कनाडा के अल्बर्टा प्रांत के एडमंटन स्थित नानकसर गुरसिख गुरुद्वारा में शादी समारोह से पहले सुबह की प्रार्थना के दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर हंगामा किया। उसे काबू करने की कोशिश के दौरान हुई झड़प में दो पुरुषों पर चाकू से हमला हुआ। पुलिस ने एक व्यक्ति को मौके से गिरफ्तार किया है और दोनों घायलों की चोटें गंभीर नहीं हैं। हमले की वजह और यह हेट क्राइम था या नहीं, इसकी जांच जारी है। घटना के बावजूद गुरुद्वारे में शादी समारोह तय समय पर आयोजित किया गया।
सुबह 5 बजे के बाद गुरुद्वारे में मचा हड़कंप
यह घटना एडमंटन के उत्तर-पूर्वी बाहरी इलाके में स्थित नानकसर गुरसिख गुरुद्वारा मंदिर में सुबह 5 बजे के कुछ समय बाद हुई। एडमंटन पुलिस सर्विस ने बताया कि 14 स्ट्रीट और हॉर्सहिल रोड के पास हुई घटना की सूचना मिलने पर अधिकारियों ने मौके से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। आपातकालीन सेवाओं ने दो घायलों का इलाज किया। दोनों को लगी चोटों को जानलेवा नहीं बताया गया है।
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हमले के पीछे की वजह अभी साफ नहीं
पुलिस ने अभी तक हमले के पीछे की वजह का खुलासा नहीं किया है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि मामले की जांच संभावित घृणा-प्रेरित अपराध यानी हेट क्राइम के तौर पर की जा रही है या नहीं।
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शादी से पहले प्रार्थना में घुसा आरोपी
गुरुद्वारा प्रतिनिधि हरमीत सहगल ने बताया कि एक व्यक्ति गुरुद्वारे के अंदर आया और बाद में होने वाली शादी से पहले चल रही सुबह की प्रार्थना में बाधा डालने लगा। ग्लोबल न्यूज के मुताबिक, सहगल ने कहा, “वह अंदर आया और हंगामा करने लगा। हमारी सुबह की प्रार्थना बाधित हो गई। जो लोग प्रार्थना कर रहे थे, उन्होंने इस व्यक्ति को देखा। ऐसा लग रहा था कि वह यहां आने वाला कोई सामान्य श्रद्धालु नहीं था।”
समझाने की कोशिश नाकाम, हाथापाई के बाद चाकूबाजी
सहगल के मुताबिक, प्रार्थना करा रहे लोगों ने पहले उस व्यक्ति से बात कर उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा, 'वह व्यक्ति किसी की बात नहीं सुन रहा था। इसलिए उन्होंने उसे काबू करने की कोशिश की। उसने भी इसका विरोध किया।' सहगल ने बताया कि आखिरकार लोगों ने उसे काबू कर लिया और उसी दौरान पुलिस को बुलाया गया।
झड़प में दो लोगों को चाकू मारा गया
इसी टकराव के दौरान दो लोगों पर चाकू से हमला किया गया। सहगल ने बताया कि हमले के बाद दोनों घायल होश में थे। उन्होंने कहा, 'आखिरी बार जब मैंने सुना, तब दोनों बात कर रहे थे।' पुलिस के मुताबिक, दोनों घायलों की हालत गंभीर नहीं है और उनकी चोटें जानलेवा नहीं बताई गई हैं।
हिंसा के बावजूद समय पर हुआ शादी समारोह
सुबह हुई इस हिंसक घटना के बावजूद गुरुद्वारे में शादी समारोह को रद्द नहीं किया गया। समारोह सुबह करीब 10:30 बजे निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया गया। सहगल ने कहा कि राहत की बात यह रही कि गुरुद्वारे की संपत्ति को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा और विशेष रूप से सिख धर्मग्रंथ भी सुरक्षित रहे, जिन्हें समुदाय में बेहद पवित्र माना जाता है।
जांच से सामने आएगी घटना की असली वजह
गुरुद्वारा प्रतिनिधि ने कहा कि समुदाय के लोग अब पुलिस की जांच के जरिए यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि आखिर घटना की पूरी परिस्थिति क्या थी और इसके पीछे की वजह क्या रही। उन्होंने कहा, 'पुलिस ही यह तय करने में मदद करेगी। हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि आखिर क्या हुआ और ऐसा क्यों हुआ।'
खुशी के मौके पर छाया हमले का साया
वर्ल्ड सिख ऑर्गनाइजेशन ऑफ कनाडा के प्रवक्ता हरमन कंडोला ने कहा कि चाकूबाजी की इस घटना ने उस समारोह की खुशी को फीका कर दिया, जो एक जश्न का अवसर होना था। कंडोला ने कहा,'यह एक खुशी का मौका होना था, लेकिन अब हमें दो ऐसे लोगों की बात करनी पड़ रही है जो गंभीर रूप से घायल हुए हैं।'
सिख संगठनों ने जताई चिंता
सिख अमेरिकन लीगल डिफेंस एंड एजुकेशन फंड ने धार्मिक स्थल के भीतर हुई हिंसा को बेहद चिंताजनक बताया और घायलों तथा एडमंटन के सिख समुदाय के साथ एकजुटता जताई। संगठन ने कहा,'गुरुद्वारे के भीतर हमला बेहद चिंताजनक है। हमारे गुरुद्वारे पूजा, सेवा और समुदाय के मिलन के स्थान हैं। हमारी संगत को सुरक्षित और बिना किसी डर के एकत्र होने में सक्षम होना चाहिए।'
पीएम ने जताई संवेदनाएं
इस घटना पर दुख जताते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक्स पर लिखा, 'आज सुबह गुरुद्वारा नानकसर में हुआ हमला बेहद निंदनीय और चिंताजनक है। मेरी संवेदनाएं इस भयावह घटना में घायल हुए दोनों लोगों और इस घटना से सदमे में आए पूरे समुदाय के साथ हैं। किसी भी व्यक्ति को अपने पूजा स्थल पर असुरक्षित महसूस नहीं करना चाहिए। इस घटना पर एडमंटन पुलिस सर्विस की त्वरित कार्रवाई के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।'
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गुरुद्वारों से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की अपील
संगठन ने अमेरिका के गुरुद्वारों से अपनी आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा करने की अपील की। उसने कहा कि गुरुद्वारों में बाहर निकलने के रास्ते हमेशा खुले और सुलभ रहने चाहिए तथा स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखना चाहिए। साथ ही, समुदाय के लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने और घटना से जुड़ी केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करने की अपील की गई।