October 26, 2026

राज ठाकरे ने PM मोदी और गौतम अडाणी पर बनी डॉक्यूमेंट्री X से हटाई, वीडियो में जाने मुंबई पुलिस के अनुरोध का दिया हवाला

राज ठाकरे ने PM मोदी और गौतम अडाणी पर बनी डॉक्यूमेंट्री X से हटाई, वीडियो में जाने मुंबई पुलिस के अनुरोध का दिया हवाला

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडाणी पर बनाई गई एक डॉक्यूमेंट्री को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से हटा दिया है। राज ठाकरे ने रविवार को बताया कि उन्होंने मुंबई पुलिस कमिश्नर के अनुरोध पर यह कदम उठाया। उनके मुताबिक, हॉटमेल के सह-संस्थापक साबीर भाटिया की ओर से बनाई गई इस डॉक्यूमेंट्री को X पर 48 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके थे। इस घटनाक्रम के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है।राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए डॉक्यूमेंट्री हटाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह फिल्म जनता को जानकारी देने के उद्देश्य से पोस्ट की गई थी। उनके अनुसार, डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडाणी के पुराने संबंधों के बारे में जानकारी दी गई है। हालांकि, फिल्म में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि और उनकी सत्यता का आकलन अलग विषय है।

24 सोशल मीडिया अकाउंट धारकों को मुंबई पुलिस का नोटिस

इस मामले में मुंबई पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने 24 सोशल मीडिया अकाउंट धारकों को कानूनी नोटिस भेजे हैं। इन लोगों ने साबीर भाटिया की ओर से पोस्ट की गई डॉक्यूमेंट्री को अपने अकाउंट पर साझा किया था।नोटिस भेजे जाने के बाद डॉक्यूमेंट्री को साझा करने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि, नोटिस में किन कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है और संबंधित अकाउंट धारकों को क्या निर्देश दिए गए हैं, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना जरूरी है।डॉक्यूमेंट्री को लेकर पुलिस की कार्रवाई और राज ठाकरे के उसे हटाने के फैसले ने सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करने तथा उसकी कानूनी सीमाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

MNS नेताओं ने उठाए सवाल

राज ठाकरे के डॉक्यूमेंट्री हटाने के फैसले के बाद महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कुछ नेताओं ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या मुंबई पुलिस ने किसी दबाव में आकर राज ठाकरे से डॉक्यूमेंट्री हटाने का अनुरोध किया था।हालांकि, यह सवाल MNS नेताओं की ओर से उठाया गया है। पुलिस पर किसी दबाव के संबंध में स्वतंत्र रूप से पुष्टि की गई जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस मामले में किसी दबाव या हस्तक्षेप को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।

राज ठाकरे बोले- जनता को जानकारी देने के लिए पोस्ट की थी फिल्म

राज ठाकरे ने अपनी पोस्ट में कहा कि डॉक्यूमेंट्री को जनता तक जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से साझा किया गया था। उन्होंने दावा किया कि फिल्म में गौतम अडाणी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुरानी दोस्ती के बारे में विस्तार से बताया गया है।डॉक्यूमेंट्री को 48 लाख से अधिक व्यूज मिलने का उल्लेख करते हुए राज ठाकरे ने उसके व्यापक प्रसार की जानकारी भी दी। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में व्यूज मिलने के बावजूद उसे हटाने का फैसला राजनीतिक और सोशल मीडिया से जुड़े विमर्श का विषय बन गया है।

फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम में तीन प्रमुख पहलू सामने आए हैं। पहला, राज ठाकरे की ओर से डॉक्यूमेंट्री हटाने का फैसला; दूसरा, उसे साझा करने वाले 24 अकाउंट धारकों को मुंबई पुलिस के कानूनी नोटिस; और तीसरा, MNS नेताओं की ओर से पुलिस के अनुरोध के पीछे संभावित दबाव को लेकर उठाए गए सवाल।आगे इस मामले में पुलिस की ओर से दी जाने वाली जानकारी और संबंधित नोटिसों में दर्ज आधार महत्वपूर्ण होंगे। वहीं, डॉक्यूमेंट्री में किए गए दावों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों को देखना जरूरी होगा।

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