Updated On: Aug 03, 2026 | 09:21 AM IST
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सार
PM Fasal Bima Yojana: गोंदिया में PM फसल बीमा योजना के तहत 59,084 किसानों ने 1.35 लाख आवेदन कर 407.18 करोड़ रुपये का बीमा लिया। आवेदन की अंतिम तिथि अब 10 अगस्त तक बढ़ा दी गई है।

PM फसल बीमा योजना से किसानों को लाभ (सोर्स: AI)
विस्तार
Gondia Farmers Get PM Fasal Bima Yojana: खरीफ सीजन 2026 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रति गोंदिया जिले के किसानों का भरोसा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। कृषि विभाग के अनुसार 1 अगस्त 2026 तक जिले के 59,084 किसानों ने 1,35,930 आवेदन जमा कर 407.18 करोड़ रुपये का फसल बीमा कवरेज प्राप्त किया है।
इसके तहत 67,863 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को बीमा सुरक्षा मिली है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित थी, लेकिन किसानों की सुविधा को देखते हुए इसे बढ़ाकर 10 अगस्त कर दिया गया है। विभाग का मानना है कि अंतिम तिथि बढ़ने से और अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। अब तक किसानों ने योजना के तहत लगभग 41 लाख रुपये का प्रीमियम जमा किया है।
जिले में 40 हजार कर्जदार किसान
फसल बीमा योजना के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष गैर-कर्जदार किसानों ने सबसे अधिक उत्साह दिखाया है। जिले में लगभग 40 हजार कर्जदार किसान होने के बावजूद बैंकों द्वारा सभी किसानों का प्रीमियम समय पर बीमा कंपनियों के पास जमा नहीं कराया जा सका। यही कारण है कि अब तक केवल 8,742 कर्जदार किसान ही इस योजना से जुड़ पाए हैं, जबकि 1,27,788 गैर-कर्जदार किसानों ने आवेदन किया है।
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कृषि विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में 27,806 किसानों ने योजना में आवेदन किया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 59,084 तक पहुंच गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए किसान अब फसल बीमा के महत्व को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं और आर्थिक सुरक्षा के लिए इस योजना को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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एल-नीनो का प्रभाव
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी नीलेश कानवडे ने बताया कि इस वर्ष एल-नीनो के प्रभाव के कारण मौसम की अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में किसानों को 10 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर प्रीमियम जमा करना चाहिए, ताकि प्राकृतिक आपदा, अतिवृष्टि, सूखा या अन्य कारणों से फसल नुकसान होने पर उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले के किसानों को फसल बीमा दावों के रूप में 38 करोड़ रुपये का लाभ मिला था। कृषि विभाग का मानना है कि अधिक से अधिक किसानों के योजना से जुड़ने पर खेती से जुड़े जोखिम कम होंगे और विपरीत परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा। विभाग ने सभी पात्र किसानों से अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
