August 5, 2026

जकरबर्ग की माफी, राहुल गांधी की 'नो'; PM मोदी के समर्थन में एक्टर... पढ़ें आज की 6 बड़ी खबरें

Aug 05, 2026 08:04 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान

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Top News Today: आज कई ऐसी घटनाएं हुईं जिन्होंने सुर्खियों पर राज किया। राज्यों की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर बॉलीवुड के बयानों तक, आइए आपको बताते हैं आज की उन 6 खबरों के बारे में जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी हैं।

News Wrap 5 August

जकरबर्ग की माफी, राहुल गांधी की 'नो'; PM मोदी के समर्थन में एक्टर... पढ़ें आज की 6 बड़ी खबरें

Top News Today: मॉनसून सत्र की खींचतान के बीच सरकार अब संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी में है, लेकिन राहुल गांधी ने एक नई शर्त रखकर पेंच फंसा दिया है। उधर, मेटा के सर्वेसर्वा मार्क जकरबर्ग की माफी से लेकर बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के झटके तक- आज कई ऐसी घटनाएं हुईं जिन्होंने सुर्खियों पर राज किया। राज्यों की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर बॉलीवुड के बयानों तक, आइए आपको बताते हैं आज की उन 6 खबरों के बारे में जो आपके लिए जानना बेहद जरूरी हैं।

1. परिसीमन बिल के लिए 16 अगस्त से संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी

संसद का मॉनसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ने के बाद अब केंद्र सरकार परिसीमन (Delimitation Bill) और महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए 16 से 18 अगस्त के बीच 3 दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का विचार कर रही है। सरकार इन ऐतिहासिक विधेयकों पर सर्वसम्मति बनाने के लिए विपक्षी दलों के संपर्क में है, जिसके तहत संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से करीब 50 मिनट तक बातचीत भी की। हालांकि, दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंताओं और विपक्ष के अड़ियल रुख को देखते हुए संसद में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास कराना सरकार के लिए आसान नहीं रहने वाला है। पढ़ें पूरी खबर...

2. संसद में गतिरोध खत्म करने पर राहुल गांधी की ‘नो’

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में जारी गतिरोध को खत्म करने की सरकार की अपील को ठुकरा दिया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के साथ हुई बैठक में राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि जब तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो अहम मुद्दों—छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित अनियमितताओं—पर संसद के पटल पर जवाब नहीं देते, तब तक विपक्ष सदन को चलने नहीं देगा। कांग्रेस का कहना है कि इन जनहित के मुद्दों पर स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही परिसीमन जैसे विधेयकों पर बात आगे बढ़ सकती है। पढ़ें पूरी खबर...

3. आपत्तिजनक कंटेंट पर मार्क जकरबर्ग ने मांगी माफी

सोशल मीडिया दिग्गज 'मेटा' के प्रमुख मार्क जकरबर्ग ने अपने प्लेटफॉर्म्स पर हुई हालिया गलतियों, आपत्तिजनक सामग्री (CSAM) और डीपफेक वीडियो को लेकर गहरा खेद जताते हुए सरकार से माफी मांगी है। जकरबर्ग ने स्वीकार किया कि कंटेंट को बूस्ट करने के लिए पैसे लिए गए थे और तकनीकी गड़बड़ियों के कारण सिस्टम में कमियां पाई गईं। केंद्र सरकार और मेटा के बीच छिड़े इस विवाद के बाद कंपनी अब प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा जांच और कंटेंट मॉडरेशन को और कड़ा करने पर काम कर रही है। पढ़ें पूरी खबर...

4. सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं: CM हेमंत सोरेन

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्रों के आंदोलन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम सोरेन ने कहा कि पेपर लीक की समस्या केवल झारखंड की नहीं बल्कि पूरे देश की एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, और उनकी सरकार केवल जांच करने तक सीमित न रहकर युवाओं को ठोस व स्थायी समाधान देने पर काम कर रही है। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से अपील करते हुए कहा कि राज्य सरकार के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं और युवा बिना किसी झिझक के अपने सुझाव और मांगें सरकार के सामने रख सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर...

5. BJP पर बरसे JDU विधायक अनंत सिंह- 'अहंकार पड़ा भारी'

पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद एनडीए गठबंधन के भीतर से ही तीखे सुर उठने लगे हैं। मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को 'कलकत्ता, मुंबई और विदेश जीतने का घमंड' हो गया था, जो इस हार की मुख्य वजह बना। अनंत सिंह के मुताबिक, जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर जनादेश दिया था और बिना वजह नेतृत्व परिवर्तन करने का संदेश आम लोगों को रास नहीं आया, जिसके चलते जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने यहां से बाजी मार ली। पढ़ें पूरी खबर...

6. 'संघी' कहे जाने पर क्या बोले अभिनेता आर. माधवन?

सोशल मीडिया पर 'संघी' कहे जाने और अपनी फिल्म 'धुरंधर' पर राजनीतिक एजेंडा चलाने के आरोपों का अभिनेता आर. माधवन ने बेबाकी से जवाब दिया है। माधवन ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी किसी राजनीतिक दल के खिलाफ जहर नहीं उगला और अच्छे कामों की सराहना करना उनकी आदत है। ट्रोल्स पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि देश के जनता द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री का समर्थन करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इंटरनेट पर मिलने वाली गालियों या नकारात्मक टिप्पणियों से उनकी सोच और देश के प्रति उनका नजरिया नहीं बदलने वाला। पढ़ें पूरी खबर...