
PhD करने वालों के लिए बड़ा मौका.Image Credit source: Mayur Kakade/E+/Getty Images
पीएचडी करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने रिसर्च को इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जोड़ने के लिए एक नई फेलोशिप योजना को मंजूरी दी है. इस प्रोग्राम के तहत चयनित रिसर्चर्स को पांच साल तक आर्थिक मदद दी जाएगी. उन्हें शुरुआती तीन वर्षों में हर महीने 60 हजार रुपये और अगले दो वर्षों में 70 हजार रुपये की फेलोशिप मिलेगी. इसके अलावा एचआरए और इनोवेशन से जुड़े कामों के लिए 10 लाख रुपये तक की अलग ग्रांट भी दी जाएगी. इस योजना में कुल 150 पीएचडी फेलोशिप देने का प्रावधान है.
पांच साल तक मिलेगी फेलोशिप
AICTE की नवाचार एवं उद्यमिता डॉक्टोरल फेलोशिप योजना का मकसद ऐसे रिसर्च को बढ़ावा देना है, जिनका इस्तेमाल वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने में किया जा सके. इस पांच साल के कार्यक्रम के लिए 245 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है.
योजना के तहत चयनित छात्रों को पहले तीन साल तक हर महीने 60 हजार रुपये और चौथे-पांचवें साल में 70 हजार रुपये मिलेंगे. इसके साथ नियमानुसार एचआरए भी दिया जाएगा. रिसर्च के दौरान प्रोटोटाइप तैयार करने, टेस्टिंग, फील्ड ट्रायल और डेटा जुटाने जैसे कामों के लिए प्रत्येक रिसर्चर को 10 लाख रुपये तक का नवाचार अनुदान भी मिल सकता है.
इंडस्ट्री और स्टार्टअप के साथ काम का मौका
इस फेलोशिप की खास बात यह है कि रिसर्चर को इंडस्ट्री, स्टार्टअप, रिसर्च संस्थानों और इनक्यूबेटरों के साथ मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा. उन्हें छह से 12 महीने तक इंडस्ट्रियल एक्सपीरियंस लेने का ऑप्शन भी दिया जाएगा. इस दौरान स्टूडेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट, प्रोटोटाइप बनाने, टेस्टिंग और वेरिफिकेशन जैसे काम कर सकेंगे.
योजना में तकनीकी के साथ गैर-तकनीकी क्षेत्रों में भी मल्टी डिसीप्लिनरी रिसर्च को बढ़ावा देने की बात कही गई है. पेटेंट, प्रोटोटाइप, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्टार्टअप और बाजार में इस्तेमाल होने वाले नए प्रोडक्ट पर जोर रहेगा.
इन संस्थानों में हो सकेगी पढ़ाई
NIRF की टॉप-150 रैंकिंग वाले कॉलेज, इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस और पर्याप्त रिसर्च सुविधाओं वाले संस्थान इस प्रोग्राम के तहत पीएचडी करा सकेंगे. AICTE का लक्ष्य रिसर्च को रोजगार, इंडस्ट्री और एंटरप्रेन्योरशिप से जोड़ना है. इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ प्रैक्टिकल एक्सपीरिएंस भी मिलेगा और उनके रिसर्च को वास्तविक उपयोग तक पहुंचाने के अवसर बढ़ेंगे.

सपना यादव
दिल्ली में जन्मीं सपना यादव TV9 भारतवर्ष डिजिटल में बतौर असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता जगत में 4 वर्षों से ज्यादा के अनुभव के साथ काम जारी है. ह्यूमन इंटरेस्ट, राजनीति, वर्ल्ड, एजुकेशन, नॉलेज, करंट अफेयर्स से जुड़ी खबरों में खास दिलचस्पी रखती हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA Hons. हिस्ट्री की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता को लक्ष्य बनाया, फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा इन टीवी जर्नलिज्म किया, जामिया से ही हिस्ट्री में मास्टर्स भी किया और फिर इसके बाद गुरु जम्बेश्वर साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. मास कम्यूनिकेशन में पत्रकारिता की डिग्री लेने के बाद जमीनी स्तर पर खबरों के महत्व को समझा. इसके बाद उन्होंने बतौर ट्रेनी TV9 भारतवर्ष डिजिटल में एक साल तक काम किया. ट्रेनी के दौरान अलग-अलग तरह की खबरों का अनुभव लेने के बाद TV9 भारतवर्ष डिजिटल में असिस्टेंट प्रड्यूसर के पद पर काम शुरू किया. यहां पर एंकरिंग, वॉइस ओवर, वीडियो प्रोडक्शन, न्यूज राइटिंग जैसे काम किए. इस समय वह एजुकेशन डेस्क पर कार्यरत हैं और स्टूडेंट्स के लिए करियर से जुड़े विकल्पों, बोर्ड परीक्षाओं, नौकरियों और प्रतियोगी परीक्षाओं और यूनिवर्सिटीज की महत्वपूर्ण जानकारियों को कवर कर रही हैं. सपना यादव को ट्रेवल करना, लिखना- पढ़ना पसंद है और वो प्रकृति को करीब से महसूस करना ज्यादा पसंद करती हैं. पत्रकारिता में सफर अभी जारी है.
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