DU ने 4 साल की ग्रेजुएशन करने वाले विद्यार्थियों के लिए बिना मास्टर डिग्री हासिल किए सीधे PhD में दाखिला लेने का रास्ता खोल दिया है। न्यूनतम 7.5 CGPA पाने वाले उम्मीदवार सीधे पीएचडी कोर्स में एडमिशन पाने के लिए पात्र होंगे।
दिल्ली विश्वविद्यालय ने 4 साल की ग्रेजुएशन करने वाले विद्यार्थियों के लिए बिना मास्टर डिग्री हासिल किए सीधे पीएचडी में दाखिला लेने का रास्ता खोल दिया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक बार की छूट के तहत ग्रेजुएशन में न्यूनतम 7.5 CGPA पाने वाले उम्मीदवार सीधे पीएचडी कोर्स में एडमिशन पाने के लिए पात्र होंगे। आरक्षित वर्गों एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग के लिए न्यूनतम मार्क्स 7 CGPA निर्धारित किए गए हैं।
यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के मद्देनजर 2022-23 में 4-वर्षीय यूजी कोर्स शुरू किया था। सत्र 2022-23 में 75,948 छात्रों ने एडमिशन लिया था, जिनमें से 40,005 छात्र तीसरे वर्ष (2025) में एग्जिट कर गए, जबकि लगभग 35,943 छात्रों ने चौथे वर्ष को चुना।
डीयू को 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए एक साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए 35,943 FYUP स्टूडेंट्स से 12,111 एप्लीकेशन मिले हैं। यूनिवर्सिटी पोस्टग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (PGCF) के तहत 46 एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम में 5,857 सीटें ऑफर कर रही है। DU ने कहा कि सीटों की संख्या दूसरी यूनिवर्सिटीज की तुलना में ज्यादा है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने 71 सीटों के साथ चार प्रोग्राम ऑफर किए हैं और अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली (AUD) ने 210 सीटों के साथ सात प्रोग्राम ऑफर किए हैं।
यूनिवर्सिटी ने कहा कि ऑप्शनल चौथा साल अंडरग्रेजुएट एजुकेशन में रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को मजबूत करने और भारतीय डिग्री को ग्लोबल स्टैंडर्ड के साथ जोड़ने के लिए शुरू किया गया था, एकेडमिक रूप से काबिल ग्रेजुएट तैयार करना भी इसका मकसद था।
यूनिवर्सिटी ने अपने एक साल के PG फ्रेमवर्क के जरिए 46 प्रोग्राम में 5857 सीटें ऑफर की हैं। DU ने कहा कि उपलब्ध सीटों की संख्या एप्लिकेंट्स की संख्या का 48.36 फीसदी है। कुल सीटों में रेगुलर मोड में 2807 सीटें और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) मोड में 3035 सीटें हैं।
DU FYUP के जरिए रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देता है
यूनिवर्सिटी ने कहा कि FYUP ने स्किल-बेस्ड कोर्स, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और कम्युनिटी आउटरीच जैसे एरिया में कॉम्पिटेंसी बढ़ाने की भी शुरुआत की है। इसने उद्यमशीलता के लिए एक खास ट्रैक भी बनाया है, जिसमें उद्यम फाउंडेशन के ज़रिए स्टार्टअप और इनोवेशन को सपोर्ट दिया जाता है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि 25 कॉलेजों ने यूनिवर्सिटी से फंडिंग लेकर स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाए हैं। यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा कि चौथे साल में एकेडमिक प्रोजेक्ट चुनने वाले स्टूडेंट्स से उम्मीद की जाती है कि वे रियल-टाइम प्रॉब्लम पर काम करेंगे और सॉल्यूशन ढूंढेंगे, जिससे उन्हें रियल-वर्ल्ड स्टडी और रिसर्च से जुड़ने का मौका मिलेगा।