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नर्मदापुरम में गरीब परिवारों को सरकारी राशन बांटने वाली दो PDS दुकानों में करीब 1.04 करोड़ रुपए के खाद्यान्न की अनियमितता सामने आई है। जांच में ई-पॉस मशीन के रिकॉर्ड में हजारों किलो गेहूं-चावल का स्टॉक दर्ज मिला, लेकिन मौके पर उसका 10 प्रतिशत स्टॉक भी नहीं मिला। मामले में दोनों राशन दुकानों को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में करीब 250 से 300 परिवारों को तीन महीने का राशन नहीं मिलने की बात भी सामने आई है। प्रशासन ने दुकान संचालक समिति के प्रबंधक प्रकाश तिवारी और विक्रेता हर्ष तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी खाद्यान्न के गबन के मामले में FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। दोनों को पिता-पुत्र बताया गया है।

राशन दुकान।
ई-पॉस में 14 हजार किलो गेहूं, मौके पर 300 किलो
29 अक्टूबर 2025 को संयुक्त आपूर्ति अधिकारी के भौतिक सत्यापन में ई-पॉस रिकॉर्ड और मौके पर मिले खाद्यान्न के स्टॉक में बड़ा अंतर सामने आया।
दुकान कोड 2601055 में ई-पॉस पर 14,070 किलो गेहूं दर्ज था, जबकि मौके पर सिर्फ 300 किलो मिला। चावल का स्टॉक 3,406 किलो दर्ज था, लेकिन मौके पर 100 किलो ही मिला।
इसी तरह दुकान कोड 2601065 में रिकॉर्ड के अनुसार 20,757 किलो गेहूं होना था, लेकिन मौके पर 400 किलो मिला। चावल का स्टॉक 4,919 किलो दर्ज था, जबकि मौके पर सिर्फ 200 किलो मिला।

एफआईआर के बाद कोतवाली थाने में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमित साहू ने शिकायत पत्र दिया।
दोनों दुकानों में 1.03 करोड़ की अनियमितता
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, दुकान कोड 2601055 में विक्रेता हर्ष तिवारी के स्तर पर 33 लाख 17 हजार 161 रुपए के खाद्यान्न की अनियमितता पाई गई। दूसरी दुकान कोड 2601065 में प्रकाश तिवारी के स्तर पर 70 लाख 82 हजार 690 रुपए की अनियमितता सामने आई।
दोनों दुकानों को मिलाकर कुल राशि 1 करोड़ 3 लाख 99 हजार 851 रुपए बताई गई है।
रिकॉर्ड में पहले ही बांट दिया राशन, परिवारों को नहीं मिला
जांच में सामने आया कि अगस्त 2025 में अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन की मांग की गई थी। इसमें मई 2025 में ही जून, जुलाई और अगस्त का राशन बांटे जाने की जानकारी दर्ज थी। हालांकि, जांच के दौरान करीब 300 परिवारों ने राशन नहीं मिलने की बात बताई।
इससे रिकॉर्ड में दर्ज राशन वितरण और वास्तविक वितरण के बीच अंतर सामने आया।

सरोज परिहार, डिप्टी कलेक्टर, प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी।
एक साल बाद FIR के निर्देश
मामला सामने आने के करीब एक साल बाद प्रशासन ने एफआईआर की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी सरोज सिंह परिहार ने 28 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर दोनों दुकानों के प्रबंधक और विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमित साहू ने कोतवाली थाने में शिकायत भी दी है। हालांकि, फिलहाल एफआईआर दर्ज होना बाकी है।
दोनों दुकानें निलंबित, दूसरी दुकानों से राशन मिलेगा
प्रशासन ने दोनों PDS दुकानों को निलंबित कर दिया है। दुकान कोड 2601055 को जय भोले प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, वार्ड 4, 10 और 11 से अटैच किया गया है। वहीं दुकान कोड 2601065 को बालागंज प्राथमिक उपभोक्ता भंडार, वार्ड 7, 8 और 9 से जोड़ा गया है।
इस व्यवस्था से प्रभावित हितग्राहियों को दूसरी दुकानों के माध्यम से राशन दिया जाएगा।

एक करोड़ के राशन घोटाले आरोपी प्रकाश तिवारी ने सेल्समैन संगठन के साथ वेतनमान बढ़ाने की मांग के लिए तीन दिन पहले ज्ञापन सौंपा था।
1.04 करोड़ की होगी वसूली
प्रशासन के अनुसार दोनों आरोपियों से 1,03,99,851 रुपए की राशि भू-राजस्व की तरह वसूल की जाएगी। मामले में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश, 2015 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
फिलहाल पुलिस में FIR दर्ज होना बाकी है। लगाए गए आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।