बस्तरिया प्रतिनिधिमंडल का ऐतिहासिक सम्मान : राष्ट्रपति मुर्मु ने खुद परोसा भोजन, सीएम साय ने बस्तर आने का दिया न्योता
राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का ऐतिहासिक सम्मान हुआ। राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वयं भोजन परोसा और बस्तर आने की इच्छा जताई।
प्रतिनिधिमंडल को स्वयं भोजन परोसती राष्ट्रपति मुर्मु
- Published: 30 Jul 2026, 05:35 PM IST
- Last Updated: 30 Jul 2026, 06:04 PM IST
स्पर्श शर्मा - रायपुर / दिल्ली। राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में गुरुवार को बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का ऐतिहासिक सम्मान हुआ। बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं, परगना मांझी, मांझी, चालकी, पद्मश्री सम्मानित हस्तियों और अन्य प्रतिनिधियों सहित 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार मुलाकात की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का राष्ट्रपति ने स्वागत किया, सम्मानित किया और विशेष भोज के दौरान स्वयं भोजन भी परोसा।
राष्ट्रपति ने की बस्तर पंडुम की सराहना
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि बस्तर पंडुम जैसे आयोजन युवाओं को अपनी परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करते हैं।

बस्तर दशहरा मेरे हृदय को विशेष रूप से स्पर्श करता है- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर दशहरा उनकी भावनाओं से जुड़ा हुआ है और उन्होंने भविष्य में बस्तर दशहरा तथा बस्तर पंडुम में शामिल होने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि बस्तर में हो रहा सकारात्मक परिवर्तन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। राष्ट्रपति मुर्मु ने जनजातीय समाज से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा, "मांझी मेरे परिवार का हिस्सा हैं, मेरे पिता भी मांझी थे।" उन्होंने कहा कि मांझी-चालकी समाज और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं और जनजातीय समाज की परंपराओं को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
राष्ट्रपति भवन में बस्तर पंडुम-2026 के विजेताओं और 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का ऐतिहासिक सम्मान हुआ। राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वयं भोजन परोसा और बस्तर आने की इच्छा जताई। @BastarDistrict #BastarPandum @rashtrapatibhvn @vishnudsai #Chhattisgarh pic.twitter.com/vKFPJXjfRQ
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) July 30, 2026
शिक्षा, सड़क और विकास कार्यों की सराहना
राष्ट्रपति ने बस्तर क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ विकास, शांति और समृद्धि की दिशा में लगातार आगे बढ़ता रहेगा तथा सरकार हर परिस्थिति में जनजातीय समाज के साथ खड़ी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने भेंट की 300 वर्ष पुरानी 'झिटकू-मिटकी' कलाकृति
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बस्तर की लगभग 300 वर्ष पुरानी लोकगाथा पर आधारित 'झिटकू-मिटकी' की कलाकृति भेंट की। यह कलाकृति बस्तर के प्रेम, त्याग और लोकआस्था का प्रतीक मानी जाती है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को बस्तर आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

ऐसा दृश्य पहली बार देखा- अमित शाह
कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन में पहली बार बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा में इतना बड़ा प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा, "ऐसा दृश्य पहली बार देखा।"
प्रतिनिधिमंडल ने किया राष्ट्रपति भवन का भ्रमण
विशेष सम्मान समारोह के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का भ्रमण भी किया। इस पूरे आयोजन ने बस्तर की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, शिल्प और विकास यात्रा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
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