
जिम्बाब्वे में T20 सीरीज जीत के हीरो वैभव सूर्यवंशी (Photo: PTI)
Ravindra Jadeja- Vaibhav Sooryavanshi: रवींद्र जडेजा फिट हैं और श्रीलंका में टेस्ट सीरीज खेलने के लिए टीम इंडिया में वापसी भी कर चुके हैं. लेकिन, इस बीच राजस्थान रॉयल्स से जुड़ा उनका और वैभव सूर्यवंशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर छाया है. उस वीडियो में RR के दोनों खिलाड़ी सवालों के रैपिड फायर राउंड से गुजरते दिखते हैं. उसी दौरान एक सवाल दोनों से ये होता है कि उन्हें किस गेंदबाज से डर लगता है?
रवींद्र जडेजा को किस गेंदबाज से डर लगता है?
ये सवाल पहले IPL को लेकर था, जिसका जवाब देते हुए वो खुद के लिए जोफ्रा आर्चर का नाम लेते हैं. लेकिन, फिर उसी सवाल को जडेजा से इंटरनेशनल लेवल पर भी पूछा गया. जडेजा ने फिर भी जोफ्रा आर्चर का नाम लिया.
वैभव सूर्यवंशी को किस गेंदबाज से डर लगता है?
रवींद्र जडेजा के बाद बारी वैभव सूर्यवंशी से पूछने की आई. वैभव से भी वही सवाल हुआ- किस गेंदबाज से डर लगता है? इस सवाल के जवाब में वैभव ने कहा किसी से नहीं. रवींद्र जडेजा तुरंत ही वैभव के उस जवाब को और दिलचस्प बना देते हैं. वो कहते हैं- ऐसा कोई आया नहीं है मार्केट में.
From Vaibhav being starstruck the first time he met Ravindra Jadeja to the two becoming best friends in Pink. Only the IPL could write this story 💗😂 pic.twitter.com/7CA4Ze96sG
— Rajasthan Royals (@rajasthanroyals) July 29, 2026
बल्लेबाजी में वैभव और जडेजा को क्या पसंद है?
रैपिड फायर सेशन के दौरान वैभव सूर्यवंशी और रवींद्र जडेजा से कुछ और सवाल होते हैं . जैसे उन्हें कैसी बल्लेबाजी करना पसंद है? इसके जवाब में वैभव सूर्यवंशी कहते हैं- फीयरलेस. वहीं रवींद्र जडेजा का जवाब मैच्योरिटी होता है.
बल्लेबाजी में दिखता है फीयरलेस अंदाज
वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में उनके फीयरलेस अप्रोच की झलक तो दिखती है. IPL में ऐसा सबने देखा है और अब इंटरनेशनल क्रिकेट में भी उनकी वो झलक साफ दिख रही है. हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ खत्म हुई 3 T20 की सीरीज में वैभव सबसे ज्यादा 151 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे. उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया था.

साकेत शर्मा
'कौन बनेगा करोड़पति' गेम शो से शुरू हुआ सफर न्यूज नेशन, इंडिया न्यूज, इंडिया डॉट कॉम और Editorji जैसे पड़ावों से गुजरा. इसी कड़ी में पिछले 5 सालों से मैं TV9 हिंदी के साथ जुड़ा हूं. यहां भी खेल की खबरों को बताना मेरा काम है. TV, डिजिटल और प्रोडक्शन हाउस, तीनों ही दुनिया की समझ और कुल मिलाकर एक दशक से भी ज्यादा का मेरे पास अनुभव है. हर रोज कुछ नया सीखने और नई क्रिएटिव चीज करने की कोशिश करता हूं. असफलता से घबराता नहीं और सफलता पर इतराता नहीं. बस कोशिश यही करता हूं कि हमेशा अपना बेस्ट दे सकूं. आज तक यही करता आया हूं और आगे भी इरादा ऐसा ही है. फिर चाहे काम डेस्क पर बैठकर खेल की खबरों को अपने शब्दों में पिरोने का हो या फिर फील्ड में उतरकर उसे कैमरे पर उतारने का. सीधी भाषा में कहें तो मैं खेल के मैदान पर होने वाली हर हलचल को आपतक पहुंचाने वाला एक खिलाड़ी हूं.
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