भारत ने पेट्रोल निर्यात पर ड्यूटी शून्य कर दी है, जबकि डीजल और ATF पर शुल्क घटाया है। घरेलू ईंधन की एक्साइज ड्यूटी पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
windfall tax deduction
- Published: 15 Aug 2026, 03:18 PM IST
- Last Updated: 15 Aug 2026, 03:18 PM IST
भारत सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती की है। 15 अगस्त से लागू नए आदेश के तहत पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई। वहीं, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर भी शुल्क घटाया गया।
सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।
पेट्रोल पर ड्यूटी शून्य, डीजल भी सस्ता
सरकार के नए आदेश के मुताबिक पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी 3.50 रुपए प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दी गई। डीजल पर कुल लेवी 25.50 रुपए से घटाकर 24 रुपए प्रति लीटर कर दी गई। वहीं ATF पर निर्यात शुल्क 22 रुपए से घटाकर 19.50 रुपए प्रति लीटर किया गया है।
- पेट्रोल: 3.50 रुपए से घटकर शून्य
- डीजल: 25.50 रुपए से घटकर 24 रुपए
- ATF: 22 रुपए से घटकर 19.50 रुपए
सरकार ने साफ किया है कि ये बदलाव केवल निर्यात के लिए क्लीयर किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू हैं। घरेलू बाजार में इस्तेमाल होने वाले पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी की दरों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
3 अगस्त की बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा वापस
यह कटौती 3 अगस्त को बढ़ाई गई ड्यूटी के करीब दो हफ्ते बाद हुई। उस समय पेट्रोल की निर्यात ड्यूटी 2.50 से बढ़ाकर 3.50 रुपए, डीजल की 15.50 से बढ़ाकर 25.50 रुपए और ATF की 14.50 से बढ़ाकर 22 रुपए प्रति लीटर की गई थी।
सरकार हर पखवाड़े इन दरों की समीक्षा करती है। दरें तय करते समय पिछले रिव्यू के बाद कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत अंतरराष्ट्रीय कीमतों को आधार बनाया जाता है।
मार्च में एटीएफ पर निर्यात शुल्क लगाया था
भारत ने मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ने के बाद डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क दोबारा लगाया था। सरकार का कहना था कि ऊंची वैश्विक कीमतों के कारण रिफाइनरियों के लिए विदेशों में उत्पाद बेचना ज्यादा फायदेमंद हो गया था। ऐसे में घरेलू बाजार में डीजल और ATF की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए शुल्क लगाया गया।
पेट्रोल को इस व्यवस्था में 16 मई 2026 को शामिल किया गया था। इससे पहले जुलाई 2022 में भारत ने पहली बार विंडफॉल टैक्स लागू किया था। दिसंबर 2024 में इसे खत्म कर दिया गया था, लेकिन मार्च 2026 में डीजल और ATF पर निर्यात शुल्क फिर से लागू किया गया।
घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या असर?
निर्यात शुल्क में बदलाव का सीधा असर घरेलू पेट्रोल-डीजल की एक्साइज ड्यूटी पर नहीं पड़ेगा। इसलिए इस फैसले से घरेलू ईंधन की कीमतों में तत्काल बदलाव की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। इसका मुख्य असर पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात और रिफाइनरियों की कमाई पर पड़ेगा।
(प्रियंका कुमारी)