका स्वागत कर रहे थे. इस दौरान करीब 3:30 बजे सतेंद्र पटेल से मेरी मुलाकात हुई. उन्होंने कहा, 'गुजरात पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का गढ़ रहा है. इसलिए जीत को लेकर हम आश्वस्त थे. मांजलपुर सीट पर हमेशा बीजेपी ने जीत हासिल की है. उपचुनाव की वजह से मतदान कम हुआ, लेकिन हमने अच्छी लीड हासिल करने में सफलता हासिल की है. कांग्रेस जब जीत नहीं पाती तो कुछ भी गलत आरोप लगाती रहती है, जो कि उनकी आदत बन चुकी है. मांजलपुर का परिणाम बीजेपी की नीतियों के साथ जनता के होने का प्रमाण है. विकास की राजनीति को जनता ने स्वीकारा है, उसी राह पर आगे बढ़ेंगे. चुनाव के दिन ढोल-नगाड़ा बजाकर जनता से वोटिंग के लिए आग्रह किया गया. इसमें मात्र जनता में जागरूकता लाने की हमारी कोशिश थी, जिसे कांग्रेस ने गलत तरीके से पेश किया, लेकिन अब उनके सामने जनता का जवाब आ चुका है.'
वडोदरा की मांजलपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव से कुछ बातें जो सामने आईं, वो ये हैं कि साल 2022 में इसी मांजलपुर सीट पर 1.50 लाख से अधिक वोट पड़े थे. तब कांग्रेस को मात्र 19,379 वोट हासिल हुए थे. लेकिन 30 जुलाई को हुए उपचुनाव में 82,000 जितने वोट पड़े, जिनमें से कांग्रेस के भीखाभाई रबारी को 24,585 वोट हासिल हुए हैं. यानी पिछली बार हुए मतदान के मुकाबले इस बार हुए मतदान में कांग्रेस को कम वोटिंग होने के बावजूद 5,000 जितने वोट अधिक मिले. यानी कांग्रेस का वोट शेयर पिछले चुनाव के मुकाबले मांजलपुर में बढ़ा है.
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