July 29, 2026

इरफान की बहन: मजदूरों की आवाज़, जो लिखी नहीं जाती

"जो देखते हैं, वही बोलते हैं..." मोहम्मद इरफान की बहन ने बताया कैसे बनी उनकी अलग पहचान

Updated: Wed, 29 Jul 2026 09:20 AM (IST)

मोहम्मद इरफान और उनकी बहन (फोटो : AI)

मोहम्मद इरफान और उनकी बहन (फोटो : AI)

जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान वायरल हुए मोहम्मद इरफान की बहन ने बताया कि इरफान कोई लिखी हुई स्क्रिप्ट नहीं बोलते, बल्कि अपने अनुभव और समझ के आधार पर बात रखते हैं. अगर कोई अच्छी लाइन मिलती है तो वह उसे पढ़कर सुनाती हैं, फिर इरफान उसे याद कर लेते हैं. उनके मुताबिक मजदूरों की आवाज उठाना ही उनके भाई का मकसद है.

Mohammad Irfan Story : जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान देशभर में चर्चा का विषय बने मोहम्मद इरफान के बारे में हर कोई जानना चाह रहा है. उनकी बहन ने बताया कि उनके भाई की तैयारी किसी मंच या राजनीतिक संगठन से नहीं होती. उन्होंने कहा कि इरफान अन्ना हजारे के आंदोलन के समय से ही अलग-अलग जन आंदोलनों में जाते रहे हैं. जो कुछ अपनी आंखों से देखते हैं और समाज में महसूस करते हैं, उसी को अपनी भाषा में लोगों के सामने रखते हैं. अगर उन्हें कहीं कोई अच्छी बात या लाइन सुनने को मिलती है तो वह उसे पढ़कर सुनाती हैं. इसके बाद इरफान बार-बार उसकी प्रैक्टिस करते हैं और फिर अपने अंदाज में लोगों के सामने रखते हैं.

"मजदूरों की बात कोई नहीं करता, इसलिए भाई वही मुद्दा उठाते हैं"

उनकी बहन बताती हैं कि मोहम्मद इरफान खुद रेहड़ी लगाकर परिवार का गुजारा करते हैं. मजदूरों की जिंदगी को उन्होंने करीब से देखा है, इसलिए उनके भाषणों में सबसे ज्यादा जिक्र मजदूरों और आम लोगों की समस्याओं का होता है. उनका कहना है कि मजदूरों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं होता, इसलिए उनके भाई हमेशा उन्हीं के हक की बात करते हैं. जब लोग आकर कहते हैं कि "आपका भाई बहुत अच्छा बोलता है", तो पूरे परिवार को खुशी होती है कि कम से कम वह समाज के लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं.

नाम पर होती है राजनीति तो लगता है डर

इरफान की बहन ने कहा कि कई बार जब लोगों को उनके भाई का नाम पता चलता है तो चर्चा हिंदू-मुस्लिम की तरफ मुड़ जाती है. ऐसे समय परिवार को थोड़ा डर जरूर लगता है, लेकिन उनका मानना है कि उनका परिवार सभी धर्मों का सम्मान करता है और कभी किसी धर्म के खिलाफ नहीं बोला. उनके मुताबिक इरफान का मकसद केवल लोगों के अधिकारों और संविधान की बात करना है, किसी तरह की धार्मिक या राजनीतिक नफरत फैलाना नहीं.

जंतर-मंतर से पूरे देश में मिली पहचान

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मोहम्मद इरफान रातों-रात चर्चा में आ गए. संविधान, लोकतंत्र और मजदूरों के अधिकारों पर उनकी सरल लेकिन प्रभावी बातों ने लोगों का ध्यान खींचा. उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी उनके घर पहुंचे, परिवार से मुलाकात की और इरफान की समझ और सीखने की इच्छा की सराहना की. परिवार का कहना है कि उनके लिए सबसे बड़ी खुशी यही है कि एक आम मजदूर की आवाज अब पूरे देश तक पहुंच रही है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

Tags