रूस-यूक्रेन जंग के बीच ट्रंप की नई चाल! अगस्त में कीव जाएंगे विटकॉफ और जेरेड कुश्नर, जानें क्यों अहम है दौरा
-
Written By:
अमन उपाध्याय
Updated On: Jul 31, 2026 | 12:32 PM IST
विज्ञापन
सार
Steve Witkoff Kyiv Visit: ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुश्नर अगस्त के अंत में कीव का दौरा करेंगे। शांति प्रयासों और स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिहाज से यह दौरा बेहद अहम है।

विटकॉफ और जेरेड कुश्नर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
विस्तार
Steve Witkoff Kushner Kyiv Visit: रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुश्नर अगस्त 2026 के दूसरे पखवाड़े में यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा कर सकते हैं।
रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी की रिपोर्ट के अनुसार, यह दौरा यूक्रेन के सोवियत संघ से अलग होने की 35वीं वर्षगांठ और स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर होने की संभावना है।
ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात का नतीजा
इस दौरे की नींव हाल ही में वाशिंगटन में रखी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 जुलाई को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान इस दौरे पर सहमति बनी थी।
सम्बंधित ख़बरें
हालांकि उस बैठक से बहुत अधिक तत्काल परिणाम नहीं निकले थे, लेकिन विटकॉफ और कुश्नर को कीव आने के लिए राजी करना जेलेंस्की प्रशासन के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जा रही है। इससे पहले राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन दोनों अमेरिकी दूतों के साथ फोन पर भी शांति प्रयासों को लेकर चर्चा की थी।
कीव का पहला आधिकारिक दौरा
गौरतलब है कि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर इससे पहले कई बार रूस की यात्रा कर चुके हैं, लेकिन कीव के लिए यह उनका पहला दौरा होगा। ये दोनों दूत अंतिम बार 22 जनवरी को मास्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले थे, हालांकि उस समय युद्धविराम को लेकर कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं मिल सका था।
यूक्रेन की अमेरिका में राजदूत ओल्हा स्टेफनिशिना ने भी पुष्टि की है कि दूतों के कीव आने की योजना है, लेकिन सुरक्षा कारणों से तारीखों पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है।
यूक्रेन के प्रति बदलता अमेरिकी रुख?
कूटनीतिज्ञों का मानना है कि यह दौरा यूक्रेन के प्रति अमेरिकी सरकार के बदलते नजरिए का संकेत है। हाल ही में ट्रंप ने पहली बार यह संकेत दिया था कि वाशिंगटन यूक्रेन को अपने खुद के ‘पैट्रियट इंटरसेप्टर’ बनाने का लाइसेंस प्रदान करेगा।
यह घोषणा तुर्की में हुए नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान की गई थी, जिसे यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। इसके अतिरिक्त, अमेरिकी सीनेट ने रूस पर प्रतिबंधों के उस बिल को भी आगे बढ़ा दिया है, जिसका उद्देश्य मास्को के युद्ध कोष को आर्थिक चोट पहुंचाना है।
युद्ध के मैदान में जारी है तबाही
एक तरफ जहां शांति की बातचीत की खबरें आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर युद्ध के मैदान में रूस का हमला और अधिक आक्रामक हो गया है। 30 जुलाई को हुए एक बड़े रूसी मिसाइल हमले में एक ही परिवार के 6 सदस्यों समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई।
यह भी पढ़ें:- नेपाल में हिंसा के बाद 7 सूत्रीय समझौता, मृतकों को शहीद का दर्जा और 10 लाख मुआवजा; मदरसों की होगी जांच
जेलेंस्की ने अपने संबोधन में दावा किया है कि रूस अब उत्तर कोरियाई बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर मासूम नागरिकों को निशाना बना रहा है। इस बीच, यूक्रेन ने भी पलटवार करते हुए रूस के कई तेल रिफाइनरियों और रसद केंद्रों को ड्रोन हमलों के जरिए निशाना बनाया है।
