Published: Thursday, September 17, 2026, 13:15 [IST]
Annapurna Scheme: पश्चिम बंगाल में महिलाओं के लिए 17 सितंबर का दिन खास होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर राज्य सरकार 'अन्नपूर्णा दिवस' मना रही है। इसी मौके पर अन्नपूर्णा योजना के तहत करीब 1.58 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में सितंबर की 3000 रुपये की सहायता राशि भेजी जाएगी। यह पैसा सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए पहुंचेगा।
योजना शुरू होने के बाद इसके लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ी है। जून में जहां करीब 28 लाख महिलाओं को भुगतान किया गया था, वहीं जुलाई में यह संख्या 1.19 करोड़ और अगस्त में करीब 1.48 करोड़ पहुंच गई। अब सितंबर में करीब 10 लाख और महिलाओं के जुड़ने की बात कही गई है।
हर महीने मिलते हैं 3000 रुपये
अन्नपूर्णा योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। यानी पूरे साल में उन्हें कुल 36,000 रुपये मिल सकते हैं। राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाती है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस योजना को महिलाओं की आर्थिक मदद और सामाजिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया है।
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जून से लगातार बढ़ी लाभार्थियों की संख्या
योजना के तहत जून 2026 में पहली बार करीब 28 लाख महिलाओं को 3000 रुपये की सहायता मिली थी। इसके बाद जुलाई में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर करीब 1.19 करोड़ हो गई। अगस्त में करीब 1.48 करोड़ महिलाओं को इसका फायदा मिला।
अब सितंबर में करीब 10 लाख और महिलाओं को जोड़ने के बाद लाभार्थियों की संख्या लगभग 1.58 करोड़ होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 17 सितंबर को अन्नपूर्णा दिवस के मौके पर सितंबर की राशि ट्रांसफर करने की जानकारी दी है।
बीजेपी के चुनावी वादे से जुड़ी योजना
अन्नपूर्णा योजना का वादा बीजेपी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में किया था। इसमें 25 से 60 साल की महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये देने की बात कही गई थी। सत्ता में आने के बाद नई सरकार ने इस योजना को लागू किया। योजना के लागू होने के साथ पहले चल रही लक्ष्मी भंडार योजना के लाभार्थियों को अन्नपूर्णा योजना में शामिल किया गया, हालांकि तय नियमों के तहत कुछ श्रेणियों को बाहर रखा गया है।
25 से 60 साल की महिलाओं को लाभ
सरकारी जानकारी के अनुसार अन्नपूर्णा योजना के लिए महिला की उम्र 25 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा स्थायी सरकारी नौकरी, नियमित सरकारी वेतन या पेंशन जैसी कुछ स्थितियों में योजना का लाभ नहीं मिलता। आयकर देने वाली महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं। हाल में घोषित नियमों के अनुसार, 10,000 रुपये से ज्यादा मासिक व्यक्तिगत आय या 12 लाख रुपये से ज्यादा सालाना पारिवारिक आय वाली महिलाओं को पात्र नहीं माना जाएगा।
घर में ज्यादा कमरे या जमीन होने पर भी राहत
ग्रामीण महिलाओं के लिए नियमों में भी बदलाव किया गया है। पहले घर में तीन से ज्यादा कमरे होने या 50 डेसिमल से ज्यादा जमीन होने जैसी शर्तों के कारण कुछ महिलाओं को योजना से बाहर किए जाने की बात सामने आई थी। अब केवल इन आधारों पर किसी ग्रामीण महिला को योजना से बाहर नहीं किया जाएगा। इससे ज्यादा ग्रामीण महिलाओं के योजना से जुड़ने का रास्ता साफ हुआ है।
दूसरी सरकारी मदद मिल रही है तो क्या होगा?
अगर किसी पात्र महिला को किसी दूसरी सरकारी योजना के तहत 3000 रुपये से कम की आर्थिक सहायता मिल रही है, तो अन्नपूर्णा योजना के तहत बाकी रकम का अंतर पूरा करने का प्रावधान बताया गया है। यानी किसी महिला को दूसरी योजना से मिलने वाली सहायता 3000 रुपये से कम है, तो तय पात्रता पूरी होने पर अन्नपूर्णा योजना के जरिए उस अंतर की भरपाई की जा सकती है।
खाते में कैसे आएगी रकम?
अन्नपूर्णा योजना की राशि डीबीटी के जरिए आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार की ओर से आवेदन और लाभार्थियों के डेटा की जांच की जाती है। जिन महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है और जो सभी शर्तें पूरी करती हैं, उन्हें भुगतान किया जा रहा है।
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