August 14, 2026

खालिस्तानी पन्नू ने पाकिस्तान से सिखों को भड़काया: PM मोदी को तिरंगा फहराने से रोकने के लिए कहा, 1 हजार डॉलर देने का लालच दिया - Jalandhar News

खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत पन्नू ने भारत के आजादी दिवस 15 अगस्त को लेकर सिखों को भड़काया। पाकिस्तान के लाहौर प्रैस क्लब में पन्नू ने पीएम नरेंद्र मोदी को तिरंगा फहराने से रोकने के लिए उकसाया और एक हजार डॉलर इनाम देने का लालच दिया। देश की अखंडता, संप्र

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पन्नू ने सिख सैनिकों को भी भड़काया पन्नू ने अपने बयान में हिंसा और सशस्त्र संघर्ष का खुला समर्थन किया। आतंकी पन्नू ने भड़काते हुए कहा कि पंजाब की आजादी से ही कश्मीर की आजादी का रास्ता निकलेगा और इसके बाद भारत के टुकड़े-टुकड़े हो जाएंगे। भारतीय सेना में तैनात सिख जवानों को लेकर भी बेबुनियाद दावे किए। बयान के मुताबिक, जब पिछले दिनों भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा था, तब भारतीय सेना के सिख सैनिकों से अपील की गई थी कि वे पाकिस्तान पर हमला न करें, क्योंकि वह गुरु नानक देव जी की जन्मभूमि होने के कारण पवित्र है। दावा किया गया है कि इस अपील के बाद 1800 सिख सैनिकों का डाटा एकत्र किया गया, जिनमें से 200 से 250 सैनिकों का कोर्ट-मार्शल किया गया। हालांकि, भारतीय रक्षा मंत्रालय या सेना की ओर से ऐसे किसी भी भड़काऊ दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। सिखों की आर्मी और शिमला को राजधानी बनाने लिए उकसावा दिया पन्नू ने सिखों को उकसाते हुए कहा कि सिख होमलैंड सिक्योरिटी डिफेंसिव फोर्स नाम से नई आर्मी बनाएंगे। इसके साथ ख्वाब दिखाया गया कि भारत के कब्जे वाले पंजाब को आजाद कराने के बाद 'डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ खालिस्तान' की राजधानी शिमला होगी, क्योंकि 1947 से 1966 में पुनर्गठन होने तक शिमला ही पंजाब की राजधानी थी। इसके अलावा, दिल्ली पर फतेह हासिल करने और लाल किले पर तिरंगे की जगह खालिस्तानी झंडा फहराने का दावा भी किया गया है।

पीएम मोदी को लेकर कही भड़काऊ बातें

  • ड्रग वॉरफेयर : आतंकी पन्नू ने लोगों को भड़काते और मिसगाइड करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पंजाब में सिख युवाओं के शारीरिक और मानसिक संकल्प को अपंग बनाने के लिए पंजाब में व्यवस्थित रूप से हथियारों और नशीले पदार्थों को शामिल करवा रहे हैं।
  • डेट वॉरफेयर : जानबूझकर ऐसी कठोर आर्थिक परिस्थितियां और कृषि संकट पैदा किया जा रहा है, जिसके कारण 2014 से अब तक 18 हजार से अधिक पंजाबी किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा है।
  • डेमोग्राफिक वॉरफेयर : स्थानीय सिख युवाओं को विदेश प्रवास के लिए मजबूर किया जा रहा है और साथ ही पंजाब के भीतर सिख बहुमत को मिटाने के लिए बाहरी (गैर-स्थानीय) मजदूरों को बड़े पैमाने पर बसाया जा रहा है।