July 30, 2026

ममता बनर्जी से बगावत करने वाले तीनों मुस्लिम सांसद एनडीए बैठक में नहीं पहुंचे, आखिर क्या वजह?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर 20 सांसद NCPI में शामिल हो गए. अब ये NDA के सहयोगी हैं. भले ही स्पीकर ओम बिरला ने इन सांसदों के विलय कोमंजूरी नहीं दी, लेकिन काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय और सयानी घोष NDA की बैठक में शामिल हुए. हालांकि, उस मीटिंग में तीन सांसदों के शामिल नहीं होने को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. NCPI के 20 MPs में से तीन मुस्लिम सांसद मीटिंग से नदारद थे और यह सवाल किया जा रहा है कि क्या वे फिर से तृणमूल कांग्रेस में लौटेंगे?

चुनाव नतीजों के बाद संसद में एक नया समीकरण बन गया. काकोली और सुदीप बंद्योपाध्याय समेत टीएमसी 20 नाराज सांसदों ने ऐलान किया कि वे तृणमूल कांग्रेस छोड़कर NCPI में शामिल हो रहे हैं. वे सांसद NDA के सहयोगी के तौर पर काम करेंगे. उन्होंने स्पीकर से NCPI को पार्लियामेंट्री पार्टी के तौर पर मान्यता देने की अपील की थी, लेकिन, स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक मान्यता नहीं दी है.

NCPI की मान्यता लंबित होने के बावजूद, नाराज सांसदों को सर्वदलीय बैठक में बुलाया गया था. इस पर टीएमसी ने सवाल खड़ा किया. विपक्ष ने विरोध किया. पिछले मंगलवार को उन्हें बुलाया गया था. मीटिंग से बाहर आने के बाद भी काकोली और जुनरा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें NDA की पार्टनर पार्टी के तौर पर सबसे मिलवाया था.

कौन से तीन MP गैरहाजिर थे?

सूत्रों के मुताबिक, तीन मुस्लिम सांसद अबू ताहिर, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान पिछले मंगलवार को NDA की मीटिंग में मौजूद नहीं थे. पता चला है कि वे मानसून सत्र के मौके पर दिल्ली में हैं.

Nda Mp Meeting

लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुए. फिर इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वे मीटिंग में क्यों मौजूद नहीं थे. एक और खबर पहले ही सामने आ रही है. ऐसे संकेत हैं कि NCPI सीधे BJP में मर्ज हो सकती है. राजनीतिक हलकों में मीटिंग से तीन मुस्लिम MP के गैरहाजिर होने को इशारा माना जा रहा है.

मुस्लिम सांसदों के नदारद रहने से कयास शुरू

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि खलीलुर और अबू ताहिर बीजेपी में शामिल नहीं होंगे. उनके अपने इलाकों में राजनीतिक जिम्मेदारियां हैं. उनकी राजनीतिक स्थिति वहां के डेमोग्राफिक्स के हिसाब से तय होगी. हालांकि, अभी तक किसी ने इस बारे में बात नहीं की है कि वे मीटिंग में क्यों नहीं थे? लेकिन उनकी उपस्थिति से ये कयास लगाये जा रहे हैं कि क्या ये मुस्लिम सांसद एनसीपी से दूरी बनना शुरू कर दिए हैं.

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आनंद प्रकाश पांडेय

आनंद प्रकाश पांडेय

दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई के बाद 2005 में टीवी पत्रकारिता में कदम रखा. वो सफर अब टीवी9 भारतवर्ष तक पहुंच गया है. राजनीतिक लोगों और राजनीतिक खबरों में रूचि है. भले ही पद एडिटर, नेशनल अफेयर्स का है पर अभी भी खुद को नौसिखिया ही मानता हूं और इसलिए सीखने का क्रम अनवरत जारी है...

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