July 15, 2026

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष कब से शुरू होगा? जानें श्राद्ध की तिथियां, महत्व और पितृ दोष शांति मंत्र| Navbharat Live

Updated On: Jul 15, 2026 | 09:03 AM IST

विज्ञापन

सार

Pitru Paksha: 15 दिनों के पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किए जाते हैं। मान्यता है कि इस समयावधि में विधि-विधान से किए गए अनुष्ठान पितरों तक पहुंचते है।

Pitru paksha 2026 start date shraddha dates significance pitru dosh mantra

पितृपक्ष (फोटो.सोशल मीडिया)

विस्तार

Pitru Paksha 2026 Start Date And Time: हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से प्रारंभ होता है और ठीक 15 दिन के बाद अमावस्या को समाप्त होता है। पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान करने का समय होता है।

इस दौरान लोग अपने दिवंगत पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूजा-पाठ करते हैं। इस विशेष समय में श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जैसे धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस समयावधि में पितरों की आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं और उनके लिए श्रद्धापूर्वक किए गए कर्मकांड से प्रसन्न होकर अपने परिवार को सुख, समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

पितृ पक्ष में विधि-विधान से श्राद्ध करने से पितृ दोष के प्रभाव कम होते हैं। जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। आइए जानते हैं कि पितृ पक्ष की शुरुआत कब से हो रही है और इस दौरान श्राद्ध की प्रमुख तिथियां कौन-सी हैं।

सम्बंधित ख़बरें

पितृ पक्ष 2026 में कब से शुरू होगा?

हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद पूर्णिमा के अगले दिन से आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की शुरुआत होती है और इसी के साथ पितृ पक्ष आरंभ माना जाता है।

साल 2026 में आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 26 सितंबर की रात 10 बजकर 18 मिनट से शुरू होगी। इसी के साथ श्राद्ध पक्ष शुरु हो जाएगा। पितृ पक्ष का समापन 10 अक्टूबर 2026 को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।

किस दिन श्राद्ध करना है शुभ

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, जिन लोगों को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात होती है, उस के हिसाब से वो तिथि निकालकर पूजा-पाठ इत्यादि संपन्न करते हैं और जिनको किसी कारणवश तिथि का ज्ञान नहीं होता है, वो सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध और तर्पण कर सकते हैं।

पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध तिथियां

  • 26 सितंबर- पूर्णिमा श्राद्ध
  • 27 सितंबर- प्रतिपदा श्राद्ध
  • 28 सितंबर- द्वितीया श्राद्ध
  • 29 सितंबर- तृतीया श्राद्ध एवं महाभरणी
  • 30 सितंबर- चतुर्थी एवं पंचमी श्राद्ध
  • 1 अक्तूबर- षष्ठी श्राद्ध
  • 2 अक्तूबर- सप्तमी श्राद्ध
  • 3 अक्तूबर- अष्टमी श्राद्ध
  • 4 अक्तूबर- नवमी श्राद्ध
  • 5 अक्तूबर- दशमी श्राद्ध
  • 6 अक्तूबर- एकादशी श्राद्ध
  • 7 अक्तूबर- द्वादशी श्राद्ध एवं मघा श्राद्ध
  • 8 अक्तूबर- त्रयोदशी श्राद्ध
  • 9 अक्तूबर- चतुर्दशी श्राद्ध
  • 10 अक्तूबर- सर्वपितृ अमावस्या

ये भी पढ़ें- Miraculous Shakti Peethas: भारत के 3 रहस्यमयी शक्तिपीठ, जिनके चमत्कार आज भी विज्ञान के लिए हैं पहेली

पितृ दोष शांति के लिए मंत्र

पितृ पक्ष में श्रद्धा और भक्ति के साथ ॐ सर्व पितृ देवताभ्यो नमः, मंत्र का जप करना शुभ माना जाता है।

Follow Navbharatlive whatsapp