बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सूचना सलाहकार जाहिद उर रहमान ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है. उनके मुताबिक बैन हो चुकी अवामी लीग के साथ रिकंसीलिएशन करना कोई बुरा आइडिया नहीं है.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शेख हसीना की पार्टी को रिकंसीलिएशन के लिए खुद आगे आना होगा. इसके साथ ही पार्टी को अपने हर कदम की जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी.
जाहिद उर रहमान ने कहा, 'अवामी लीग के सक्रिय कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ सुलह की पहल करना कोई बुरा विचार नहीं है. बल्कि, अगर ऐसी कोई पहल होती है तो ये अच्छा ही होगा.'
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उन्होंने ये भी कहा कि अगर बीच का कोई पक्ष इस पहल को आगे बढ़ाना चाहता है और इसे अच्छा मानता है, तो उनका विचार भी यही है.
मध्यस्थों को दी सलाह
जाहिद उर रहमान ने कहा कि मध्यस्थों को अवामी लीग तक पहुंच बनानी चाहिए. सुलह प्रक्रिया शुरू करने के लिए सबसे पहले पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत करके एक बुनियादी आधार तैयार किया जाना चाहिए. अगर ये हो जाता है, तो इस मामले पर आगे चर्चा की जा सकती है. हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि 'बीच के व्यक्ति' से उनका क्या मतलब था.
'पश्चाताप के बिना सुलह मुमकिन नहीं'
जाहिद ने ये भी कहा कि रिकंसीलिएशन के लिए अभी जरूरी हालात और शर्तें पूरी तरह नदारद हैं, क्योंकि अवामी लीग के नेतृत्व ने अपने कामों के लिए कोई अफसोस नहीं दिखाया है. उनका इशारा साल 2024 में हुए बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान तत्कालीन अवामी लीग सरकार के किए गए हिंसक दमन की तरफ था.
बता दें कि 2024 के उन प्रदर्शनों ने शेख हसीना की सरकार को गिरा दिया था, जिसके बाद उन्हें देश छोड़कर भारत भागना पड़ा था. इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार ने देश की कमान संभाली थी. अंतरिम प्रशासन और मौजूदा सरकार लगातार शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करती रही है. हालांकि, इस साल अगस्त में शेख हसीना ने खुद ऐलान किया था कि वो कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए खुद वापस लौटेंगी.
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पहले दिया था ये बयान
इससे पहले 23 जून को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाहिद ने कहा था कि अवामी लीग की वापसी के लिए लोगों की याददाश्त मिटानी होगी. हमें भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) का शिकार होना पड़ेगा, तभी उनका लौटना मुमकिन हो सकता है. इसके अलावा, प्रधानमंत्री तारिक रहमान और बीएनपी के कार्यवाहक महासचिव रुहुल कबीर रिजवी भी पहले कई बार कह चुके हैं कि अवामी लीग ने खुद को इतिहास के कूड़ेदान में डाल दिया है.
ऐसे में सूचना सलाहकार का ये ताजा बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है.
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