September 5, 2026

Pension Life Certificate: पेंशन रुकने का खतरा? लाइफ सर्टिफिकेट की वैलिडिटी जरूर चेक करें - Haribhoomi

EPS-95 पेंशनर्स का लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की तारीख से एक साल तक वैध रहता है। वैलिडिटी खत्म होने पर पेंशन भुगतान रुक सकता है, इसलिए समय रहते सर्टिफिकेट की स्थिति और तारीख चेक करें। आधार बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन से समर्थ मोबाइल डिवाइस पर भी डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है।

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  • Published: 05 Sep 2026, 04:48 PM IST
  • Last Updated: 05 Sep 2026, 04:48 PM IST

पेंशनर्स के लिए हर महीने खाते में आने वाली पेंशन घर का बजट चलाने का बड़ा सहारा होती। लेकिन पेंशन जारी रखने के लिए सिर्फ बैंक खाता होना काफी नहीं है। पेंशनर को समय-समय पर यह साबित करना होता कि वह जीवित है और पेंशन पाने की पात्रता रखता है। इसके लिए लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी होता है।

हालांकि इसकी वैलिडिटी हर पेंशन व्यवस्था में अलग हो सकती। EPS-95 पेंशनर्स के लिए ईपीएफओ के मुताबिक जीवन प्रमाण के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने पर यह जमा करने की तारीख से एक साल तक वैध रहता है।

लाइफ सर्टिफिकेट की वैलिडिटी खत्म हुई तो क्या होगा? 
अगर लाइफ सर्टिफिकेट की वैलिडिटी खत्म हो जाती और नया प्रमाण पत्र जमा नहीं किया जाता, तो पेंशन वितरण प्राधिकरण आगे की पेंशन का भुगतान रोक या निलंबित कर सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि पेंशन हमेशा के लिए बंद हो गई। जरूरी लाइफ सर्टिफिकेट जमा और स्वीकार होने के बाद लागू नियमों के मुताबिक पेंशन दोबारा शुरू हो सकती। इसलिए पेंशन रुकने का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपने सर्टिफिकेट की वैलिडिटी चेक करना बेहतर है।

EPS-95 वालों के लिए बदला नियम
EPS-95 पेंशनर्स के लिए एक अहम बात यह है कि जीवन प्रमाण यूज करने वालों के लिए हर साल नवंबर में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की पुरानी व्यवस्था बदल चुकी है। डिजिटल सर्टिफिकेट जमा करने की तारीख से एक साल तक वैध रहता।

यानी अगर किसी पेंशनर ने मार्च में सर्टिफिकेट बनाया है तो उसकी वैलिडिटी अगले मार्च तक हो सकती। इसलिए सिर्फ नवंबर को अपनी डेडलाइन मानने की जरूरत नहीं है। अपने पिछले सर्टिफिकेट की तारीख जरूर देखें।

घर से भी बन सकता है डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट 
जीवन प्रमाण की सुविधा अधिकृत केंद्रों, पेंशन वितरण एजेंसियों और उपलब्ध डिजिटल माध्यमों से ली जा सकती है। अब समर्थ एंड्रॉयड और आईओएस डिवाइड के जरिए आधार-बेस्ड फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। ऐसे में हर बार अलग बायोमेट्रिक डिवाइस की जरूरत नहीं पड़ सकती।

सर्टिफेकट बनाने के लिए आधार नंबर, पीपीओ नंबर, बैंक डिटेल और मोबाइल नंबर जैसी पेंशन संबंधी जानकारी चाहिए। इसके बाद जरूरत के मुताबिक बायोमेट्रिक या फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है। जानकारी गलत भरने पर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट रिजेक्ट हो सकता है।

लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के बाद भी करें ये काम
लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के बाद उसका स्टेटस जरूर चेक करें। जीवन प्रमाण के जरिए सर्टिफिकेट को चेक या डाउनलोड किया जा सकता है और यह भी पता लगाया जा सकता है कि वह स्वीकार हुआ या रिजेक्ट।

अगर गलत जानकारी के कारण सर्टिफिकेट रिजेक्ट हो जाए तो पेंशन वितरण एजेंसी से संपर्क कर सही जानकारी के साथ नया Certificate बनाना चाहिए। याद रखें, लाइफ सर्टिफिकेट छोटी-सी औपचारिकता है, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर पेंशन भुगतान में रुकावट आ सकती है।

(प्रियंका कुमारी)