July 31, 2026

क्लास नहीं चलने और स्कूल में टीचर्स की कमी से भड़के छात्र, महाराष्ट्र के बीड में जोरदार प्रदर्शन

क्लास नहीं चलने और स्कूल में टीचर्स की कमी से भड़के छात्र, महाराष्ट्र के बीड में जोरदार प्रदर्शन

Jul 31, 2026 10:45 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया और अब उनका भविष्य दांव पर लग गया है। स्कूल में करीब 450 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं, जिनकी पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है।

Maharashtra Beed Hundreds students Vaidyanath Vidyalaya protest boycotting class

सांकेतिक तस्वीर।

महाराष्ट्र के बीड जिले में वैद्यनाथ विद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। ये लोग स्कूल में शिक्षकों की कमी और लापरवाही से नाराज हैं। साल 1941 से संचालित इस विद्यालय में कक्षा 5 से 10 तक के छात्र परिसर में इकट्ठा हुए। उन्होंने शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि कई सप्ताह से रेगुलर पढ़ाई नहीं हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। प्रदर्शन के दौरान छात्रों का नारा था- शिक्षा हमारा अधिकार है, किसी की जागीर नहीं।

छात्रों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया और अब उनका भविष्य दांव पर लग गया है। स्कूल में करीब 450 स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं, जिनकी पढ़ाई लगातार बाधित हो रही है। छात्रों के अनुसार पिछले करीब एक महीने से लगभग 16 टीचर या तो विद्यालय नहीं आ रहे हैं या रेगुलर कक्षाएं नहीं ले रहे हैं। उनका आरोप है कि जिन शिक्षकों का तबादला किया गया, उनकी जगह नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। इसके कारण कई विषयों की पढ़ाई पूरी तरह ठप हो गई है।

छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप

छात्रों का कहना है कि स्कूल मैनेजमेंट से जुड़े विवाद और प्रशासनिक उदासीनता का सबसे अधिक नुकसान विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा नजदीक आने के बावजूद उन्हें पढ़ाई का उचित अवसर नहीं मिल रहा है। अगर समय रहते नए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो परीक्षा के नतीजे पर गंभीर असर पड़ सकता है। स्कूल की समस्याएं केवल टीचरों की अनुपस्थिति तक सीमित नहीं हैं। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष स्कूल के 41 टीचर्स में से 25 को सरप्लस घोषित कर दिया गया था। इसके बाद शिक्षा विभाग के निर्देश पर प्रिंसिपल का प्रभार भी खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया गया।

छात्रों का आरोप है कि इन प्रशासनिक बदलावों के बावजूद शिक्षक संकट दूर करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य ने भी स्वीकार किया कि पिछले 6 वर्षों से स्कूल में रेगुलर प्रिंसिपल नहीं है, जिसके कारण प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए हैं। छात्रों का कहना है कि अगर समय पर व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो उनकी शिक्षा और भविष्य दोनों पर गंभीर असर पड़ेगा। छात्रों के प्रदर्शन के बाद बीड शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान छात्रों ने अपनी शिकायतें सौंपते हुए तुरंत कक्षाएं शुरू कराने और नए शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।