थलपति विजय को झटका, कावेरी जल विवाद के बीच कर्नाटक में ‘जन नायकन’ की स्क्रीनिंग कैंसिल
Jul 31, 2026 04:03 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान
Thalapathy Vijay Jana Nayagan: थलपति विजय को बड़ा झटका लगा है। कर्नाटक के साथ कावेरी जल विवाद की वजह से राज्य के कई हिस्सों में उनकी फिल्म की स्क्रीनिंग रोक दी गई है। बेंगलुरू और मंड्या में उनके पोस्टर फाड़े गए। मामला इतना बढ़ गया कि थियेटर के बाहर पुलिस तैनात करनी पड़ी है।

तमिलनाडु सीएम थलपति विजय
Thalapathy Vijay: अभिनेता से नेता और फिर सीएम बने थलपति विजय की फिल्म 'जन नायकन' को कर्नाटक में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। यह पूरा विवाद कर्नाटक और तमिलनाडु की बीच बरसों से चले आ रहे कावेरी नदी जल विवाद को लेकर हुआ है। पिछले हफ्ते थियेटर्स में रिलीज हुई थलपति विजय की इस फिल्म का कर्नाटक में कुछ 'कन्नड़ समूहों' ने विरोध किया है। इसके बाद थियेटर्स ने फिल्म की स्क्रीनिंग को रद्द कर दिया है।
कन्नड़ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेकेदातू बांध परियोजना पर तमिलनाडु सीएम के रुख को देखने के बाद कर्नाटक के कई इलाकों में उनकी फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। कई समूहों ने थियेटर के बाहर लगे पोस्टर्स को निकाल कर फाड़ दिया। इसके बाद थियटर मालिकों ने भी स्वेच्छा और डर की वजह से फिल्म की स्क्रीनिंग को रोक दिया। बता दें, 23 जुलाई को रिलीज हुई विजय की फिल्म 'जन नायकन' को कर्नाटक में करीब 150 से ज्यादा थियेटरों में रिलीज किया गया था। लेकिन अब कावेरी जल विवाद के तेज होने के बाद फिल्म पर भी इसका असर दिख रहा है।
बैंगलुरु में थियेटर के बाहर पुलिस तैनात
रिपोर्ट्स के मुताबिक बेंगलुरु के 'उर्वशी थियेटर' में विजय की फिल्म लगी हुई थी। लेकिन विवाद और कन्नड़ समूहों के विरोध को देखते हुए पुलिस ने हिंसा होने की एडवायजरी जारी की। इसके बाद विजय की फिल्म की जगह थियेटर ने कन्नड़ फिल्म 'कारावली' की स्क्रीनिंग शुरू कर दी। हालांकि इसके बाद भी पुलिस ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था की है।
वहीं, कर्नाटक के मंड्या में भी फिल्म को लेकर इसी तरह का विवाद देखने को मिला। यहां कुछ समूहों ने विजय के पोस्टर फाड़ दिए और फिल्म की स्क्रीनिंग को रोक दिया।
कावेरी जल विवाद और थलपति विजय
प्रदेश की राजनीति में बड़े नेताओं को हराने के बाद मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठे थलपति विजय के लिए कावेरी जल विवाद एक बड़ी चुनौती है। दोनों राज्यों के बीच में यह विवाद कई दशकों से जारी है। कर्नाटक से बहकर तमिलनाडु में आने वाली कावेरी के पानी पर दोनों ही राज्य अपना दावा करते हैं। वैसे तो इस नदी के जल बंटवारे को लेकर शर्तें तय हैं। लेकिन मॉनसून की कमी के चलते इस बार कर्नाटक में तय मात्रा से कम पानी छोड़ा है। इसकी वजह से तमिलनाडु में और भी ज्यादा पानी की किल्लत हो गई है।
इसके अलावा कर्नाटक सरकार कावेरी नदी पर मेकेदातू बांध परियोजना शुरू करना चाहती है। तमिलनाडु का कहना है कि इससे उसके हिस्से का पानी रोक लिया जाएगा। इसलिए तमिलनाडु में इसका विरोध देखने को मिल रहा है।
कर्नाटक सीएम शिवकुमार से मिलने वाले हैं विजय
इस मामले पर हाल ही में तमिलनाडु मुख्यमंत्री विजय के कार्यायल की तरफ से संकेत दिया गया था कि वह कर्नाटक सीएम शिवकुमार से जाकर चर्चा करेंगे। इस मुद्दे पर तमिलनाडु में मुख्य विपक्षी दल डीएमके लगातार उनका विरोध कर रहा है। पूर्व सीएम स्टालिन ने इस दौरे को एक दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर कर्नाटक सुप्रीम कोर्ट और ट्रिब्यूनल के आदेशों के बाद भी पानी नहीं छोड़ रहा है, तो फिर वार्ता का क्या फायदा। इससे तमिलनाडु का कानूनी पक्ष कमजोर होगा।
बता दें, दोनों राज्यों के बीच में यह विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। विजय के पहले सत्ता में बैठी डीएमके भी कांग्रेस की सहयोगी थी, लेकिन इसके बाद भी वह इस मुद्दे को सुलझाने में नाकामयाब रही थी। फिलहाल यह मुद्दा विजय के लिए नाक का सवाल बना हुआ है।
