आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम : रायपुर में स्थापित होगा देश का पहला रेयर अर्थ रीसाइक्लिंग प्लांट
रायपुर में भारत का पहला रेयर अर्थ मैग्नेट रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित होगा। CSIR-NML और अर्थ इंडियन रिसोर्सेज के बीच एमओयू से क्रिटिकल मिनरल्स में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।
सीएसआईआर-एनएमएल एवं अर्थ इंडियन रिसोर्सेज के बीच हुआ एमओयू
- Published: 01 Aug 2026, 06:24 PM IST
- Last Updated: 01 Aug 2026, 06:24 PM IST
रायपुर। भारत को क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ तत्वों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर और अर्थ इंडियन रिसोर्सेज लिमिटेड, रायपुर के बीच नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन (NdFeB) मैग्नेट स्क्रैप से उच्च शुद्धता वाले रेयर अर्थ ऑक्साइड की रिकवरी के लिए स्वदेशी तकनीक हस्तांतरण का समझौता (एमओयू) हुआ है। इस तकनीक के आधार पर रायपुर में भारत का पहला रेयर अर्थ मैग्नेट रीसाइक्लिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा।
यह परियोजना देश में रेयर अर्थ तत्वों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन, आत्मनिर्भर भारत तथा मेक इन इंडिया अभियान को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक
सीएसआईआर-एनएमएल द्वारा विकसित यह तकनीक कम ऊर्जा वाली थर्मल ट्रीटमेंट और जल लीचिंग प्रक्रिया पर आधारित है। इसमें प्रबल खनिज अम्लों का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी बनती है। इस प्रक्रिया के जरिए नियोडिमियम (Nd), प्रसीओडिमियम (Pr) और डिस्प्रोसियम (Dy) जैसे बहुमूल्य रेयर अर्थ तत्वों की उच्च शुद्धता के साथ रिकवरी की जा सकती है। साथ ही आयरन ऑक्साइड भी उपयोगी सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होता है।
रणनीतिक क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक इलेक्ट्रिक वाहन, पवन ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के लिए आवश्यक रेयर अर्थ तत्वों की घरेलू आपूर्ति को मजबूत करेगी। इससे भारत वैश्विक रेयर अर्थ वैल्यू चेन में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।
कंपनी ने जताया भरोसा
अर्थ इंडियन रिसोर्सेज लिमिटेड के निदेशक योगेंद्र नारंग ने कहा कि यह तकनीक भारत में रेयर अर्थ मैग्नेट रीसाइक्लिंग उद्योग के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। कंपनी इसे औद्योगिक स्तर पर व्यावसायिक रूप से लागू करेगी, जिससे देश में रेयर अर्थ तत्वों की सुरक्षित और सतत आपूर्ति श्रृंखला विकसित होगी।
छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में देंगे अहम योगदान- वेद सौरभ नारंग
वहीं निदेशक वेद सौरभ नारंग ने कहा कि कंपनी भविष्य में भी अनुसंधान, नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से देश और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी। भारत को क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ रीसाइक्लिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों को गति देगी।
समारोह में रहे कई प्रमुख अधिकारी मौजूद
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समारोह में अर्थ इंडियन रिसोर्सेज लिमिटेड की ओर से ऋषिराज नारंग, योगेंद्र नारंग, डॉ. जयेंद्र नारंग, अनूप श्रीवास्तव, के.डी. दीवान, दिव्याका झा, वेद सौरभ नारंग और दुष्यंत दास उपस्थित रहे। वहीं सीएसआईआर-एनएमएल की ओर से डॉ. एस. शिवप्रसाद, डॉ. एस.के. पाल, डॉ. के.के. साहू, डॉ. अभिलाष, डॉ. नवनीत सिंह रंधावा, डॉ. प्रतिमा मेश्राम, डॉ. वाई. उषा, डॉ. उदय भास्कर राव और डॉ. बीना कुमारी ने कार्यक्रम में भाग लिया।
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