न्यूज नेशन के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह लोगों की शिकायतों को दूर करने के बजाय जनता के विरोध का जवाब बहुत ज्यादा बल प्रयोग करके दे रहा है.
न्यूज नेशन के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह लोगों की शिकायतों को दूर करने के बजाय जनता के विरोध का जवाब बहुत ज्यादा बल प्रयोग करके दे रहा है.
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भारत ने मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन, पाकिस्तान की ओर से दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण और बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने का परिणाम है. विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह लोगों की शिकायतों को दूर करने के बजाय जनता के विरोध का जवाब बहुत ज्यादा बल प्रयोग करके दे रहा है.
विदेश नीति समेत कई मुद्दों पर उठाए सवाल
ये बातें विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने न्यूज नेशन के वरिष्ठ संवाददाता मधुरेंद्र के किए सवाल पर कहीं. उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट सहित विदेश नीति समेत कई मुद्दों पर उठे सवालों के जवाब दिए.
हमारे संवाददाता ने पूछा, 'पीओके में जनता अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही है. यहां पर पाकिस्तानी सेना क्रूरता के साथ लोगों से डील कर रही हैं. जनता पर अत्याचार हो रहा है. भारत ने इस पर नाराजगी दिखाई है. अब ये मामला अंतराष्ट्रीय पटल पर भी पहुंच चुका है. इस मामले अब भारत की ओर से क्या रुख अपनाया जा रहा है.
अंतराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराए
इस पर जायसवाल ने कहा, "पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में हो रहे विरोध-प्रदर्शन, पाकिस्तान की ओर से दशकों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण, बुनियादी अधिकारों से वंचित रखने और उसके अवैध और जबरदस्ती कब्जे वाले इलाकों में प्रशासनिक कामकाज का सीधा नतीजा हैं. यहां के स्थानीय लोगों की जायज शिकायतों को दूर करने के बजाय, पाकिस्तानी सरकार ने बहुत अधिक पुलिस बर्बरता के साथ जवाब दिया है. हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन गंभीर उल्लंघनों और गलत कामों के लिए पाकिस्तान को पूरी तरह से जवाबदेह ठहराएगा."
एशिया के हालात पर बारीकी से नजर
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के साथ, विदेश मंत्रालय (MEA) ने पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की. विदेश मंत्रालय के अनुसार, वह पश्चिम एशिया के हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए है. इस क्षेत्र में कमर्शियल जहाजो पर हुए हमले के बाद होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित और बिना रुकावट के आवाजाही की मांग की है.
भारतीय नाविक की मौत होने का मामला
रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत दो जहाजों पर हुए हमलों को लेकर काफी चिंतित है, जिनमें एक भारतीय नाविक की मौत होने का मामला था. उन्होंने कहा, "हम पश्चिम एशिया में हो रही घटनाओं पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. हम होर्मुज़ जलडमरूमध्य से सुरक्षित और बिना रुकावट के आवाजाही और व्यापार के प्रवार की मांग करते रहेंगे. यह दुनिया भर के लोगों की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा तय करने को लेकर काफी जरूरी है."
हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया: MEA
इस दौरान सरकारी सूत्रों ने जानकारी दी कि 28 फरवरी, 2026 से खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीयों की मौत हो गई है. वहीं तीन लापता हैं. बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस साल के अंत में बांग्लादेश लौटने की खबरों पर जायसवाल ने कहा, "बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री के बयान या इंटरव्यू के बारे में, हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आया है... प्रत्यर्पण का कोई भी मामला कानूनी मुद्दा होता है और इसे उसी के अनुसार निपटाया जाएगा." भगोड़े व्यवसायी नीरव मोदी से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, " इस मामले में कानूनी कार्यवाही चल रही है. एक बार जब वे कानूनी कार्यवाही पूरी हो जाएगी, तो उन्हें भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाएगा."
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