September 16, 2026

PM Modi के बचपन के 12 किस्से, चाय की दुकान से मगरमच्छ वाली कहानी तक...

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वडनगर में बीता बचपन

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वडनगर में बीता बचपन

नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में हुआ था। उनका बचपन इसी छोटे शहर के सामान्य माहौल में बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति नॉर्मल थी और बचपन से ही उन्हें पढ़ाई के साथ घर के काम में भी हाथ बंटाना पड़ता था। यही वडनगर आगे चलकर उनकी जिंदगी की कहानी का सबसे अहम शुरुआती पड़ाव बना।

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पिता की चाय की दुकान पर मदद

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पिता की चाय की दुकान पर मदद

नरेंद्र मोदी पढ़ाई के साथ परिवार की चाय की दुकान पर भी मदद करते थे। वडनगर रेलवे स्टेशन से जुड़ी यह कहानी उनके बचपन के सबसे ज्यादा चर्चित हिस्सों में से एक है। कई मौकों पर मोदी ने खुद बताया है कि वो चाय बेचते थे।

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पढ़ाई में बहस का शौक

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पढ़ाई में बहस का शौक

पढ़ाई के दौरान नरेंद्र मोदी को बहस में काफी दिलचस्पी था। उनकी सार्वजनिक जीवनी में भी डिबेट और किताबों के प्रति उनके शुरुआती लगाव का जिक्र मिलता है। यानी बोलने और अपनी बात रखने की रुचि उनके जीवन में काफी पहले दिखाई देने लगी थी।

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स्कूल का नाम था वर्नाक्युलर स्कूल

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स्कूल का नाम था वर्नाक्युलर स्कूल

नरेंद्र मोदी ने वडनगर के जिस पुराने स्कूल में पढ़ाई की थी, उसे वर्नाक्युलर स्कूल के नाम से जाना जाता था। बाद में इसी स्कूल को नए रूप में डेवलप करके ‘प्रेरणा स्कूल’ के तौर पर तैयार किया गया।

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तैराकी का था शौक

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तैराकी का था शौक

नरेंद्र मोदी को बचपन में तैराकी का शौक था। वडनगर की शर्मिष्ठा झील से उनकी तैराकी की कई कहानियां जुड़ी हैं।

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मगरमच्छ वाला किस्सा

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मगरमच्छ वाला किस्सा

नरेंद्र मोदी के बचपन से जुड़ा एक चर्चित किस्सा मगरमच्छ से जुड़ा है। 2014 में प्रकाशित एक जीवनी के हवाले से बताया गया कि कक्षा 8 के दौरान शर्मिष्ठा झील में तैरते समय उनके पैर पर मगरमच्छ ने हमला किया था और उन्हें टांके लगे थे।

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झील और मंदिर से जुड़ी कहानी

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झील और मंदिर से जुड़ी कहानी

वडनगर के लोगों के बीच एक और कहानी सुनाई जाती है कि बाल नरेंद्र झील के बीच बने एक छोटे मंदिर पर झंडा बदलने के लिए पानी में उतर गए थे।

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छोटी उम्र में RSS की शाखा से जुड़ाव

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छोटी उम्र में RSS की शाखा से जुड़ाव

नरेंद्र मोदी करीब 8 साल की उम्र में RSS की स्थानीय शाखा में जाने लगे थे। यहीं उनकी मुलाकात लक्ष्मणराव इनामदार से हुई, जिन्हें बाद में उनके शुरुआती मार्गदर्शकों में गिना गया।

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NCC से भी जुड़े थे

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NCC से भी जुड़े थे

नरेंद्र मोदी किशोरावस्था में National Cadet Corps यानी NCC से जुड़े थे। स्कूल के समय की ऐसी गतिविधियां उनके बचपन की कहानी का एक कम चर्चित हिस्सा हैं। इससे उनके स्कूल जीवन में पढ़ाई के अलावा दूसरी गतिविधियों की भी झलक मिलती है।

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17 साल की उम्र में घर से निकले

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17 साल की उम्र में घर से निकले

करीब 17 साल की उम्र में नरेंद्र मोदी ने घर छोड़ा और इसके बाद करीब दो साल तक भारत के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा की। उन्होंने कई धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों का दौरा किया। यह दौर उनके बचपन से निकलकर आगे की जिंदगी की तलाश की ओर बढ़ने वाला बड़ा मोड़ माना जाता है।

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थिएटर में भी दिलचस्पी

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थिएटर में भी दिलचस्पी

नरेंद्र मोदी के स्कूल जीवन से जुड़ी जानकारियों में थिएटर का जिक्र भी मिलता है। उन्हें स्कूल के नाटकों में हिस्सा लेना पसंद था।

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